Hindi Newsकरियर न्यूज़up: now qualifying teacher recruitment exam and tet uptet is must to become teacher in aided junior high schools in uttar pradesh

यूपी : एडेड जूनियर हाईस्कूलों में भी शिक्षक भर्ती में टीईटी व भर्ती परीक्षा पास करना जरूरी

अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों में भी शिक्षक भर्ती सरकारी प्राइमरी स्कूलों की शिक्षक भर्ती की तर्ज पर होगी। अब यहां भी अध्यापक पात्रता परीक्षा ( टीईटी या TET ) व शिक्षक भर्ती परीक्षा...

Pankaj Vijay लखनऊ, विशेष संवाददाताWed, 4 Dec 2019 02:09 PM
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यूपी : एडेड जूनियर हाईस्कूलों में भी शिक्षक भर्ती में टीईटी व भर्ती परीक्षा पास करना जरूरी

अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों में भी शिक्षक भर्ती सरकारी प्राइमरी स्कूलों की शिक्षक भर्ती की तर्ज पर होगी। अब यहां भी अध्यापक पात्रता परीक्षा ( टीईटी या TET ) व शिक्षक भर्ती परीक्षा पास करने वाले ही शिक्षक बन सकेंगे। भर्ती के लिए स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 फीसदी अंक जरूरी होंगे। इन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती का अधिकार सरकार को होगा। इस संबंध में उप्र मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल) (अध्यापकों की भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियमावली-1978 में सातवां संशोधन किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला किया गया। प्रदेश में 3082 एडेड स्कूल हैं। 

भर्ती के लिए अब स्नातक में न्यूनतम 50 फीसदी अंक जरूरी
इन स्कूलों में शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन सरकार देती है। अब यहां भी भर्ती परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की तर्ज पर होगी। अभी तक यहां प्रबंधन अपने स्तर से भर्ती करता था। संशोधन के मुताबिक, टीईटी पासिंग मार्क्स, भर्ती परीक्षा व भर्ती परीक्षा उत्तीर्णांक के मुताबिक भर्ती होगी। वहीं अब भर्ती के लिए स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 फीसदी अंक होने अनिवार्य है। 
 
बीएसए को भेजनी होगी खाली पदों की सूचना
इस संशोधन द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए प्रबन्धन को अपने यहां की रिक्तियों की सूचना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजनी होगी। बीएसए इन रिक्तियों को शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा को  भेजेंगे इसके बाद यहां से सभी मानकों के मुताबिक मेरिट बनेगी। मेरिट के लिए गुणवत्ता अंकों का भी निर्धारण भी किया जा रहा है। 

अब एडेड स्कूलों में अस्थायी नियुक्तियां नहीं की जा सकेंगे। वहीं शिक्षकों के कर्तव्यों को भी इसमें शामिल किया गया है। संशोधन के बाद एडेड स्कूलों की मान्यता भी वापस ली जा सकेगी।  सम्बन्धित संस्थाओं को मान्यता सम्बन्धी नियमों का पालन न करने की स्थिति में  नोटिस देकर उनकी मान्यता वापस ली जा सकेगी।

नये सिरे से होगा आकलन
राज्य सरकार ने बीते दिनों एडेड स्कूलों में नये सिरे से जनशक्ति निर्धारण का निर्देश  दिया है। अब इन स्कूलों में न्यूनतम 3 शिक्षक होंगे। वहीं 35 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक  रखा गया है। वहीं बच्चों की संख्या 100 से ज्यादा होने पर ही प्रधानाध्यापक का पद मान्य होगा। 

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