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1 अप्रैल, 2020|10:01|IST

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यूपी बोर्ड 2020: गलतियों और आउट ऑफ सिलेबस सवालों ने छकाया

up board hindi paper

यूपी बोर्ड को मूल रूप से हिंदी मीडियम बोर्ड ही माना जाता है। हिंदी मीडियम बोर्ड के हिंदी के ही पेपरों में गलतियों की भरमार रही। तमाम छात्र भी इन गलतियों के कारण भ्रमित होते रहे। कैमरे लगे होने के चलते कक्ष निरीक्षक भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाए। कुछ सवाल आउट ऑफ सिलेबस भी रहे। 

 गुलाब राय इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता डॉ गोविंद दीक्षित ने बताया कि हाईस्कूल और इंटर दोनों के पेपर में गलतियां मिलीं। हाईस्कूल के पेपर में प्रश्न संख्या एक के खंड के चारों विकल्प में से कोई भी सही नहीं था। प्रश्न संख्या 2 के खंड ख में भक्तिकाल से जुड़ा सवाल पूछा गया। जबकि भक्तिकाल अब कोर्स में है ही नहीं। प्रश्न संख्या 10 में संधि विच्छेद कीजिए लिखा है, जबकि संधि विच्छेद पहले से ही हो रखा है। वर्तनी संबंधी भी कई गलतियां पकड़ में आईं। इंटरमीडिएट साहित्यिक हिंदी कोड 301 में पहले प्रश्न के खंड ग में मेरी जीवन यात्रा की विधा पूछी गई। सही उत्तर आत्मकथा है जो कि विकल्प में था ही नहीं। प्रश्न संख्या 6 के अन्तर्गत ध्रुवयात्रा कहानी के प्रमुख पात्र का चरित्र चित्रण करने को कहा, जबकि यह कहानी पाठ्यक्रम में शामिल ही नहीं है। सामान्य हिंदी कोड 302ठ में प्रश्न संख्या दो के खंड ख में मैथिलीशरण गुप्त का प्रथम काव्य संग्रह पूछा गया। उनका प्रथम काव्य संग्रह रंग में भंग है। यह विकल्प में था नहीं। छात्रों ने आउट ऑफ सिलेबस सवालों और गलत सवालों के लिए बोनस अंक देने की मांग की है। 

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  • Web Title:UP Board 2020: Mistakes and out of syllabus questions in Hindi paper created problems to the students