
SWAYAM MOOC : क्या है स्वयं प्लेटफॉर्म, क्या हैं मूक कोर्सेज, जानें इसकी वेल्यू, फायदे और दाखिला प्रक्रिया
संक्षेप: SWAYAM MOOC Courses : स्वयं की फुल फॉर्म है स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स। स्वयं प्लेटफॉर्म पर कक्षा 9वीं से 12वीं, यूजी और पीजी लेवल के सैंकड़ों नॉन इंजीनियरिंग स्ट्रीम के मूक कोर्सेज उपलब्ध हैं।
SWAYAM MOOC Courses : आज एआई के जमाने में युवा प्रोफेशनल्स को अपनी स्किल्स बढ़ाने की काफी जरूरत हो गई है। लेकिन नौकरी के साथ साथ कैसे अपनी स्किल्स को बढ़ाया जाए। ऐसे स्थिति में मूक कोर्सेज (MOOC) भारत में काफी तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं। भारतीय छात्र और कामकाजी पेशेवर अपनी स्किल बढ़ाने के लिए MOOC कोर्सेज को तेजी से अपना रहे हैं। फ्री ऑनलाइन मूक कोर्सेज की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए भारत सरकार ने कुछेक साल पहले स्वयं (SWAYAM) नाम का एक स्वदेशी एजुकेशनल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जिस पर ढेरों मूक कोर्सेज (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स) उपलब्ध हैं। स्वयं SWAYAM की फुल फॉर्म है स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स। कम से कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अच्छी शिक्षा पहुंच सके, इस मकसद से इसकी शुरुआत की गई। आज स्वयं प्लेटफॉर्म पर कक्षा 9वीं से 12वीं, यूजी और पीजी लेवल के सैंकड़ों नॉन इंजीनियरिंग स्ट्रीम के मूक कोर्सेज उपलब्ध हैं। स्वयं प्लेटफर्म को मानव संसाधन विकास मंत्रालय और AICTE (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) ने माइक्रोसॉफ्ट की मदद से मिलकर विकसित किया है। आज 2,000 से भी ज्यादा विभिन्न विषयों से जुड़े मूक कोर्स स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

स्वयं प्लेटफॉर्म के जरिए देश के दूर दराज के क्षेत्र में बैठे ग्रामीण परिवेश के बच्चे भी फ्री ऑनलाइन कोर्स मूक कर सकते हैं। मूक के सभी कोर्स इंटरैक्टिव हैं और देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए हैं। यह किसी भी विद्यार्थी के लिए निशुल्क उपलब्ध हैं। मूक में नॉन इंजीनियरिंग कोर्सेज हैं। इनमें बायोकेमिस्ट्री /बायोटेक्नोलॉजी/बायोलॉजिकल साइंसेज एवं बायोइंजीनियरिंग, शिक्षा, कानून, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग, वाणिज्य, प्रबंधन, फार्मेसी, गणित, इतिहास, हिन्दी, संस्कृत आदि जैसे विषय क्षेत्र शामिल हैं। छात्र, शिक्षक, जीवन पर्यंत सीखने के इच्छुक लोग, वरिष्ठ नागरिक एवं गृहणियां एडमिशन ले सकती हैं।
2,000+ फ्री ऑनलाइन कोर्सेज
इन दिनों स्टूडेंट्स स्वयं पोर्टल पर 2,000+ फ्री ऑनलाइन कोर्सेज कर सकते हैं। इस पोर्टल पर वीडियो लेक्चर्स अरेंज किये जाते हैं और स्टूडेंट्स अपने डॉउट्स क्लियर करने के लिए टीचर्स या इंस्ट्रक्टर्स से ऑनलाइन डिस्कशन भी कर सकते हैं। हरेक सब्जेक्ट के मुताबिक समुचित स्टडी मटीरियल भी आपको इस पोर्टल पर मिलेगा। इसी तरह अपना कोर्स पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स सेल्फ इवैल्यूएशन टेस्ट दे सकते हैं।
कोर्स की नहीं, परीक्षा की फीस होती है
SWAYAM प्लेटफॉर्म के जरिए कराए जाने वाले ऑनलाइन कोर्सेज फ्री हैं। हालांकि SWAYAM सर्टिफिकेट चाहने वाले शिक्षार्थियों को परीक्षाओं के लिए पंजीकरण करना होता है जिसके लिए शुल्क देना होता है और तय तिथि व स्थान पर एग्जाम देने आना होता है।
परीक्षाएं कैसे होती हैं
अभी तक स्वयं कोर्सेज की परीक्षाएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एनहांस्ड लर्निंग (एनपीटीईएल) के माध्यम से करायी जाती रही हैं। लेकिन यूजीसी ने कहा है कि स्वयं प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऑनलाइन कोर्सेज को करने वाले परीक्षार्थी अपने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में भी भाग ले सकेंगे। अपने ही विश्वविद्यालय में एग्जाम देने की सुविधा मिलेगी। SWAYAM पर कोर्स पूरा करने वाले छात्रों के पास अब अपने विश्वविद्यालय में SWAYAM परीक्षा देने का विकल्प होगा।
कैसे करें खुद को रजिस्टर
swayam.gov.in पर जाकर आप खुद को रजिस्टर कर फ्री ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं।
क्या है कोर्स जॉइन करने की पात्रता
स्वयं पोर्टल swayam.gov.in के जरिए ऑफर किए जाने वाले ऑनलाइन शिक्षा कोर्स को कोई भी, कहीं भी, कभी भी एक्सेस कर सकता है।
सर्टिफिकेट
जो छात्र अपने पाठ्यक्रमों के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें SWAYAM पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करना होगा। साथ ही पाठ्यक्रम के सफलतापूर्वक खत्म होने के बाद ही छात्रों को प्रमाण पत्र मिलते हैं।
क्रेडिट
प्रत्येक कोर्स के अंत में छात्रों का एक परीक्षा से मूल्यांकन किया जाता है। परीक्षा में छात्रों द्वारा प्राप्त अंक/ग्रेड उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड में स्थानांतरित किए जा सकते हैं। इसे लागू करने के लिए यूजीसी ने यूजीसी (SWAYAM के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए क्रेडिट फ्रेमवर्क) विनियमन 2016 जारी किया है, जिसमें विश्वविद्यालयों को उन पाठ्यक्रमों की पहचान करने की सिफारिश की गई है जिनमें क्रेडिट छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड में ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए समन्वयक बनाए गए हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रमों के लिए AICTE (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद)
- इंजीनियरिंग के लिए NPTEL (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संवर्धित शिक्षण कार्यक्रम)
- गैर-तकनीकी स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग)
- स्नातक शिक्षा के लिए सीईसी
- स्कूली शिक्षा के लिए एनसीईआरटी
- स्कूली शिक्षा के लिए एनआईओएस
- स्कूल से बाहर के छात्रों के लिए - इग्नू
- प्रबंधन अध्ययन के लिए - IIMB (भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर)
- शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए NITTTR
- गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए INI





