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21 जनवरी, 2020|2:04|IST

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UPSC IAS IPS और यूपीएससी लेट्रल एंट्री पर बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जानें क्या कहा

htls 2019  prime minister of india narendra modi in hindustan times leadership summit 2019

UPSC Civil Services examination: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर IAS, IPS, IFS, IRS बनने वाले युवाओं की ट्रेनिंग और यूपीएससी लेट्रल एंट्री ( upsc lateral entry ) पर बात की। उन्होंने बताया कि किस तरह से ट्रेनिंग के दौरान ही  IAS, IPS समेत विभिन्न सिविल सेवा अधिकारियों को नीतियों पर काम करने का अनुभव दिया जा रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2019 में पीएम मोदी ने कहा कि हम सिविल सेवा अधिकारियों की कार्यशैली में बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दिशा में अहम पहल की गई है। सिविल सेवा अधिकारी की नियुक्ति के शुरुआती दिनों में ही उन्हें अनुभव दिया जा रहा है कि पॉलिसी लेवल पर कैसे काम किया जाता है। फ्लैक्सी स्कीम को कैसे फॉलो किया जाता है। पहले उन्हें ऐसा अनुभव नहीं मिलता था। 

पीएम मोदी ने कहा -  'कई IAS, IPS अफसर ऐसे हैं जो जॉब मिलने के बाद अपने स्टेट कैडर में चले गए, उन्हें कभी दिल्ली आने का सौभाग्य नहीं मिला। वो रिटायर भी हो गए। अब हमने शुरू के कालखंड में ही, मसूरी (लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी - LBSNAA) से ट्रेनिंग लेने के बाद उन IAS अफसरों को भारत सरकार की अलग अलग व्यवस्थाओं से तीन महीने के लिए जोड़ना शुरू किया है। ताकि उन्हें पता चल सके कि देश के सामने क्या चुनौतियां होती हैं। उनका विजन क्लीयर होगा। उस IAS अधिकारी को पता चलेगा जब मैं ग्रास रूट लेवल पर ट्रेनिंग होती है तो मैं किस विजन के साथ काम करूंगा। देश की इन बातों को ध्यान में रखकर निर्णय प्रक्रिया चलाऊंगा। ये एक सफल प्रयोग साबित हुआ है।' 

upsc
 
आपको बता दें कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद सभी सफल उम्मीदवारों को मसूरी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। IAS, IPS, IRS, IFS समेत सभी को ट्रेनिंग के शुरू के चार महीने तक यहां बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद यहां IAS वालों को ही आगे की ट्रेनिंग दी जाती है। आगे की IPS ट्रेनिंग के लिए सरदार वल्लभभाई नेशनल पुलिस एकेडमी हैदराबाद भेजा जाता है। 

सिविल सेवा ट्रेनियों का साझा फाउंडेशन प्रोग्राम
इस बार देश देश में 20 से ज्यादा सिविल सेवा ट्रेनियों का साझा फाउंडेशन प्रोग्राम हमने शुरू किया है। हम एक प्रकार से ज्वॉइंट फाउंडेशन कोर्स में  शुरू किया है। अलग अलग सर्विसेज जैसे रेवेन्यू, फॉरेस्ट, रेलवे, अकाउंड्स एंड ऑडिट के अफसरों को हमने बहुत जिम्मेदारी वाले काम दिए हैं। अलग थलग पड़ी सेवाओं को केंद्र में लाए हैं। मेरी सरकार में ज्वॉइंट सेक्रेटरी के पद पर अब सिर्फ IAS अफसर नहीं हैं। नए अनुभव और नई सोच सरकार के साथ जुड़ रही हैं। एकता की भावना बन रही है। इन सबके बीच हमने 220 से ज्यादा सरकारी अधिकारी को कह दिया कि आपने बहुत देश की सेवा की, अब आप घर जाएं। समय से पहले रिटायरमेंट दे दिया। प्रीवेलेज की बजाय हम प्रोफेशनलिज्म पर बल दे रहे हैं। 

narendra modi

यूपीएससी लेट्रल एंट्री पर बोले पीएम मोदी
यूपीएसससी लेटरल एंट्री ( upsc lateral entry ) पर पीएम मोदी ने कहा- 'एक IAS सारी दुनिया जानता है, यह सोच ठीक नहीं है। समाज में बहुत प्रतिभावान लोग होते हैं। इतना बड़ा देश चलाने के उन्हें भी सेवा देने का अवसर मिलना चाहिए। उन्हें अवसर देने के लिए हमने यूपीएससी की मदद से काफी संगठित तरीके से एक मैकेनिज्म बनाया है। 1-2 करोड़ रुपये का पैकेज लेने वाले नौजवान अपनी कॉरपोरेट जॉब छोड़कर सरकारी व्यवस्था में आने के तैयार हो रहे हैं। सरकार को उनके कॉरपोरेट वर्ल्ड का अनुभव का फायदा मिल रहा है। गवर्नेंस और गवर्नमेंट के साथ जुड़ने के बाद वो ज्यादा वेल्यू एडिशन कर पा रहे हैं। देश का बेहतरीन टेलेंट, जो आज सिविल सेवा की तय भर्ती प्रक्रियाओं का हिस्सा नहीं है, वो देश के दूसरे बेस्ट संस्थानों की अच्छी वेल्यू का संचार सरकारी विभागों में करेंगे। कॉरपोरेट कल्चर की कुछ चीजें अच्छी है, उनका सरकार में आना अच्छी बात है। होनी चाहिए। इन्हीं के माध्यम से हम ला पाएंगे। 

क्या है upsc lateral entry 
आमतौर पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा, वन सेवा परीक्षा या अन्य केंद्रीय सेवाओं की परीक्षा में चयनित अधिकारियों को करियर में लंबा अनुभव हासिल करने के बाद संयुक्त सचिवों के पद पर तैनात किया जाता है। लेकिन मोदी सरकार ने लेट्रल स्कीम की शुरुआत की है। इस स्कीम के जरिए प्राइवेट सेक्टर के एक्सपर्ट्स को सीधे मंत्रालयों में जॉइंट सेक्रटरी के पद पर नियुक्त किया जा रहा है। अप्रैल माह में देश में पहली बार निजी क्षेत्रों के नौ विशेषज्ञों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में संयुक्त सचिव के पदों पर तैनाती के लिए चुना गया। कार्मिक मंत्रालय ने पिछले साल जून में 'सीधी भर्ती व्यवस्था के जरिए संयुक्त सचिव रैंक के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जुलाई 2018 थी।  इससे संबंधित सरकारी विज्ञापन सामने आने के बाद कुल 6,077 लोगों ने आवेदन किए थे।

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  • Web Title:UPSC IAS IPS : know what PM Modi said on upsc Civil Services examination ias ips training and upsc lateral entry