DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

UP Board : अयोग्य छात्रों का फार्म फारवर्ड किया तो होगी कार्रवाई

यूपी बोर्ड की 2020 परीक्षा के लिए 10वीं-12वीं के प्राइवेट छात्रों की अग्रसारण नीति सोमवार को जारी कर दी गई। माध्यमिक शिक्षा निदेशक और बोर्ड के सभापति विनय कुमार पांडेय ने अनर्ह छात्रों का फार्म अग्रसारित करने पर प्रिंसिपल और डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बार भी उन्हीं राजकीय विद्यालयों को ही अग्रसारण केंद्र बनाया जाएगा जहां पर्याप्त शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं। प्रत्येक केंद्र से हाईस्कूल के 600 और इंटर के 400 छात्र-छात्राओं के ही फार्म अग्रसारित होंगे। प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थी, विदेशी नागरिकों या अन्य बोर्ड से आए अभ्यर्थियों के पंजीकरण की व्यवस्था केवल जनपद मुख्यालय के राजकीय विद्यालयों में ही की जाएगी। 

प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थी, विदेशी नागरिकों या अन्य बोर्ड से आए अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति तभी मिलेगी जब वह प्रदेश में दो वर्ष निवास करने का प्रमाणपत्र परीक्षा आवेदन के साथ प्रस्तुत करेंगे। डीआईओएस को जिम्मेदारी दी गई है कि जिले के सभी अग्रसारण केंद्रों पर आवेदन पत्र ऑनलाइन कराए जाने से पहले सभी आवेदन पत्रों एवं अर्हता प्रमाणपत्रों की विधिवत जांच करा लें।

हर साल मिलेंगे 3000 रुपये, CBSE , ICSE, UP Board स्टूडेंट्स करें आवेदन

जिले में 15 राजकीय कॉलेज बने अग्रसारण केंद्र
प्रयागराज। जिले में 15 राजकीय कॉलेजों को अग्रसारण केंद्र बनाया गया है। जीजीआईसी व जीजीआईसी प्रयागराज, जीजीआईसी कटरा, फाफामऊ, फूलपुर, सैदाबाद, हंडिया, धनुपुर, परवेजाबाद, शंकरगढ़, नारीबारी व मुंगारी करछना, पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज कमलानगर, जीआईसी सुरुवादलापुर और बेरी को अग्रसारण की जिम्मेदारी दी गई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:up board : action will be on principle and dios if ineligible student form will forwarded