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23 अक्तूबर, 2020|4:52|IST

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UPSC प्रीलिम्स परीक्षा पोस्टपोन करने के लिए 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने किए याचिका पर हस्ताक्षर

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भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस केस के दौरान विभिन्न परीक्षाओं के आयोजित होने के खिलाफ छात्रों ने सोशल मीडिया पर जंग छेड़ दी है। अब इसी कड़ी में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के वो उम्मीदवार भी जुड़ गए हैं जो 4 अक्टूबर, 2020 को UPSC प्रीलिम्स परीक्षा देंगे। ये सभी उम्मीदवार परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं।

देश में तेजी से कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए छात्रों ने विभिन्न परीक्षाओं के आयोजित होने के खिलाफ अपनी जंग छेड़ दी है। इस लिस्ट में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के वो उम्मीदवार भी शामिल हैं जो 4 अक्टूबर, 2020 को UPSC प्रीलिम्स की परीक्षा देने वाले हैं। लेकिन कोरोना की वजह से परीक्षा की तैयारी न हो पाने की वजह से अब ये सभी उम्मीदवार परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। 

पिछले दो साल से दिल्ली में रहकर यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC)की परीक्षा की तैयारी करने वाली मुंबई की अकक्षता की भी यही समस्या है। दरअसल, अकक्षता का कहना है कि मार्च महीने से कोविड-19 नाम की महामारी के फैलने की वजह से वो 4 अक्टूबर को होने वाली अपनी UPSC प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाई हैं। जिसकी वजह से अपनी परीक्षा और खुद की सुरक्षा को लेकर वो काफी चितिंत महसूस कर रही हैं।   

अकक्षता उन 23,000 UPSC प्रीलिम्स की परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार के कर्मियों और प्रशिक्षण विभाग को संबोधित उस याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं, जो महामारी को देखते हुए परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। बता दें, इस परीक्षा को लेकर कई उम्मीदवार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं तो अन्य कई कक्षाएं निलंबित होने की वजह से तैयार के लिए पर्याप्त समय न मिलने की वजह से परेशान हैं। अकक्षता का कहना है कि इस परीक्षा को पूरा करने में एक साल का समय लगता है क्योंकि यह तीन चरणों में आयोजित की जाती है। महिला उम्मीदवारों के लिए परेशानी ज्यादा इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि उनके ऊपर शादी का दबाव भी बना होता है। 

अकक्षता की ही तरह UPSC की परीक्षा की तैयारी करने वाली मुंबई की एक दूसरी उम्मीदवार भी हैं। जो मुंबई में एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में काम करती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें महामारी के दौरान फ्रंटलाइन पर काम करने की वजह से अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए पूरा समय नहीं मिल पाया है। 

4 अक्टूबर को 72 केंद्रों पर 10 लाख से अधिक उम्मीदवारों के प्रारंभिक परीक्षा देने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल यूपीएससी के चेयरपर्सन प्रदीप जोशी और अतिरिक्त सचिवों में राजकुमार गथवाल और आरके सिन्हा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

वहीं बिहार में यूपीएससी परीक्षा की उम्मीदवार प्रिया कुमारी 10 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी भी मांग यह है कि UPSC प्रीलिम्स की परीक्षा को स्थगित कर दिया जाए। अभ्यर्थियों द्वारा हस्ताक्षरित याचिका में परीक्षा स्थगित करने के 10 कारण बताए गए हैं, जिसमें उम्मीदवारों की सुरक्षा, कोविड -19 के बढ़ते मामले और कई लोगों द्वारा पारगमन बाधाएं शामिल हैं।

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  • Web Title:UPSC civil services exams 2020:More than 20K UPSC aspirants sign petition to Centre seeking postponement of October 4 prelims