UP Board 10th Result: 95.83% के साथ तेजस्वी ने किया टॉप, देखें लिस्ट
यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के नतीजे शुक्रवार दोपहर जारी कर दिए गए। इस साल परीक्षाओं में पास हुई छात्राओं का प्रतिशत छात्रों की तुलना में अधिक रहा।
95.83% के साथ तेजस्वी ने किया टॉप, पढ़ें पूरी लिस्ट
यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के नतीजे शुक्रवार दोपहर जारी कर दिए गए। इस साल परीक्षाओं में पास हुई छात्राओं का प्रतिशत छात्रों की तुलना में अधिक रहा। हाईस्कूल में 81.18 प्रतिशत परीक्षार्थी पास हुए हैं जबकि इंटरमीडिएट में 82.62 प्रतिशत परीक्षार्थियों को सफलता मिली है। हाईस्कूल की परीक्षा में फतेहपुर की तेजस्वी देवी ने 95.83 प्रतिशत अंक लाकर टॉप किया है। वे जय मां एसजीएमआईसी, राधानगर की छात्रा हैं।
दूसरे नंबर पर क्षितिज सिंह आए हैं। हरदोई के माधवगंज में लखनऊ पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के क्षितिज को 95.33 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसके बाद तीसरे नंबर पर नवनीत कुमार दिवाकर 95.83 प्रतिशत अंक के साथ हैं। वे बाराबंकी के रहने वाले हैं।
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बाराबंकी की पायोनियर मांटेसरी इंटर स्कूल कॉलेज की प्रगति सिंह 95.33 फीसदी अंक के साथ चौथे स्थान पर रही हैं। वहीं, अगले यानी पांचवे नंबर पर अमीना खातून आईं। उन्हें 95.33 प्रतिशत अंक मिले। अमीना भी बाराबंकी की रहने वाली हैं।
लाइव हिन्दुस्तान पर देखें रिजल्ट
यूपी बोर्ड का रिजल्ट www.livehindustan.com पर भी रिजल्ट देखा जा सकता है। स्टूडेंट्स की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए 'हिन्दुस्तान' ने यह कदम उठाया है। जिन छात्रों ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं दी थीं, वो रिजल्ट घोषित होने पर इस लिंक पर क्लिक कर अपना परीक्षा परिणाम जान सकते हैं। इसके लिए आपको अपना मोबाइल नंबर और रोल नंबर इसमें डालना होगा।
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स्टूडेंट्स बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं। छात्र छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in पर भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं। अगली स्लाइड्स में देखें यूपी बोर्ड के दसवीं के टॉपर्स की लिस्ट
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल में तेजस्वी ने किया टॉप, पढ़ें पूरी लिस्ट
परीक्षा में बरती गई थी सख्ती
यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद परीक्षा के दौरान जिलों में अफसरों ने नकल पर खासी सख्ती बरती गई थी, जिसके कारण स्कूलों में मकल पर लगाम लगी। बोर्ड ने इस बार 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं की कॉपियां दोबारा जांचने के आदेश दिए थे। इसे सख्ती का ही असर कहेंगे कि 2017 की परीक्षा में यूपी बोर्ड ने सामूहिक नकल की शिकायत पर 72 केन्द्रों की एक-एक पाली की परीक्षा निरस्त की जबकि 91 स्कूलों को डिबार कर दिया।


