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नौकरी में टिक रहने के लिए इस तरह बढ़ाएं अपनी स्किल्स

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आज हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है। पुराने स्किल में माहिर पेशेवरों को नौकरी में टिके रहने के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना पड़ रहा है। समय के साथ तकनीक, बाजार की जरूरतों में बदलाव आता है। कंपनियां मुनाफा बढ़ाने, सेवाओं की लागत कम करने, प्रोडक्शन ऑटोमेशन जैसे कुछ कारणों से तकनीकी विकास पर ध्यान दे रही हैं। कार्यक्षेत्र में आज जिन स्किल्स की मांग है, वह जरूरी नहीं कि आगे भी कायम रहे। तकनीकी प्रगति से आज टाइपिस्ट, हैंड कम्पोजिंग जैसे पेशों की जरूरत न के बराबर रह गई है। कॉर्पोरेट कंपनियों को इस बात का अहसास है। इनके शीर्ष प्रबंधन आज प्रयोग में आने वाली तकनीक के विकास पर काफी निवेश कर रहे हैं। कर्मचारियों को प्रशिक्षण में भी कंपनियां मदद कर रही हैं।

प्रशिक्षण के मौके
कोई भी ऑनलाइन व ऑफलाइन अपने पसंद के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ सकता है। प्रशिक्षण संस्थान और नियोक्ता कंपनियां बड़ी ही सटीकता से इनका इस्तेमाल अपने कर्मचारियोंकी स्किल बढ़ाने में कर रही हैं। वैसे पहले भी ‘हायर एंड ट्रेन' मॉडल को अपनाया जाता रहा है। अमूमन ऐसी ट्रेनिंग की व्यवस्था के लिए किसी शैक्षिक संस्थान, कंसल्टेंट्स आदि के साथ करार किया जाता है। आइएजानते हैं, कुछ ऐसे ही पेशों के बारे में, जहां कौशल विकास पर काफी ध्यान दिया जा रहा है।

इंजीनियरिंग सॉफ्ट स्किल
कार्यक्षेत्र की जरूरत के अनुरूप जरूरी स्किल न होने की वजह से ज्यादातर इंजीनियरिंग डिग्रीधारक युवाओं के पास नौकरी नहीं है। पुराने सिलेबस और नई तकनीक के बारे में जानकारी का न होना इसकी एक वजह है।

इसे समझते हुए एआईसीटीई ने अपने दस हजार इंजीनियरिंग कॉलेज से निकलने वाले छात्रों के लिए प्रशिक्षण कोर्स शुरू किया है। यह ऑनलाइन कोर्स एआईसीटीई ने टीसीएस आईओएन से साझेदारी में शुरू हुआ है। यह कोर्स युवाओं को करियर स्किल्स जैसे कॉर्पोरेट मूल्यों, प्रभावी ईमेल लेखन, प्रेजेंटेशन व अन्य व्यक्तित्व गुणों को निखारने में मदद करेगा। इच्छुक युवा करियर स्किल से जुड़े इस कोर्स को करने के लिए learning.tcsionhub.in पर जाएं। यह मंच कई नई तकनीकों में युवाओं को प्रशिक्षण *देता है।

सिस्टम सिक्योरिटी 
आईटी तकनीक के बढ़ते प्रयोग से साइबर अपराधों की संख्या भी बढ़ रही है। हरेक आईटी कंपनी ऐसे किसी नुकसान से बचने के लिए अपने कर्मियों को इसमें प्रशिक्षण दे रही है या उन्हें अपने स्किल बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इच्छुक युवा इसमें नेटवर्क+, सिक्योरिटी+ और सर्टिफाइड एथिकल हैकर (सीईएच) जैसे प्रचलित ऑनलाइन कोर्स करके नौकरी के लिए मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं।

आईटी सर्टिफिकेशन
कंप्यूटर विज्ञान के छात्र और पेशेवर आईटी क्षेत्र की कई नई तकनीकों में प्रशिक्षण प्राप्त करके नौकरी के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर सकते हैं। प्राय: सिस्को, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल जैसी निजी कंपनियां इनसे जुड़ी नई तकनीकों में प्रशिक्षण कोर्स का संचालन करती हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग, एसक्यूएल सर्वर, माई एसक्यूएल व एनिमेशन से जुड़े सर्टिफिकेशन की काफी मांग है।

फाइनेंशियल मार्केट में सर्टिफिकेशन
ग्रेजुएशन के बाद जो युवा फाइनेंशियल मार्केट में करियर बनाना चाहता है, उन्हें एनसीएफएम जैसे सर्टिफिकेशन करने की ओर बढ़ना चाहिए। इसे करने के बाद उन्हें स्टॉक एनालिस्ट, पोर्टफोलियो मैनेजर जैसे पदों में नौकरी मिल सकती है। इसके अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटी मार्केट और आईसीआईसीआई डायरेक्ट सेंटर मिल कर फाइनेंशियल मार्केट में एडवांस्ड सर्टिफिकेशन करा रहे हैं। इनके अलावा पेशेवर फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट में डिप्लोमा व एडवांस्ड डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग
खासतौर पर सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े क्षेत्र में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए मार्केटिंग के नए तरीकों को सीखना जरूरी हो गया है। किसी तरह के सेल्स प्रोमोशन में ऑनलाइन मार्केटिंग की तकनीक कहीं ज्यादा प्रभावी हो रही है। कोर्सेरा, उडेमी जैसे कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इसमें कोर्स कराते हैं।

वीडियो गेम्स इंडस्ट्री
जानकर आश्चर्य होगा कि वीडियो गेम्स इंडस्ट्री का कारोबार अन्य सभी क्षेत्रों की तुलना में काफी तेजी से बढ़ा है। मोबाइल गेमिंग की बढ़ती लोकप्रियता इसका सबसे बड़ा कारण है। वीडियो गेम डिजाइन में बैचलर और मास्टर करने वाले युवाओं को कोर्स पूरा करने से पहले ही नौकरी के मौके मिल रहे हैं। जो लोग पहले से गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं, उनके लिए अपने स्किल्स को मोबाइल गेमिंग की ओर बढ़ाने की जरूरत है।

वह युवा जो कंप्यूटिंग और गेम्स से बुनियादी रूप से परिचित हैं, उन्हें लेवल डिजाइन, स्टोरीलाइन डेवलपमेंट सहित गेम डिजाइन के अन्य पहलुओं पर विशेष सर्टिफिकेशन कोर्स करना चाहिए। इच्छुक छात्र गेम आर्ट व डिजाइन में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।

बने इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहनों के विशेषज्ञ
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कई तरह की रियायतों की घोषणा की है। युवा ऐसे वाहनों की तकनीक पर ध्यान देकर अपनी नौकरी की स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। इच्छुक पेशेवर भारत सरकार के एनपीटीईएल (नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एनहांसमेंट लर्निंग) के जरिये इसमें प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। वह ‘इंट्रोडक्शन टू हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक वीहिकल', ‘इलेक्ट्रिक वीहिकल-पार्ट 1' जैसे कोर्स कर सकते हैं।


चुनौतियां 
- लंबे समय से लकीर के फकीर बने लोगों की मानसिकता को बदलना आसान नहीं 
- अमूमन लोगों में एक उम्र के बाद कुछ नया सीखने का जोखिम उठाना स्वभाव में नहीं होता
- घर-परिवार और नौकरी की जिम्मेदारियों के बाद ट्रेनिंग के लिए समय निकाल पाना मुश्किल काम है 
- आर्थिक तंगी के कारण स्किल अपग्रेडेशन कोर्स की फीस भी एक चुनौती बन जाती है।

स्किल आधारित कोर्सपर है जोर
कई युवा, जिनमें ज्यादातर ग्रेजुएट हैं, बदलते बाजार व उद्योगों की जरूरतों के अनुसार स्किल आधारित कोर्स करने को महत्व दे रहे हैं। युवा अपनी नौकरी के लिए उपयुक्त क्षमता अर्जित करने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का लाभ उठाने में भी पीछे नहीं हैं। हालांकि इसके जरिये नौकरी पाने वाले युवाओं की संख्या ज्यादा नहीं है।

06 फीसदी इंजीनियरिंग के ग्रेजुएट युवाओं को ही शीर्ष दस आईटी कंपनियों ने नौकरी के मौके दिये हैं। यानी 94 फीसदी आईटी ग्रेजुएट्स शीर्ष कंपनियों के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
 
क्या है जरूरत
- युवाओं को नया सीखने में संकोच नहीं होना चाहिए। अगर जरूरत हो तो अपने कार्यक्षेत्र से अलग स्किल्स सीखने की कोशिश भी करें। 
- अपने पेशे से जुड़ी नई जानकारियों और बदलावों से खुद को परिचित रखें। तभी आप सही दिशा में सीखने की ओर बढ़ सकते हैं।

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