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निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी-एसटी छात्रों को जीरो फीस पर दाखिले अगले साल से!

उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थान में एससी, एसटी अभ्यर्थियों को जीरो फीस पर दाखिले को लेकर योगी सरकार विचार कर रही है। इसे लेकर समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने गुरुवार को विधानभा में जानकारी द

निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी-एसटी छात्रों को जीरो फीस पर दाखिले अगले साल से!
Alakha Singhविशेष संवाददाता,लखनऊFri, 01 Dec 2023 07:45 AM
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प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र-छात्राओं के दाखिले जीरो फीस पर दाखिले की व्यवस्था अगले साल निजी शिक्षण संस्थानों में भी लागू हो सकती है। सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगले साल निजी शिक्षण संस्थानों में भी इस व्यवस्था को लागू करने के बारे में तय किया जाएगा। मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट होकर सपा सदस्यों ने प्रदेश सरकार पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाते हुए सदन से बर्हिगमन किया। सपा सदस्यों का कहना था कि जीरो फीस पर दाखिला नहीं हो पा रहा है। अयोध्या की सोहावल विधान सभा सीट से सपा के वरिष्ठ विधायक अवधेश प्रसाद, लालजी वर्मा और डा.रागिनी सोनकर ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं क्योंकि उन्हें जीरो फीस पर दाखिल नहीं मिल पा रहे हैं।

चर्चा का जवाब देते हुए समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पहले जीरो फीस पर दाखिले होते थे, छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति से फीस की भरपाई होती थी मगर बाद में यह व्यवस्था बंद कर दी गयी। इसके बाद केन्द्र सरकार ने एक नयी व्यवस्था फ्रीशिप कार्ड की शुरू की। इसके तहत जो छात्र-छात्राएं जीरो फीस पर दाखिला चाहते हैं वह समाज कल्याण के पोर्टल पर विवरण दर्ज करवाएंगे, उसके बाद उन्हें फ्रीशिप कार्ड मिलेगा।


एडेडे स्कूल के शिक्षकों को भी नि:शुल्क चिकित्सा देने की संभावना:
सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा देने पर विचार करेगी सरकार। गुरुवार को विधान परिषद में शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी द्वारा उठाये गये संबंधित मुद्दे पर नेता सदन के रूप में मौजूद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने यह आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में परीक्षण कराकर नियमों में क्या व्यवस्था है उसे देखकर शीघ्र ही निर्णय लिया जायेगा। शुन्यकाल में शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने एडेड स्कूलों के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा का प्रावधान नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि एटेट स्कूलों के शिक्षकों को यह सुविधा मिले िसके लिए लम्बे समय से शिक्षक आन्दोलन कर रहे हैं। इस सदन में भी कई बार यह मामला उठ चुका है लेकिन शिक्षकों के लिए बेहद जरूरी एवं संवेदनशील इस मांग को लगातार अनदेखी की जा रही है। यह शिक्षकों और उनके जीवन के साथ सौतेला व्यवहार है। सरकार की जिम्मेदारी भी है शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा। हम उसी जिम्मेदारी के तहत मांग करते हैं कि शिक्षको का भला किया जाये। इस पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि राजकीय कर्मचारियों की सेवा शर्तें एवं एडेड स्कूलों के शिक्षकों की सेवा शर्तें अलग-अलग हैं। ऐसे में शिक्षकों के लिए इस तरह की कोई अलग से सुविधा का कोई प्रावधान नहीं है। इस पर ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए पीठ से हस्तक्षेप की मांग की। इस पर नेता सदन की भूमिका में मौजूद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने परीक्षण कराकर नियमों पर विचार करने का आश्वासन दिया।

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