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VKSU : एक ही विद्यार्थी को चार अंक पत्र, तीन में फेल तो एक में पास

निज प्रतिनिधि,आराPublished By: Yogesh Joshi
Thu, 05 Aug 2021 10:10 PM
VKSU : एक ही विद्यार्थी को चार अंक पत्र, तीन में फेल तो एक में पास
  • पार्ट थर्ड के त्रुटिपूर्ण रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों की परेशानी नहीं हो रही कम
  • त्रुटिपूर्ण रिजल्ट वाले विद्यार्थी ढाई माह से लगा रहे विश्वविद्यालय का चक्कर
  • 03 हजार रिजल्ट अब भी पेंडिंग, विद्यार्थी परेशान

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में स्नातक पार्ट थर्ड सत्र 2017-20 का रिजल्ट घोषित होने के लगभग ढाई माह से अधिक समय बीतने के बावजूद विद्यार्थियों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही। रिजल्ट पेंडिंग के कारण ही पीजी एडमिशन में आवेदन की तिथि लगातार बढ़ती जा रही है। इधर, पेंडिंग रिजल्ट विवि प्रशासन के लिए भी सरदर्द बनता जा रहा है। इसमें हर रोज नये मामले निकलकर सामने आ रहे हैं। इसे देखकर हर कोई हैरान है।

त्रुटिपूर्ण रिजल्ट की कड़ी में ही गुरुवार को चौंकाने वाला ताजा मामला सामने आया है। एक छात्रा को चार बार अंक पत्र कंप्यूटर सेंटर की ओर से दिया गया है। खास बात यह है कि चारों अंक पत्र में भिन्नता है। छात्रा एमएम महिला कॉलेज आरा की है। मनोविज्ञान की छात्रा श्रेया कुमारी को स्नातक पार्ट थर्ड का रिजल्ट घोषित होने पर जब पहली बार अंक पत्र दिया गया तो उसमें कुल 1500 में सात सौ छह अंक दिया गया, जबकि ऑनर्स में 285 अंक दिया गया। साथ में रिजल्ट में फेल लिखा गया है। छात्रा ने जब सुधार के लिए आवेदन किया तो दूसरी दफा ऑनर्स पेपर मनोविज्ञान के दो पेपर में अनुपस्थित बता दिया गया, जबकि कुल योग पूर्ववत ही रहा।इसमें भी डिविजन फेल रहा।

इसके बाद तीसरी दफा जब अंक पत्र दिया गया तो इसमें कुल 1500 में 817 अंक दिये गये, जबकि ऑनर्स के कुल योग में 171 बैठा दिया गया। इसमें भी रिजल्ट का डिविजन फेल रहा। अब चौथी बार मिले अंक पत्र में कुल 1500 में 817 अंक दिये गये हैं, जबकि आनर्स के कुल योग में 171 बैठा दिया गया है। इसमें इस बार रिजल्ट का डिविजन बदल गया है। फेल की जगह सेकंड क्लास लिख दिया गया है। अब छात्रा और अभिभावक को समझ नहीं आ रहा है कि कौन सा रिजल्ट सही है और कौन सा गलत।

यह केवल एक छात्रा के साथ का मामला नहीं है। ऐसे कई विद्यार्थी हैं, जिनके रिजल्ट में इस तरह की त्रुटियां हैं। पार्ट वन और पार्ट टू क्लीयर होने के बावजूद विद्यार्थी रिजल्ट के लिए भटक रहे हैं। कई विद्यार्थियों के कॉलेज और पंजीयन के नाम में भी त्रुटि है। सब कुछ सही होने के बाद भी पंजीयन और कॉलेज नाम में हुई गलती सुधार के लिए डुमरांव की छात्रा सोनी इधर से इधर चक्कर लगा रही है।

बावजूद इसके वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में स्नातक पार्ट थर्ड सत्र 2017-20 का पेंडिंग रिज़ल्ट अब तक दूर नहीं किया जा सका है। पेंडिंग रिज़ल्ट से अन्य विद्यार्थी भी काफी परेशान हैं। शिकायत पत्र ऑनलाइन किये जाने के बाद भी इनका रिजल्ट सुधर नहीं पाया है। ऐसे विद्यार्थी आये दिन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के गलियारों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। त्रुटिपूर्ण रिजल्ट की वजह से अब भी हजारों छात्र-छात्राएं व अभिभावक परेशान हैं। अब भी लगभग तीन हजार पेंडिंग रिजल्ट हैं। विद्यार्थी अधिकारी से भी मिल रहे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। बक्सर से आए एक छात्र ने बताया कि टीआर पर प्रायोगिक परीक्षा का मार्क्स नहीं चढ़ा है। सुधार को ले कई बार आवेदन दे चुका हूं। अब तक सुधार नहीं हो पाया है।

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