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21 सितम्बर, 2020|8:53|IST

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World Elephant Day: देश में बचे हैं केवल इतने हजार हाथी, इस राज्य में हो रहीं सबसे ज्यादा मौतें

दुनियाभर में 12 अगस्त को हाथी दिवस (World Elephant Day) के रूप में मनाया जाता है। एशियाई और अफ्रीकी हाथियों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता पैदा करने और ध्यान आकर्षित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन को पहली बार 12 अगस्त, 2012 को लॉन्च किया गया था।

2017 में हुई थी गिनती 
देश में 2017 में आखिरी बार हाथियों की गिनती की गई थी। 2017 में हुई हाथियों की गिनती के अनुसार भारत में 30 हजार हाथी हैं, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या कम होती जा रही है। 

केरल में सबसे ज्यादा मौतें 
हाथियों की मौत के मामले में केरल भारत का सबसे बदनाम राज्य है, जहां हर तीन दिन में एक हाथी मारा जाता है।

अपराध की श्रेणी में आता है जानवरों को मारना 
किसी जानवर को नुकसान पहुंचाना या उसे मार डालना अपराध की श्रेणी में आता है, लेकिन ऐसा करने वाले बहुत कम लोगों को सजा हो पाती है। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत जानवरों को मारने पर तीन साल तक की सजा और 25 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। दोबारा ऐसा करने पर सात साल तक की सजा हो सकती है।

कुछ अन्य रोचक जानकारी
 जन्म के 20 मिनट बाद ही हाथी का बच्चा खड़ा हो जाता है। हाथी दिनभर में 150 किलो खाना खा लेता है। अगर वजन की बात करें तो हाथी का वजन 5 हजार किलो तक हो सकता है।

संख्या पर नजर 
देश में इस समय 27 हजार हाथी बचे हैं।
02 हजार से ज्यादा हाथियों को बंधक बनाया गया है।
10 लाख हाथी थे देश में एक दशक पहले ।
100 हाथियों को हर साल मार दिया जाता है।
500 लोगों की मौत हो जाती है हाथी से संघर्ष में।


 

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  • Web Title:World Elephant Day Celebrated on August 12 Know History and Significance and Interesting Facts