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UPSC Civil Services exam 2019: 89 उम्मीदवारों के मार्क्स जारी, हाल ही में यूपीएससी ने की थी सिफारिश

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Pankaj Vijay
Wed, 03 Feb 2021 02:49 PM
UPSC Civil Services exam 2019: 89 उम्मीदवारों के मार्क्स जारी, हाल ही में यूपीएससी ने की थी सिफारिश

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 के उन 89 उम्मीदवारों के मार्क्स जारी कर दिए हैं जिनकी हाल ही में सिफारिश की गई थी। आयोग ने 4 जनवरी को अपनी आरक्षित सूची से 89 उम्मीदवारों की सिफारिश की थी। ये अभ्यर्थी www.upsc.gov.in पर जाकर अपने मार्क्स चेक कर सकते हैं। उम्मीदवार को मार्क्स का ब्रेकअप देखकर पता चल जाएगा कि उन्होंने मेन्स और इंटरव्यू में कितने-कितने अंक हासिल किए हैं। 

2019 की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम 04 अगस्त 2020 को घोषित किए गए थे। इसमें आईएएस, आईएफएस, आईपीएस और अन्य समूह 'ए’ और समूह 'बी’ की केंद्रीय सेवाओं की 927 रिक्तियों के लिए 829 उम्मीदवारों की सिफारिश मेरिट के आधार पर नियुक्ति के लिए की गई थी। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यूपीएससी नियमों के अनुसार, संबंधित श्रेणियों के तहत अंतिम अनुशंसित उम्मीदवार के नीचे योग्यता के क्रम में एक समेकित आरक्षित सूची भी बनाए रखता है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की मांग के अनुसार आयोग ने 2019 सिविल सेवा परीक्षा के आधार पर शेष पदों को भरने के लिए 89 उम्मीदवारों- 73 सामान्य, 14 ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग), एक ईडब्ल्यूएस और एक एससी (अनुसूचित जाति) की सिफारिश की थी। 

यहां देखें मार्क्स 

यूपीएससी ने कहा, रिजर्व लिस्‍ट को वेटिंग लिस्‍ट न समझें, बताया क्यों की जाती है जारी
यूपीएससी ने बयान जारी कर हाल में जारी रिजर्व लिस्ट से जुड़ी कंफ्यूजन दूर करने का प्रयास किया है। आयोग ने कहा, 'यह संघ लोक सेवा आयोग के संज्ञान में आया है कि सिविल सेवा परीक्षा 2019 की रिजर्व लिस्ट की घोषणा से जुड़ी कुछ गुमराह करने वाली जानकारियां सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं। इसलिए परीक्षा में शामिल होने जा रहे और परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों की शंकाओं को दूर करने के लिए बयान जारी किया जा रहा है।'

यूपीएससी ने कहा, 'आयोग सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम पूरी सख्ती के साथ भारत सरकार द्वारा अधिसूचित परीक्षा नियमों को ध्यान में रखकर ही तैयारी करता है। सिविल सेवा परीक्षा के लिए आयोग विभिन्न सिविल सर्विसेज में नियुक्ति के लिए विभिन्न कैटेगरी से संबंध रखने वाले अभ्यर्थियों की सिफारिश करता है। मुख्य परीक्षा का रिजल्‍ट जारी करते समय अनारक्षित कैटेगरी के उम्‍मीदवारों की संख्या उन आरक्षित उम्‍मीदवारों से कम कर दी जाती है जो बगैर किसी रियायत के जनरल कैटेगरी के उम्‍मीदवारों के बराबर या उच्‍च मेरिट स्‍कोर हासिल करते हैं।' 

आयोग का कहना है कि रिजल्ट की यह पद्धति दशकों से चली आ रही है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि रिजर्व कैटेगरी के ऐसे उम्मीदवार, जिनका चयन जनरल स्टैंडर्ड पर किया गया है, वह फायदे को देखते हुए अपने रिजर्व स्टेटस के आधार पर अपनी सर्विस और कैडर चुन लेते हैं, ऐसी स्थिति में खाली हुई वैकेंसी को रिजर्व लिस्ट से भरा जाता है।

रिजर्व लिस्ट में रिजर्व कैटेगरी के अभ्यर्थियों की पर्याप्त संख्या होती है। वरीयता को लेकर होने वाली कमी की भरपाई भी इससे होती है। 

आयोग का कहना है कि रिजर्व लिस्‍ट कोई वेटिंग लिस्‍ट नहीं है। असम में किसी भी मल्टी सर्विस एग्‍जाम में यह इसलिए जरूरी होती है ताकि आरक्षित कैटेगरी के वे उम्‍मीदवार जो बगैर किसी रियायत के जनरल कैटेगरी के उम्‍मीदवारों से बेहतर स्‍कोर करते हैं, उन्‍हें हायर प्रेफरेंस की सर्विस चुनने का मौका मिल सके।
 

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