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15 जुलाई, 2020|6:03|IST

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UPPSC RO ARO Pre Exam 2017: समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा में आए प्रश्नों पर उठा विवाद

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UPPSC Samiksha Adhikari exam 2017: लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2017 (आरओ-एआरओ प्री) में भी प्रश्नों का विवाद सामने आ गया है। प्रतियोगी पत्रिका का प्रकाशन करने वाले शहर के एक प्रकाशक की ओर से जारी की गई इस परीक्षा की उत्तर कुंजी में सामान्य अध्ययन (जीएस) के तीन प्रश्नों को गलत बताया जा रहा है जबकि तीन अन्य प्रश्नों के उत्तर में दिए गए चार में से दो विकल्पों के सही होने का दावा किया गया है। यह परीक्षा आठ अप्रैल को हुई थी।

पहले बात करते हैं कि जीएस के तीन गलत प्रश्नों की। एक प्रश्न में मेजर जनरल शाहनवाज खान, कर्नल प्रेम कुमार सहगल, कर्नल शौकत अली मलिक और मेजर करतार सिंह का नाम लेते हुए पूछा गया था कि इनमें से कौन सा व्यक्ति आजाद हंिदू फौज से नहीं जुड़ा था। प्रकाशक का दावा है कि चारों व्यक्ति आजाद हंिदू फौज से जुड़े थे। विकल्प में सही उत्तर नहीं है लिहाजा प्रश्न ही गलत है। दूसरे प्रश्न में पूछा गया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में तृतीयक क्षेत्र की भागीदारी वर्ष 2016-17 में कितनी थी? प्रकाशक का दावा है कि इसका सही उत्तर है 73.08 लाख करोड़ होना चाहिए लेकिन यह उत्तर के चारों विकल्प में शामिल नहीं है। 

गलत बताया जा रहा तीसरा प्रश्न तर्कशक्ति का है। इसमें पूछा गया था कि ए, बी का भाई है, सी, ए का पिता है, डी, ई का भाई है और ई, बी की पुत्री है तब डी का चाचा कौन होगा? प्रकाशक का दावा है कि इस प्रश्न में बी का लिंग स्पष्ट न होने से भ्रम की स्थिति हो गई है इसलिए सही उत्तर का आकलन मुश्किल है।

जिन तीन प्रश्नों के दो विकल्प सही बताए जा रहे हैं उसमें पहला प्रश्न लाई-फाई को लेकर है, जिसमें पूछा गया है कि लाई-फाई को लेकर निम्न में से कौन का कथन सही नहीं है? प्रकाशक का दावा है कि उत्तर के चार में से दो विकल्प बी और डी सही हैं। विद्युत चुंबकीय प्रेरण पर आधारित युक्ति है? प्रश्न के उत्तर के चार में से दो विकल्प डायनेमो और विद्युत मोटर को सही बताया जा रहा है। एक प्रश्न में केंद्रीय अन्वेषक ब्यूरो, केंद्रीय सतर्कता आयोग, भ्रष्टाचार निरोधक कानून और प्रवर्तन निदेशालय का स्थापना वर्ष देते हुए पूछा गया था कि कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है? प्रकाशक का दावा है कि इस प्रश्न के उत्तर के चार में दो विकल्प सी और डी सही हैं।

आयोग की उत्तर कुंजी से स्पष्ट होगी स्थिति
गलत प्रश्न और दो उत्तर विकल्प पर स्थिति आयोग की ओर से उत्तर कुंजी जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बता दें कि आयोग विशेषज्ञों का पैनल गठित कर पेपर को हल करवाने के बाद उत्तर कुंजी जारी करता है। इस पर प्रतियोगी छात्रों की आपत्तियां ली जाती हैं। आपत्तियों का विशेषज्ञ पैनल से निस्तारण कराने के बाद उत्तर कुंजी संशोधित कर ओएमआर का मूल्यांकन किया जाता है।

पीसीएस की दो परीक्षा में हो चुका है विवाद
आयोग की पीसीएस प्री 2016 और 2017 परीक्षा में प्रश्नों को लेकर विवाद हो चुका है। दोनों ही परीक्षा में गलत प्रश्नों को लेकर प्रतियोगी छात्रों की ओर से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट परिणाम संशोधित करने का आदेश दे चुका है। पीसीएस प्री 2016 में आयोग को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है जबकि पीसीएस प्री 2017 के संबंध में तीस मार्च को हुए हाईकोर्ट के आदेश पर आयोग ने अब तक कोई फैसला ही नहीं लिया है।

हिन्दी के चार प्रश्नों के दो सही उत्तर 
एक अन्य प्रकाशक की ओर से जारी आरओ-एआरओ प्री 2017 की हिन्दी की उत्तर कुंजी में चार प्रश्नों के उत्तर के दो विकल्पों के सही होने का दावा किया जा रहा है। इनमें से दो प्रश्न विशेषण, एक प्रश्न अशुद्ध वर्तनी तथा एक अन्य विलोम शब्द से संबंधित है।

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  • Web Title:UPPSC RO ARO Pre Exam 2017 - controversy on question of UP Review Officer Recruitment Examination