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Hindi News करियरUPSC CSE: IAS प्रीलिम्स रिजल्ट पर रोक लगाने से इनकार, CSAT की कटऑफ कम करने पर होगी सुनवाई

UPSC CSE: IAS प्रीलिम्स रिजल्ट पर रोक लगाने से इनकार, CSAT की कटऑफ कम करने पर होगी सुनवाई

यूपीएससी प्रीलिम्स के कुछ परीक्षार्थी CSAT पेपर की कठिनता के स्तर को लेकर CAT पहुंच गए हैं। अभ्यर्थियों ने ट्रिब्यूनल से सीसैट की क्वालिफाइंग कटऑफ 33 प्रतिशत से घटाकर 23 प्रतिशत करने की मांग की है।

UPSC CSE: IAS प्रीलिम्स रिजल्ट पर रोक लगाने से इनकार, CSAT की कटऑफ कम करने पर होगी सुनवाई
Pankaj Vijayलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 10 Jun 2023 03:37 PM
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यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2023 के कुछ परीक्षार्थी सीसैट (CSAT) पेपर की कठिनता के स्तर को लेकर सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल ( CAT) पहुंच गए हैं। इन अभ्यर्थियों ने ट्रिब्यूनल से सीसैट की क्वालिफाइंग कटऑफ 33 प्रतिशत से घटाकर 23 प्रतिशत करने की मांग की है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि पेपर का लेवल कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट) और आईआईटी जेईई जैसा था। आपको बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा का प्रीलिम्स एग्जाम कुछ दिनों पहले 28 मई को आयोजित हुआ था। पेपर के बाद परीक्षा के पेपर-2 यानी सीसैट में पूछे गए कुछ प्रश्नों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी हुआ था। कई एक्सपर्ट्स ने भी पेपर के कठिनाई के स्तर को देखकर हैरानी जताई थी। 

ट्रिब्यूनल ने 9 जून को इस मामले की सुनवाई भी की। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रिब्यूनल ने यूपीएससी को प्रीलिम्स रिजल्ट ( UPSC Prelims Result ) पर रोक लगाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। सीसैट की कटऑफ कम करने की मांग को लेकर सुनवाई अब 6 जुलाई को होगी। 
 
गुस्साए अभ्यर्थियों ने याचिका में मांग की है कि या तो सीसैट पेपर की कट-ऑफ को 33 प्रतिशत से घटाकर 23 प्रतिशत किया जाए।  या फिर सीसैट का पेपर फिर से आयोजित करवाया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि यूपीएससी सिलेबस के मुताबिक सीसैट का पेपर अभ्यर्थियों के एप्टीट्यूड, उनकी कॉम्प्रिहेंशन स्किल्स, लॉजिकल रीजनिंग को चेक करने के लिए लिया जाता है। ये 10वीं के स्तर का ही होता है। अभ्यर्थियों ने दावा किया कि पेपर-2 सीसैट का लेवल काफी ऊपर का था। यह सिलेबस से परे था। इसका लेवल कैट और आईआईटी जेईई एग्जाम जैसा था। 

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प्रीलिम्स देने वाले इन अभ्यर्थियों का यह भी तर्क है कि इस तरह का पेपर उन छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय है जो आर्ट्स से हैं और ग्रामीण इलाकों से आते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते ग्रामीण परिवेश से आने वाला विद्यार्थी महंगी कोचिंग का खर्च भी नहीं दे सकता।  अभ्यर्थियों का यह भी दावा है कि कुछ सवाल आईआईटी जेईई और कैट परीक्षा के पिछले सालों के पेपर से पूछे गए थे। 

आपको बता दें कि यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स पेपर में दो पेपर होते हैं - पहला जनरल स्टडीज (जीएस) और दूसरा सीसैट। सीसैट वाला पेपर सिर्फ क्वालिफाइंग होता है। इसमें सिर्फ 33 प्रतिशत नंबर लाने होते हैं। मुख्य परीक्षा के लिए कटऑफ पेपर-1 जीएस से बनती है। 

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