DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यूपी में निकलने वाली है सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती, वाराणसी को मिलेंगे 700 नए Teachers

teacher recruitment  symbolic image

उत्तर प्रदेश के अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की तैयारी शुरू हो गई है। वाराणसी के 106 अनुदानित स्कूलों में करीब 700 पद रिक्त हैं। इसमें बालक-बालिकाओं दोनों विद्यालयों के पद शामिल हैं। महाभर्ती के बाद उन रिक्त पदों के भर जाने की संभावना है। इसके लिए विद्यालयों से रिक्तियों का आनलाइन विवरण मांग गया था। पहले इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। पूरा विवरण न मिलने पर तिथि बढ़ा कर सात अगस्त कर दी गई।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने सात अगस्त तक की रिक्तियों का विवरण माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक पूरे प्रदेश में शिक्षकों के करीब 25 हजार पद खाली हैं। इनमें वाराणसी जिले के 700 पद शामिल हैं। करीब 1500 स्वीकृत पद हैं। कई वर्ष बाद इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के रिक्त पदों का ब्योरा माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड को भेजा गया है। जानकारों का कहना है कि अब तक चयन बोर्ड को रिक्तियों का सही विवरण नहीं मिला पाता था। स्कूल प्रबंधन रिक्तियों को छिपा लेते थे। इस बार अभियान चलाकर रिक्तियों का ब्योरा जुटाया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि तीन से छह महीने के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। 

सबसे अधिक पद एलटी ग्रेड के हैं खाली 
जिले में सबसे अधिक पद एलटी ग्रेड के खाली हैं। कुल खाली पदों में 95 फीसदी एलटी ग्रेड के हैं। प्रवक्ता पद की रिक्तियां 100 के अंदर बताई जा रही हैं। रिक्तियों की वास्तविक स्थिति चयन बोर्ड  की ओर से भर्ती के लिए विषयवार विज्ञापन जारी होने के बाद सामने आएगी।

गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षकों की कमी
अधिकतर अनुदानित हाईस्कूल में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जबकि इंटर में फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ के शिक्षक नहीं हैं। इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। प्रधानाचार्य कई बैठको में यह मुद्दा उठा चुके हैं। हाईस्कूल और इंटर के इन्हीं विषयों में छात्रों की संख्या अधिक होती है।

चंदे पर होती है पढ़ाई
शिक्षकों की दूर करने के लिए स्कूलों ने पीटीए (पैरेंट टीचर एसोसिएसन) के कोष का सहारा लिया। पीटीए के नाम पर फीस ली जाती है। उसी से विकल्प के रूप में रखे गए शिक्षक को मानदेय दिया जाता है। यह व्यवस्था भी हर विद्यालय में प्रभावी नहीं है। जहां छात्रों की संख्या कम है, वहां पीटीए कमजोर है।

बोर्ड परीक्षा में आती है समस्या
शिक्षकों की कमी से सबसे अधिक समस्या बोर्ड परीक्षा में आती है। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की कमी बनी रहती है। मूल्यांकन के दौरान परीक्षक नहीं मिलते। इससे कॉपी जांचने में देरी होती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:UPSESSB : largest teacher recruitment in Uttar Pradesh soon Varanasi will get 700 news teaches