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15 सितम्बर, 2020|9:50|IST

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यूपी पुलिस भर्ती : उम्मीदवार को प्राइवेट डॉक्टर ने बताया फिट, UPPRPB मेडिकल बोर्ड ने बताया अनफिट, जानें क्या रहा कोर्ट का फैसला

Bihar police Constable PET 2017

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018 में पुलिस भर्ती बोर्ड से अलग मेडिकल बोर्ड गठित कर मेडिकल कराने की मांग नामंजूर कर दी है। कोर्ट ने कहा कि वैधानिक प्रक्रिया के तहत गठित मेडिकल बोर्ड एक विशेषज्ञ संस्था है। उसके निर्णयों को महत्व दिया जाना चाहिए और जब तक उस मेडिकल बोर्ड के निष्कर्ष में लापरवाही या खामी न हो, कोर्ट उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। कोर्ट के पास अनुच्छेद 226 में पर्याप्त अधिकार हैं लेकिन मेडिकल बोर्ड के मामले में आदेश करते समय अदालतों को बेहद सचेत रहने की आवश्यकता है।

यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल एवं न्यायमूर्ति डॉ योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थी मनीष कुमार की अपील खारिज करते हुए दिया है। याचिका के अनुसार पुलिस भर्ती बोर्ड से गठित मेडिकल बोर्ड ने याची को अनफिट करार दिया था। अपीलेट मेडिकल बोर्ड ने भी पहले बोर्ड के निष्कर्ष को सही माना। जबकि प्राइवेट डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार याची कार्य के लिए स्वस्थ्य और एकदम फिट है। इस मामले में एकल पीठ से याचिका खारिज होने के बाद विशेष अपील दाखिल की गई थी। खंडपीठ ने कहा कि याची मेडिकल बोर्ड के निष्कर्ष में कोई अनियमितता नहीं बता सका है। प्राइवेट डॉक्टर की रिपोर्ट भी स्पष्ट नहीं है कि याची को कोई बीमारी थी या नहीं।

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  • Web Title:UP Police Recruitment : Candidate declared fit by private doctor but unfit by upprpb medical board know court decision