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UPPSC RO ARO : यूपीपीएससी ने आरओ एआरओ भर्ती परीक्षा में इंटरनेट सेवा बंद करने का भेजा था प्रस्ताव

UPPSC RO ARO: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण हर केंद्र पर मोबाइल फोन जैमर लग पाना संभव नहीं था।

UPPSC RO ARO : यूपीपीएससी ने आरओ एआरओ भर्ती परीक्षा में इंटरनेट सेवा बंद करने का भेजा था प्रस्ताव
Pankaj Vijayसंवाददाता,प्रयागराजFri, 23 Feb 2024 07:40 AM
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण हर केंद्र पर मोबाइल फोन जैमर लग पाना संभव नहीं था। आयोग के सूत्रों की माने तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने आरओ-एआरओ की प्रारंभिक परीक्षा वाले दिन संबंधित जनपद में इंटरनेट सेवा बंद किए जाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, क्योंकि राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में ऐसा किया जाता है। शासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ, क्योंकि इससे आम लोगों को दिक्कत हो सकती थी।

आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 के लिए 1076004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। 11 फरवरी 2024 को हुई प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रदेश के 58 जिलों में 2387 केंद्र बनाए गए थे। सूत्रों का कहना है कि केंद्रों की संख्या इतनी अधिक थी कि हर केंद्र में मोबाइल फोन जैमर का इस्तेमाल कर पाना संभव नहीं था। आयोग परीक्षार्थियों की संख्या के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी परीक्षा कराने जा रहा था लिहाजा उसके सामने चुनौती परीक्षा का सफल संचालन था। आयोग ने परीक्षा से हफ्ते भर पहले सभी 58 जिलों के नोडल अफसरों से बैठक की थी। वहीं, आयोग से प्रस्ताव मिलने के बाद परीक्षा केंद्रों पर निगरानी भी बढ़ा दी गई थी लेकिन परीक्षा से कुछ देर पहले पेपर व्हाट्सएप पर वायरल होने का आरोप लगने लगा।

परीक्षा रद्द कराने को कलक्ट्रेट में जुटे प्रतियोगी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 रद्द कराने की मांग बढ़ती ही जा रही है। गुरुवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रतियोगी छात्रों ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उधर, शाम को बघाड़ा डेलीगेसी में माइक मीटिंग का आयोजन किया गया और पेपर लीक मामले में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।

पेपर लीक मामले में समाजवादी छात्र सभा के बैनर तले प्रतियोगी छात्रों ने गुरुवार को इविवि छात्रसंघ भवन से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन देकर परीक्षा निरस्त करते हुए पुनर्परीक्षा कराने की मांग की। अखिलेश गुप्ता ने कहा कि अगर आरओ/एआरओ और पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त नहीं की जाती तो छात्र सड़क पर उतरेंगे। छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष आदिल हमजा ने कहा डबल इंजन की सरकार ने नौजवानों की कमर तोड़ दी है। इस अवसर पर अजय यादव सम्राट, मो. सैफ, अरविंद सरोज, आशुतोष मौर्या, हरेंद्र यादव, नवनीत कुमार आदि मौजूद रहे।

आयोग अध्यक्ष के संपत्ति हो जांच : युवा मंच के बैनर तले गुरुवार को सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया। जिसमें सीएम के एक्स हैंडल पर पोस्ट कर आरओ/एआरओ पेपर लीक एवं लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सचिव की संपत्ति की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। पत्थर गिरजाघर के पास रोजगार के मुद्दे पर पदाधिकारियों का धरना 73वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर राजेश सचान, अनिल सिंह, तेजेश सिंह, राम अचल राव, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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