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Study Abroad: विदेश में पढ़ाई के लिए क्यों जरूरी है स्टेटमेंट ऑफ पर्पस? पढ़ें डिटेल्स

SOP आपके आवेदन का एकमात्र डॉक्यूमेंट होता है, जो ये दर्शाता है कि कैसे आप कैसे व्यक्ति है और जिस कोर्से के लिए आवेदन करने जा रहे हैं वह आपके लिए कितना महत्व रखता है। आइए जानते हैं SOP कैसे लिखना है

Study Abroad: विदेश में पढ़ाई के लिए क्यों जरूरी है स्टेटमेंट ऑफ पर्पस? पढ़ें डिटेल्स
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 20 Nov 2023 04:44 PM
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Study Abroad: अगर आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं,  तो आपको स्टेटमेंट ऑफ पर्पस (SOP) के बारे में पता होना चाहिए। कम ही लोग इसके बारे में जानते हैं। बता दें, SOP विदेश में पढ़ाई करने के लिए आवेदन फॉर्म का सबसे जरूरी हिस्सा होता है। इसके आधार पर ही एडमिशन तय किया जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं SOP के बारे में।

क्या है स्टेटमेंट ऑफ पर्पस (SOP)

स्टेटमेंट ऑफ पर्पस (SOP) को आसान भाषा में समझें तो ये एक छात्र की ओर से लिखा गया रिटन स्टेटमेंट होता है। जिसके माध्यम से छात्र अपने बारे में बताता है और लिखता है कि वह यूनिवर्टिज में क्यों पढ़ाई करना चाहता है। जो कोर्स वह करना चाहते हैं, वह उनके लिए कितने महत्वपूर्ण है। इसी के साथ SOP में भविष्य में क्या करना चाहते हैं, उनके बारे में भी लिखना होता है

क्या है SOP का महत्व

अगर आप विदेश में पढ़ाई करने जा रहे हैं तो SOP एक जरूरी डॉक्यूमेंट है, जो आपके लिए विदेश की यूनिवर्सिटीज के दरवाजे खोल देता है। इसलिए जितनी सटीकता के साथ आप SOP लिखेंगे उतना ही अच्छा प्रभाव आपका फैकल्टी पर पड़ेगा।  बता दें,  SOP के लिए लिखते समय छात्र को अपनी राइटिंग स्किल पर खास ध्यान देना चाहिए साथ ही सही शब्दों का चुनाव करना चाहिए। वहीं SOP आपके वीजा अप्रूवल में भी एक जरूरी भूमिका निभाता है।

बता दें, लगभग सभी इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज को अपने एडमिशन प्रोसेस के लिए SOP की आवश्यकता होगी। वहीं देखा जाए तो SOP एक ऐसा जरूरी डॉक्यूमेंट्स है जो विदेश की  यूनिवर्सिटीज में छात्र के एडमिशन का भविष्य तय करता है।

कैसा होता है SOP का फॉर्मेट

एसओपी फॉर्मेट आमतौर पर सिलेबस से अलग होता है। ऐसे में SOP लिखते समय कई बातों का ध्यान रखना होता है।  बता दें, एसओपी में अनिवार्य रूप से पैराग्राफ में लिखना होता है, जो निबंध की तरह होना चाहिए। यह आमतौर पर लगभग 800-1000 शब्दों में लिखा गया दो पेज लंबा निबंध होता है।

एसओपी ऐसा होना चाहिए कि वह आपके भविष्य और लक्ष्यों  के बारे में सही तरीके से निर्णायक को बता सके और देखने लगे कि आपका आवेदन सबसे अच्छा है।

वहीं सुनिश्चित करें कि आपका SOP झूठा न लगे और देखने लगे की ये एक ऐसे व्यक्ति का SOP है, जो  अपनी एजुकेशन को लेकर काफी सीरियस है। वहीं अंत में बता दें, SOP में ग्रामर संबंधी गलतियों से बचें और सबमिट करने से पहले हमेशा प्रूफरीड करें।

 

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