ना IIT, ना टॉप कॉलेज... Tier-3 कॉलेज से इंजीनियरिंग ; 90 दिन में मिली Google में नौकरी

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सिमरन वर्मा ने टियर-3 कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। लेकिन अपनी मेहनत और लगातार सीखने की चाह के दम पर उन्होंने Google में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट अप्रेंटिसशिप हासिल की। 90 दिनों के इस अप्रेंटिसशिप ने उनका जीवन बदलकर रख दिया।

गूगल सक्सेस स्टोरी सिमरन वर्मा

हर बड़ा सपना किसी बड़े संस्थान से नहीं, बल्कि बड़े इरादों से पूरा होता है। अगर आपके अंदर कुछ करने का दृढ़ निश्चय या विश्वास हो, तो सफलता पाने के लिए यह मायने नहीं रखता है कि आपने किस संस्थान से पढ़ाई की है। इस बात को सिमरन वर्मा ने सच साबित किया है। सिमरन वर्मा ने टियर-3 कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। लेकिन अपनी मेहनत और लगातार सीखने की चाह के दम पर उन्होंने Google में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट अप्रेंटिसशिप हासिल की। 90 दिनों के इस अप्रेंटिसशिप ने उनका जीवन बदलकर रख दिया। हालांकि टियर-3 कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद गूगल तक का सफर सिमरन के लिए आसान नहीं था।

सिमरन वर्मा ने लिंक्डइन पर अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि Google में बिताए पहले 90 दिनों ने उनके करियर और सोच, दोनों को पूरी तरह बदल दिया। सिमरन वर्मा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मैंने चार साल तक डिस्टिलेशन कॉलम जैसे विषय पढ़े, लेकिन उन्हें कभी अपने काम में इस्तेमाल नहीं किया। तीन महीने पहले मैंने Google में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट अप्रेंटिसशिप की शुरुआत की।

केमिकल इंजीनिरिंग की डिग्री

उन्होंने कहा कि जब वह अपने सफर को पीछे मुड़कर देखती हैं, तो महसूस होता है कि टियर-3 कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर Google जैसी दुनिया की बड़ी टेक कंपनी तक पहुंचना बिल्कुल भी सामान्य या तय रास्ता नहीं था। सिमरन ने लिखा, "अगर आप टियर-3 कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हैं, तो लोग मान लेते हैं कि आपका करियर पहले से तय है। कोई यह नहीं सोचता कि आप Google में बड़े प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व करने वाली भूमिका तक पहुंच सकते हैं।"

सफलता के पीछे कई लोग

सिमरन के अनुसार, Google में यह अवसर उनके लिए अपनी कहानी को नए सिरे से लिखने जैसा था। उन्होंने लिखा, "इस भूमिका में कदम रखना मेरे लिए अपनी किस्मत खुद लिखने जैसा था। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि कोई भी इंसान अपने सपनों का करियर पूरी तरह अकेले नहीं बना सकता। हर सफलता के पीछे कुछ ऐसे लोग जरूर होते हैं, जो मुश्किल समय में आपका साथ देते हैं।"

सिमरन वर्मा ने अपने उन दोस्तों और मेंटर्स का भी आभार जताया, जिन्होंने करियर बदलने के दौरान हर कदम पर उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन, भरोसे और लगातार मिले प्रोत्साहन की बदौलत वह इस बदलाव को बेहतर तरीके से समझ सकीं और Google में अपनी नई भूमिका में आसानी से खुद को ढाल पाईं।

चुनौतियों के लिए तैयार

पोस्ट के अंत में सिमरन ने कहा कि पिछले तीन महीने उनके लिए लगातार सीखने और खुद को निखारने का दौर रहे। उन्होंने लिखा, "इन 90 दिनों में मैंने प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन से आगे बढ़कर अलग-अलग टीमों के साथ एजाइल तरीके से काम करना सीखा। 90 दिन पूरे हो चुके हैं और अब मेरी रफ्तार लगातार बढ़ रही है। करियर के अगले अध्याय में जो भी चुनौतियां आएंगी, मैं उनका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।"

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए ये रिएक्शन

सिमरन वर्मा की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कई यूजर्स ने उनके करियर बदलने के फैसले, मेहनत और हिम्मत की जमकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, "आपकी ईमानदारी बेहद प्रेरणादायक है। आपकी डिग्री ने सिर्फ शुरुआत करने में मदद की, लेकिन सीखने और खुद को बदलने की इच्छा ने आपका करियर बनाया। यह उन लोगों के लिए बड़ी सीख है, जो खुद को किसी वजह से रुका हुआ महसूस करते हैं।"

दूसरे यूजर ने लिखा, "यह सफलता पूरी तरह आपकी मेहनत का नतीजा है। Google में पहले 90 दिन शानदार तरीके से पूरे करने पर बहुत-बहुत बधाई। आपके करियर के अगले पड़ाव के लिए ढेरों शुभकामनाएं।" वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “आपने बहुत लंबा सफर तय किया है और अभी आगे भी कई नई मंजिलें आपका इंतजार कर रही हैं। आने वाले समय में आपकी नई उपलब्धियों और सीख का बेसब्री से इंतजार रहेगा।”

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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