Success Story: IIT से बीटेक के बाद टीवी एक्टर, माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी; फिर सब छोड़ UPSC किया क्रैक
अभय डागा महाराष्ट्र के वर्धा के मूल निवासी हैं। उन्होंने दूसरे प्रयास में UPSC परीक्षा पास की। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 185 हासिल की और वे विदर्भ क्षेत्र के टॉपर बने। अभय फेमस बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र डागा और डॉ. मीना डागा के बेटे हैं।

देश के लाखों युवा हर साल UPSC की सिविल सर्विस परीक्षा पास करने के बाद आईएएस और आईपीएस बनने का सपना देखते हैं। लेकिन इस सपने को कुछ ही लोग सच कर पाते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपने शानदार करियर को छोड़ यूपीएससी परीक्षा पास करने की राह पर निकल जाते हैं। इन्हीं में से एक नाम अभय डागा का है, जिन्होंने एक टीवी एक्टर के करियर और माइक्रोसॉफ्ट में शानदार जॉब छोड़कर सिविल सर्विस एग्जाम को पास किया। उनकी कहानी काफी प्रेरणा दायक है। यहां जानिए उनकी सक्सेस स्टोरी।
महाराष्ट्र के निवासी
अभय डागा महाराष्ट्र के वर्धा के मूल निवासी हैं। उन्होंने दूसरे प्रयास में UPSC परीक्षा पास की। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 185 हासिल की और वे विदर्भ क्षेत्र के टॉपर बने। अभय फेमस बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र डागा और डॉ. मीना डागा के बेटे हैं। 10वीं तक BVB Lloyds Vidya Niketan School वर्धा से पढ़ाई करने के बाद इंटरमीडिएट के लिए वह हैदराबाद चले गए थे। वहां उन्होंने स्कूली पढ़ाई के साथ जेईई परीक्षा की भी तैयारी की।
आईआईटी खड़गपुर से की पढ़ाई
इसके बाद अभय डागा ने आईआईटी खड़गपुर से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में पांच वर्षीय एकीकृत बीटेक-एमटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद अभय ने एक साल तक अमेरिका में काम किया। इसके बाद उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी मिलने पर भारत लौटने का फैसला किया। वहां उनकी जिम्मेदारी साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी थी।
टीवी सीरियल में बने एक्टर
आईआईटी सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज के लिए भी जाना जाता है। अभय डागा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आईआईटी खड़गपुर में पढ़ाई के दौरान उनकी दिलचस्पी एक्टिंग और थिएटर में बढ़ी। साल 2018 में उन्होंने स्टार प्लस के लोकप्रिय टीवी शो 'सिया के राम' में शत्रुघ्न का किरदार निभाया। इसके बाद उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम किया।
यूपीएससी के लिए छोड़ी नौकरी
टीवी इंडस्ट्री और माइक्रोसॉफ्ट में प्रॉमिसिंग करियर होने के बावजूद अभय डागा ने जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क लिया। साल 2021 में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की लाखों के पैकेज वाली नौकरी से रिजाइन कर दिया और फुल टाइम यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उनकी मेहनत रंग लाई और 2023 में वह दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक, यूपीएससी सीएसई में सफल हो गए। अभय डागा की यूपीएससी सीएसई रैंक 185 थी।
इतने अंक किए थे हासिल
बता दें कि अभय राजेंद्र डागा ने यूपीएससी मेंस परीक्षा में 799 और इंटरव्यू में 179 अंक हासिल किए थे। यूपीएससी सीएसई 2023 में 185वीं रैंक के साथ उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में सरकारी नौकरी मिल गई। ips.gov.in वेबसाइट के मुताबिक, आईपीएस अभय राजेंद्र डागा का होम स्टेट महाराष्ट्र है और उन्हें यूपी कैडर अलॉट किया गया है।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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