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UPSC की तैयारी: मॉक इंटरव्यू में दिए सिविल सेवाओं में सफलता के मंत्र

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सेंटर फॉर एंबिशन और हिन्दुस्तान की ओर से रविवार को सिविल लाइंस स्थित होटल कान्हा श्याम होटल में राज्य लोक सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए मॉक इंटरव्यू का आयोजन किया गया। मॉक इंटरव्यू के पैनल में पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, आगरा कॉलेज के डॉ. अरुणोदय बाजपेई, डॉ. नीलेश यादव और डॉ. सौरभ शंकर श्रीवास्तव ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया। साथ ही उन्हें साक्षात्कार से संबंधित बारीकियों के बारे में जानकारी दी। रविवार को लगभग 60 अभ्यर्थी पहुंचे थे। 


आत्मविश्वास है सबसे जरूरी
पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अभ्यर्थियों को बताया कि आत्मविश्वास को कम न होने दें। अपनी क्षमता को पहचानें। साक्षात्कार के लिए जो बोर्ड में बैठे सदस्य हैं उन्हें आपकी क्षमता मालूम है। आप प्री और मुख्य परिक्षा पास करके वहां पहुंचे हैं। इसलिए वहां ढंग के कपड़ों में पूरे आत्मविश्वास के साथ जाएं। साक्षात्कार के दौरान नहीं आने वाले प्रश्नों के लिए तुरंत मना कर दें। गलत जवाब या बहस मत करें।


समय पर पहुंचें साक्षात्कार के लिए
डॉ. अरूणोदय बाजपेई ने अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए समय से पहुंचने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने बताया कि अक्सर लोग साक्षात्कार देकर निकलने वाले से पूछते हैं कि क्या-क्या पूछा गया। यह बात जान लें कि कम से कम उस दिन वही प्रश्न दोहराया नहीं जाता। साक्षात्कार में बोर्ड यह नहीं देखता कि आपको क्या नहीं आता है। न इसको लेकर कभी परेशान हों। सकारात्मक सोच के साथ साक्षात्कार के लिए जाएं।


जिस भाषा में सहज हैं उसी में दें साक्षात्कार
डॉ. सौरभ शंकर श्रीवास्तव ने अभ्यर्थियों को बताया कि कुछ लोग कक्ष में प्रवेश करते समय 'मे आई कम इन' और 'गुड मार्निंग या गुड आफ्टर नून' जैसे शब्द अंग्रेजी में बोलते हैं। इसके बाद अगर बोर्ड के सदस्य उनसे अंग्रेजी में साक्षात्कार शुरू कर दें तो वो असहज हो जाते हैं। इस पर आप शालीनता के साथ बोर्ड के सदस्यों से यह कह सकते हैं कि हम हिंदी में ज्यादा सहज हैं। इस बात पर कोई आपत्ति नहीं होती। साक्षात्कार के दौरान आप थोड़ा बहुत अंग्रेजी के शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं। 


पद की भूमिका के बारे में जान लें
सेंटर फॉर एंबिशन के निदेशक अमित सिंह ने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि साक्षात्कार में जिस भी पद के लिए आप इच्छुक हैं। उस पद की भूमिका के बारे में अवश्य जान लें। खासतौर पर वहां एसडीएम शब्द का प्रयोग न करें। आयोग में एसडीएम के लिए डिप्टी कलेक्टर नाम स्थापित है। कक्ष में प्रवेश करने के बाद चलते हुए बोर्ड के सदस्यों का अभिवादन न करें। प्रदेश या केंद्र सरकार की ओर से पारित किसी भी निर्णय को खारिज न करें। उस पर बहस कर सकते हैं। अगर उसमें कमियां हैं, तो आप उसके उपाय बताएं। समस्या है तो उसका समाधान बोर्ड के सामने रखें। 

साक्षात्कार परीक्षण के मानक
बाहरी पक्ष

- ड्रेसिंग सेंस
- कक्ष में प्रवेश करते समय का आत्मविश्वास
- सौम्यता और विनम्रता
- अभिवादन का तरीका
- अभिव्यक्ति
बौद्धिक पक्ष
-    मौलिकता
-    ईमानदारी
-    रचनात्मकता
-    विषय के व्यावहारिक पक्ष को समझाने की क्षमता
-    जागरूकता

सम्पूर्णता में 
-    सिविल सेवा की चुनौती से निपटने की सक्षमता
-    भविष्य की बेहतर समझ
-    आत्मविश्वास का स्तर

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