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यूपी : BTech MBA में दाखिले बढ़े, फिर भी 50 हजार सीटें खाली

उत्तर प्रदेश में बीटेक, एमबीए, बीफार्मा समेत अन्य कोर्सों के लिए हुई राज्य प्रवेश परीक्षा एसईई में चार चरणों की काउंसलिंग और सीधे दाखिलों के बाद भी पचास हजार से अधिक सीटें खाली रह गई है। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 30 से अधिक कॉलेजों में खाता तक नहीं खुला है। हालांकि इस बार पिछले साल की अपेक्षा छात्रों की संख्या दस हजार तक बढ़ी है। एसईई के जरिए दाखिले की प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी कर ली गई। 

राज्य प्रवेश परीक्षा के बाद दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की गई थी। इसके बाद भी जब सीटें नहीं भरी तो एकेटीयू ने स्पॉट काउंसलिंग का आयोजन किया। करीब दस दिन तक चली स्पॉट काउंसलिंग भी सीटें नहीं भर पाई। इस दौरान कॉलेजों को सीधे दाखिले की अनुमति दे दी गई। 31 अगस्त तक कॉलेजों ने छात्रों के प्री रजिस्ट्रेशन करा कर उनके दाखिले करना शुरू कर दिए गए। दाखिले की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आए आंकड़ों में इस बार बीटेक, एमबीए, बीफार्मा समेत अन्य कोर्सों की 85 हजार सीटों पर दाखिले हुए हैं। एकेटीयू के प्रवक्ता आशीष मिश्र कहते हैं कि अभी तक जो आंकड़े सामने आ रहे है। उनमें तीस से अधिक ऐसे कॉलेज है, जिनमें बीटेक में एक भी दाखिला नहीं हुआ या फिर एक या दो ही छात्रों ने दाखिले लिए हैं। 

एसईई से अधिक सीधे हुए दाखिले
राज्य प्रवेश परीक्षा एसईई की ओर से आयोजित काउंसलिंग से अधिक कॉलेजों ने सीधे छात्रों के दाखिले लिए हैं। एसईई की काउंसलिंग 26 जून से शुरू हुई थी, जो 31 जुलाई तक चली। इसके बाद कॉलेजों में सीटें भरने के लिए एक से चौदह अगस्त तक स्पॉट काउंसलिंग का आयोजन किया गया। एसईई की काउंसलिंग में 20,595 सीटें भरी जबकि चौदह दिन चली स्पॉट काउंसलिंग में महज 682 सीटें ही भर पाई। सीधे दाखिलों की अनुमति मिलने के बाद कॉलेजों ने एक महीने में ही अपने यहां पर 60 हजार से अधिक सीटें भर डाली। सीधे दाखिले की प्रक्रिया में कॉलेजों को छात्रों से एक हजार रुपए रजिस्ट्रेशन फीस लेकर उसका पंजीकरण एसईई की वेबसाइट पर करना था जबकि छात्र ने यूपी एसईई की परीक्षा दी है तो उसको रजिस्ट्रेशन जरुरी नहीं था। 
 

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  • Web Title:uttar pradesh: admissio increased in btech mba but 50000 seats are still vacant