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हिंदी मीडियम से UPSC क्लियर कर IAS बने रवि कुमार सिहाग, इंग्लिश लैंग्वेज के बारे में कही ये बातें

आज हम आपको ऐसे IAS अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने हिंदी मीडियम के माध्यम से UPSC की परीक्षा पास की थी। आइए जानते हैं उन्होंने कैसे की तैयारी और क्यों कहा अंग्रेजी भाषा को दिया जाना च

हिंदी मीडियम से UPSC क्लियर कर IAS बने रवि कुमार सिहाग, इंग्लिश लैंग्वेज के बारे में कही ये बातें
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 29 Jan 2024 03:47 PM
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UPSC Success story: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की ओर से आयोजित सीविल सर्विसेज एग्जाम (CSE) परीक्षा को रवि कुमार सिहाग 18वीं रैंक के साथ पास किया है। UPSC की परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल करना अपने आप में बड़ी बात है, लेकिन रवि कुमार को ये रैंक आसानी से नहीं मिली। इसके लिए उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा था। आइए जानते हैं हिंदी मीडियम से UPSC की परीक्षा पास करने वाले रवि कुमार सिहाग के बारे में। कैसे की थी इस परीक्षा की तैयारी।

रवि कुमार सिहाग एक किसान के बेटे हैं और  राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के मूल निवासी हैं। ग्रेजुएशन होने तक खेतों में अपने पिता की मदद किया करते थे। रवि शुरू से ही पढ़ाई में होशियार थे और हमेशा करियर में आगे बढ़ने के बारे में सोचा करते थे।

आपको बता दें, रवि ने यूपीएससी परीक्षा के लिए चार प्रयास दिए था। साल 2018 में उन्हें पहले प्रयास में 337वीं रैंक थी। जिसमें उन्हें डिफेंस अकाउंट सर्विस (IDAS) कैडर मिला था। उनका सपना IAS अधिकारी बनने का था। जिसके बाद अपने रैंक को सुधारने के लिए उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और साल 2019 में उन्हें 317वीं रैंक मिली। और दूसरे प्रयास में इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTS) कैडर मिला। फिर साल 2020 में तीसरे प्रयास में वह मुख्य परीक्षा भी पास नहीं कर सके। हालांकि दो प्रयासों के बाद तीसरा प्रयास ऐसा था, जिसमें वह इंटरव्यू तक नहीं पहुंचे थे। उन्होंने अपनी असफलता को दिल से नहीं लगाया और चौथी बार UPSC परीक्षा देने का फैसला किया। साल 2021 में चौथे प्रयास में उन्होंने 18वीं रैंक हासिल की और IAS का पद हासिल कर लिया था।

रवि कुमार सिहाग ने यहां से की है पढ़ाई

2 नवंबर, 1995 को किसान रामकुमार सिहाग और हाउसवाइफ मां विमला देवी के घर जन्मे रवि कुमार सिहाग अब एक आईएएस अधिकारी हैं और तीन बहनों के बीच इकलौते भाई हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा हिंदी माध्यम से पूरी की है। कक्षा 7वीं तक की पढ़ाई अपने पैतृक गांव 3 बीएएम विजयनगर, श्री गंगानगर में मनमोहन सर के स्कूल सरस्वती विद्या मंदिर से की, जिसके बाद उन्होंने कक्षा 11वीं की पढ़ाई अनूपगढ़ के शारदा स्कूल से और 12वीं की पढ़ाई विजयनगर के एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की। स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद  अनूपगढ़ के शारदा कॉलेज से BA की डिग्री ली थी।

ऐसे की थी रवि ने UPSC की तैयारी, अंग्रेजी लैंग्वेज की बताई वैल्यू

एक इंटरव्यू में, रवि ने UPSC परीक्षा की कुछ रणनीतियों को शेयर किया जो उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान अपनाई थी। उनके अनुसार, उम्मीदवारों को तैयारी शुरू करने से पहले परीक्षा की आवश्यकताओं को समझना होगा। उन्होंने सबसे पहले उन्होंने यूपीएससी सिलेबस को ध्यान से देखा और बेसिक किताबों से परीक्षा की तैयारी की शुरुआत कर दी। उनके अनुसार, एनसीईआरटी यूपीएससी उम्मीदवारों के सबसे महत्वपूर्ण  है।

जब उनसे उनके हिंदी मीडियम बैकग्राउंड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मीडियम मायने नहीं रखता। उनके लेखन का माध्यम हिंदी था, साथ ही उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट भी हिंदी लिटरेचर था, लेकिन फिर भी उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट में अच्छे मार्क्स हासिल किए थे और साल 2018 में हिंदी मीडियम के टॉपर बने और अब 2021 में 18वीं रैंक हासिल की।

उन्होंने आगे कहा, उम्मीदवारों के लिए अंग्रेजी सीखना अनिवार्य है। भले ही उम्मीदवार हिंदी माध्यम से हों, परीक्षा पास करने के लिए अंग्रेजी लैंग्वेज आना जरूरी है। अंग्रेजी आने का मतलब ये नहीं है कि आप फर्राटेदार अंग्रेजी बोलो, लेकिन एक उम्मीदवार को इतनी अंग्रेजी आनी चाहिए तो इस भाषा में लिखा हुआ समझ सके और इस भाषा में लिख सके। वहीं रवि ने कहा, अगर आप पूरी मेहनत से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो कोई भी आपको इसमें सफल होने से नहीं रोक सकता है।

 

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