घर बैठे फ्री में सीखें AI से लेकर रोबोटिक्स तक के कोर्स, न उम्र की टेंशन, न पैसों की फिक्र
भारत सरकार के स्वयं पोर्टल पर कई फ्री ऑनलाइन कोर्सेज के लिए मौजूद हैं, जिसमें शामिल होकर आप अपने भविष्य को नई दिशा दे सकेंगे।

आज के इस गलाकाट कॉम्पिटिशन वाले दौर में जहां तकनीक हर पल करवट बदल रही है, वहां खुद को वक्त के साथ अपडेट रखना कोई शौक नहीं बल्कि एक बड़ी जरूरत बन चुका है। अगर आप भी अपने करियर में ठहराव महसूस कर रहे हैं या फिर नई स्किल्स सीखकर किसी बड़ी कंपनी में छलांग लगाने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार खबर है। शिक्षा मंत्रालय की शानदार पहल 'स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स' (SWAYAM) ने फ्री ऑनलाइन कोर्सेज मुहैया करा रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि सीखने की इस प्रक्रिया में न तो उम्र की कोई बंदिश है और न ही पैसों की कोई तंगी आपके आड़े आएगी। आप चाहें स्टूडेंट हों, किसी कंपनी में काम करने वाले पेशेवर हों या फिर बस नई चीजें सीखने का जज्बा रखने वाले इंसान हो... पढ़ाई के लिए यह प्लेटफॉर्म हर कोई इस्तेमाल कर सकता है।
क्या है स्वयं (SWAYAM) की खासियत?
स्वयं पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां आपको देश के टॉप संस्थानों के दिग्गज प्रोफेसर्स के वीडियो लेक्चर्स मिलते हैं। यानी पढ़ाई का स्तर बिल्कुल विश्वस्तरीय होता है। यहां एनरोलमेंट और पढ़ाई पूरी तरह से मुफ्त है। हालांकि, अगर आप कोर्स पूरा करने के बाद अपनी सीवी में लगाने के लिए एक पक्का सर्टिफिकेट चाहते हैं, तो आपको एक तय फीस देकर परीक्षा में बैठना होगा। यह सर्टिफिकेट नौकरी के इंटरव्यू में आपकी बहुत मदद कर सकता है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि इस बार कौन कौन से अहम कोर्सेज ऑफर किए जा रहे हैं -
रोजमर्रा के काम में एआई (AI for Daily Productivity)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज के वक्त का सबसे गरम मुद्दा है। फ्लेम यूनिवर्सिटी (FLAME University) और इंडस्ट्री के जानकारों की मदद से तैयार यह कोर्स उन लोगों के लिए है जो AI का इस्तेमाल करके अपने रोजमर्रा के काम को आसान और तेज बनाना चाहते हैं। चार हिस्सों में बंटे इस कोर्स में आपको प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग से लेकर एआई टूल्स के इस्तेमाल तक की बुनियादी बातें सिखाई जाएंगी। अगर आपको एआई की 'एबीसीडी' भी नहीं आती, तो भी बेझिझक इसमें शामिल हो सकते हैं।
सी और सी++ (C and C++)
सॉफ्टवेयर की दुनिया में सी और सी++ को कोडिंग की नींव माना जाता है। आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर कन्नन मौदगल्या द्वारा तैयार इस कोर्स में 20 ऑडियो वीडियो ट्यूटोरियल्स हैं। यह आपको सेल्फ स्टडी के जरिए सी और सी++ (जिसमें क्लास, इनहेरिटेंस और पॉलीमॉर्फिज्म जैसे फीचर्स शामिल हैं) की गहरी समझ देता है। स्कूली बच्चों से लेकर कॉलेज के छात्रों तक के लिए यह एक बेहतरीन शुरुआत है।
एडवांस रोबोटिक्स (Advanced Robotics)
मशीनें अब सिर्फ कारखानों तक सीमित नहीं हैं, वे हमारी जिंदगी का हिस्सा बन रही हैं। एनपीटीईएल (NPTEL) पर आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर आशीष दत्ता का यह 'सेकंड लेवल' कोर्स उन लोगों के लिए है जो रोबोटिक्स में थोड़ी बहुत जानकारी पहले से रखते हैं (खासकर गणित की)। इसमें काइनेमेटिक्स, सेंसर्स, एक्चुएटर्स और दो पैरों पर चलने वाले रोबोट्स (biped gait) की डिजाइनिंग जैसी एडवांस चीजें सिखाई जाएंगी।
ब्लॉकचेन और इसके इस्तेमाल (Blockchain and its Applications)
आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर संदीप चक्रवर्ती और प्रोफेसर शामिक सुरल का यह 12 हफ्ते का कोर्स आपको ब्लॉकचेन की रहस्यमयी दुनिया से रूबरू कराएगा। इसमें डिजिटल सिग्नेचर, हैश फंक्शन और एथेरियम (Ethereum) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हाथों हाथ काम करने का मौका मिलेगा। आज के समय में डेटा सुरक्षा को देखते हुए यह कोर्स मार्केट में आपको काफी आगे ला सकता है।
क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing)
इंटरनेट की दुनिया अब हार्ड ड्राइव से निकलकर 'क्लाउड' पर जा बसी है। आईआईटी खड़गपुर के ही प्रोफेसर सौम्य कांति घोष द्वारा पढ़ाया जाने वाला यह 12 हफ्ते का कोर्स कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स के छात्रों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। इसमें आपको क्लाउड आर्किटेक्चर, डेटा हैंडलिंग और सर्वरलेस कंप्यूटिंग जैसी एडवांस तकनीकें सिखाई जाएंगी।
मौका हाथ से न जाने दें
कुल मिलाकर, स्वयं पोर्टल भारत में डिजिटल शिक्षा की एक ऐसी क्रांति है जो ज्ञान को देश के कोने कोने तक पहुंचा रही है। इन कोर्सेज की मदद से आप घर बैठे वो स्किल्स हासिल कर सकते हैं, जिनके लिए लोग लाखों रुपये खर्च करते हैं। तो अपने कैलेंडर में 19 जनवरी की तारीख को मार्क कर लें और खुद को अपग्रेड करने के इस शानदार सफर का हिस्सा बनें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


