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वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय : पहले फर्स्ट डिवीजन, फिर फेल हो गए... रिजल्ट बदलने से छात्रों के नामांकन पर ग्रहण

पंकज कुमार,आराPublished By: Pankaj Vijay
Thu, 16 Sep 2021 07:47 PM
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय :  पहले फर्स्ट डिवीजन, फिर फेल हो गए... रिजल्ट बदलने से छात्रों के नामांकन पर ग्रहण

मेरिट में नाम आने के बाद भी वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में सैकड़ों विद्यार्थियों के दाखिले पर खतरा उत्पन्न हो गया है। जी हां, सुनने में यह भले अटपटा लग रहा है, पर पीजी एडमिशन के लिए आवेदन करने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों के नामांकन पर फिलहाल ग्रहण लगता दिख रहा है। इसे लेकर पीजी एडमिशन के लिए विवि प्रशासन बार-बार तिथि बढ़ा रहा है। पीजी एडमिशन में पेच फंसने के चलते अब एक बार फिर तिथि बढ़ेगी। इस पेच ने विद्यार्थियों के साथ विवि के अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी है। नामांकन से जुड़े अधिकारियों को अब समझ नहीं आ रहा है कि वे करें तो क्या करें। 

मालूम हो कि स्नातक पार्ट थर्ड सत्र 2017-20 के जारी रिजल्ट में सैकड़ों विद्यार्थियों को पहले कुछ और अंक पत्र दिया गया और बाद में कुछ अन्य दिया गया है। पूर्व में मिले कंप्यूटराइज्ड अंक पत्र से सैकड़ों विद्यार्थियों ने पीजी एडमिशन के लिए आवेदन भी कर दिया है। अब पीजी दाखिले के ऑनलाइन आवेदन के बाद उनके अंक पत्र में अंक बदल गये हैं। यानी पहले के अंक पत्र से जो विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से पास थे, वे अब सेकंड डिवीजन से पास हो गये हैं। इनमें कुछ तो फेल भी हो चुके हैं।


पांच विषयों से जुड़ा है यह मामला
स्नातक पार्ट थर्ड सिर्फ पांच विषयों से जुड़ा यह मामला है। कंप्यूटर सेंटर की ओर से रिजल्ट तैयार करने के दौरान पहले गलत आंसर की से ओएमआर की जांच कर ली गयी। बाद में मामला उजागर होने पर सही आंसर से जांची गयी। इस कारण अंकों का गणित बदल गया। पहले फर्स्ट डिवीजन हुए सेकंड हो गये, जबकि कुछ फेल भी हो गये हैं। इन विषयों में मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, भौतिकी, रसायनशास्त्र और भूगोल विषयों के विद्यार्थी हैं। 

बीएड काउंसलिंग में आयेगी दिक्कत
डिवीजन बदलने से सिर्फ पीजी एडमिशन में ही नहीं बल्कि बीएड एडमिशन में भी समस्या विद्यार्थियों के समक्ष आएगी। बहुत सारे ऐसे विद्यार्थियों ने पहले के अंक पत्र के आधार पर बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा दी थी। अब वे बीएड परीक्षा पास भी हो गये हैं, जबकि उनका डिवीजन चेंज हो गया है। काउंसलिंग में ये विद्यार्थी कौन सा अंक पत्र देंगे, उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है।

पीजी एडमिशन में क्या फंसा है पेच
पीजी सत्र 2020-22 में दाखिले को ले शुरू की गयी तैयारी में अचानक पेच फंस गया है। पूर्व में ऑनलाइन आवेदन की बढ़ाई गई तिथि 14 सितंबर बीत जाने पर मेरिट लिस्ट जारी किये जाने की हो रही तैयारी पर बुधवार को विराम लग गया। कारण यह है कि अगर विवि प्रशासन मेरिट लिस्ट जारी कर रहा है तो बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो रही है। क्योंकि, वैसे विद्यार्थी जो स्नातक के फर्स्ट डिवीजन के अंक पत्र के आधार पर ऑनलाइन आवेदन किये हैं, वे अब सेकंड हो गये हैं। अगर उनका मेरिट में नाम आता है तो वे किस अंक पत्र के आधार पर दाखिला लेंगे। उनका अंक पत्र और डिवीजन ही चेंज हो गया है। पीजी हेड कागजात का सत्यापन भी किस अंक पत्र का करेंगे, यह समस्या खड़ी हो गयी है। 

कुछ छात्रों को नौकरी जाने का भी सता रहा डर
सूत्रों की मानें तो कुछ ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने नौकरी आदि में भी पूर्व में मिले अंक पत्र को दे दिया है। अब उनका अंक पत्र बदल गया है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि करें तो वे क्या करें। विवि प्रशासन इस मामले पर स्पष्ट तौर पर कुछ कहने से इनकार कर रहा है। छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो सिधेश्वर नारायण सिंह से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पीजी दाखिले को ले विचार-विमर्श चल रहा है। इस मामले का समाधान निकाला जायेगा। विद्यार्थी का दूसरी बार जारी अंक पत्र जो सही है, वही मान्य होगा। वहीं सूत्रों की मानें तो ऐसे विद्यार्थियों से पुन: पीजी के लिए आवेदन लिया जा सकता है।

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