Success Story: मजदूर की बेटी किया कमाल, टॉप यूनिवर्सिटी में मिला LLM में दाखिला; CLAT में आए थे इतने नंबर
मजदूर की बेटी अंजनप्रिया ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद देश की प्रतिष्ठित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) में LLM (क्रिमिनल लॉ) में दाखिला हासिल किया है। उनकी सफलता आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। चलिए सत्यला से मिलवाते हैं।

कहते हैं कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ान होती है। आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव की रहने वाली सत्यला अंजनप्रिया ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। मजदूर की बेटी अंजनप्रिया ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद देश की प्रतिष्ठित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) में LLM (क्रिमिनल लॉ) में दाखिला हासिल किया है। उनकी सफलता आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। आइए जानते हैं, कौन हैं सत्यला अंजनप्रिया और कैसी रही उनकी संघर्ष से सफलता तक की कहानी।
कौन है सत्यला अंजनप्रिया
आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास एक छोटे से गांव की रहने वाली सत्यला अंजनप्रिया एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी हैं। उन्होंने इस साल गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) के LLM (क्रिमिनल लॉ) कोर्स में दाखिला हासिल किया है। खास बात यह है कि इस साल दक्षिण भारत से इस कोर्स में चयनित होने वाली वह एकमात्र उम्मीदवार हैं।
सत्यला अंजनप्रिया ने कहा से की है पढ़ाई
अंजनप्रिया काफी पढ़ी-लिखी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूलों से की। इसके बाद उन्होंने विजयवाड़ा के एक निजी कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। फिर AP LAWCET परीक्षा में 88वीं रैंक हासिल कर आंध्र विश्वविद्यालय के डॉ. बी.आर. आंबेडकर कॉलेज ऑफ लॉ में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड BA-LLB कोर्स में प्रवेश लिया। उन्होंने साल 2025 में अपनी कानून की पढ़ाई पूरी की।
सफर नहीं था आसान
हालांकि, उनका यह सफर आसान नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी, जिसकी वजह से उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पढ़ाई के दौरान सामाजिक चुनौतियां भी आईं, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। यहां तक किस्मत ने भी उनका साथ नहीं दिया। कुछ वजहों से उन्हें सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल सका। ऐसे में उन्होंने निजी संस्थाओं की छात्रवृत्ति के सहारे अपनी पढ़ाई जारी रखी। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अंजनप्रिया का कहना है कि अगर ये छात्रवृत्तियां नहीं मिलतीं, तो उनके लिए पढ़ाई जारी रखना बेहद मुश्किल हो जाता।
क्लैट (CLAT) में आए थे इतने अंक
हायर एजुकेशन हासिल करने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए अंजनप्रिया ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) दिया, जिसमें उन्होंने 120 में से 70 अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) के गांधीनगर और दिल्ली कैंपस में आवेदन किया। अंजनप्रिया का चयन गांधीनगर मेन कैंपस के LL.M. (क्रिमिनल लॉ) कोर्स में हुआ। इस कोर्स में हर साल केवल 20 सीटें होती हैं। इस साल दक्षिण भारत से चयनित होने वाली वह एकमात्र छात्रा हैं।
भविष्य में क्या बनेंगी
अंजनप्रिया की क्रिमिनल लॉ विषय में खास रुचि है। उनका सपना न्यायिक अधिकारी (Judicial Officer) बनना है। साथ ही वह फॉरेंसिक साइंस की गहरी समझ हासिल करना चाहती हैं, ताकि आपराधिक न्याय व्यवस्था में इसकी भूमिका को बेहतर तरीके से समझ सकें।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय आंध्र विश्वविद्यालय को भी दिया। अंजनप्रिया ने कहा कि विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी और लॉ विभाग की लाइब्रेरी उनके लिए दूसरे घर जैसी थीं। वहीं, उनके प्रोफेसरों ने हमेशा उन्हें आगे पढ़ाई करने के लिए प्रेरित और मार्गदर्शन दिया।
पहली लॉ ग्रेजुएट
रिपोर्ट्स में आंध्र विश्वविद्यालय के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि अंजनप्रिया विश्वविद्यालय की पहली लॉ ग्रेजुएट हैं, जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत संचालित NFSU गांधीनगर मुख्य परिसर में प्रवेश मिला है। NFSU दुनिया की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी है, जो फॉरेंसिक साइंस और उससे जुड़े विषयों की पढ़ाई के लिए समर्पित है। इसके LL.M. (क्रिमिनल लॉ) कार्यक्रम में हर साल केवल 20 छात्रों को ही प्रवेश दिया जाता है।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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