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केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से किया 100 मेधावियों का सम्मान

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Saumya Tiwari
Wed, 27 Jan 2021 07:48 AM
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से किया 100 मेधावियों का सम्मान

शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश भर के स्कूलों, कॉलेजों, आईआईटी, एनआईटी और विश्वविद्यालयों से गणतंत्र दिवस परेड 2021 देखने के लिए बुलाए गए लगभग 100 मेधावी छात्रों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस देकर उन्हें सम्मानित किया। ये सभी छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किये गए थे जिनके रहने, भोजन एवं आने-जाने की व्यवस्था शिक्षा मंत्रालय ने की।

केंद्रीय मंत्री ने सभी छात्रों से बात की एवं उन्हें राष्ट्र निमार्ण के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “आज का दिन आप सभी युवाओं को अपने संविधान पर गर्व करने और देशभक्ति की भावना महसूस करने का दिन है। मुझे यकीन है कि राजपथ पर देश की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक कौशल का गवाह बनने के बाद आपके भीतर इन भावनाओं को एक नया बल मिला होगा। भारत पूरे विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमारे इस लोकतंत्र की ताकत है- समावेशी संविधान जो समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करता है और लोकतंत्र की नैतिकता और जीवंतता को केवल तभी सुरक्षित और जीवंत रखा जा सकता है जब राष्ट्र का युवा - लोकतंत्र के सिद्धांतों और राष्ट्र की समृद्धि के लिए कार्य करे। युवाओं की शक्ति में विश्वास करते हुए, मैं, युवा देवो भव:, युवा शक्ति देवो भव:' का मंत्र आप सबके प्रति अर्पित करता हूं।”

उन्होनें आगे कहा “ किसी भी राष्ट्र के पास बहुत सारे संसाधन हो सकते हैं परंतु किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। मैं युवाओं को दैवीय शक्ति के समकक्ष मानता हूं। मेरी नजर में युवा केवल उम्र का एक पड़ाव या कोई वार्षिक चरण नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक स्थिति है।”

उन्होनें सभी छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “आप आज के युवा है और भारत का भविष्य भी है। आप में जबरदस्त ऊर्जा है ,आकांक्षाएं हैं, स्वप्न हैं और उन्हें पूरा करने की इच्छा शक्ति भी है। आप जिस क्षेत्र में भी जाएं, अपना सवोर्त्तम योगदान दें, राष्ट्र निमार्ण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनें। मैं आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 21वीं सदी की युवा पीढ़ी स्वर्णिम भारत की आधारशिला बनेगी।”

इसके अलावा उन्होनें कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा मंत्रालय द्वारा शिक्षा को अनवरत जारी रखने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में भी छात्रों को विस्तार से बताया और उनसे कहा कि अब समय आ गया है कि आप रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफार्म करें। शिक्षा मंत्रालय सदैव आपके साथ खड़ा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को आत्मनिर्भर भारत अभियान के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित की गईं विभिन्न हैकाथॉन, टॉयथॉन, टेकाथॉन इत्यादि के साथ साथ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में भी विस्तार से बताया।

डॉ निशंक ने युवाशक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को एक'ज्ञान महाशक्ति'के रूप में उभरने के लिए, यह आवश्यक है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और हमारे राष्ट्रपति के संरक्षण में, हम'इंडिया फर्स्ट - कैरेक्टर मस्ट'की सोच के साथ'टीम इंडिया'के रूप में एक साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, “आज हमारे पास विज़न, लीडरशिप एवं इक्छाशक्ति सब कुछ है, हमारे पास हमारा मार्गदर्शन करने की दृष्टि है, नेतृत्व करने का कौशल है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे पास अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रबल इच्छाशक्ति है ।इसलिए अब समय आ गया है कि हम नीति के कायार्न्वयन की दिशा की ओर बढ़ें। मुझे पूरा विश्वास है कि 21 वीं सदी के स्वर्णिम भारत के निमार्ण में आप सभी आगे आएंगे और अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

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