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टॉप करने के लिए ढेर सारी किताबें नहीं, मेहनत जरूरी, लखनऊ के सीबीएसई 12वीं के इनटॉपर्स के सक्सेस सीक्रेट यहां जानें

CBSE 12th toppers-सेल्फ स्टडी ही सफलता का मूलमंत्र है। कोचिंग नहीं की। जितना स्कूल के शिक्षक बताते थे उसे ढंग से पढ़ा साल भर। टॉप करने के लिए जरूरी नहीं कि आप तमाम किताबों से पढ़ो। निरंतरता और कड़ी मे

टॉप करने के लिए ढेर सारी किताबें नहीं, मेहनत जरूरी, लखनऊ के सीबीएसई 12वीं के इनटॉपर्स के सक्सेस सीक्रेट यहां जानें
Anuradha Pandeyप्रमुख संवाददाता,लखनऊTue, 14 May 2024 08:58 AM
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सीबीएसई ने 10वीं, 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। हालांकि सीबीएसई ने टॉपर्स की लिस्ट जारी नहीं की लेकिन स्कूल अपने लेवल पर टॉपर्स जारी कर रहे हैं। आप भी अगर इन टॉपर्स से सीख लेना चाहते हैं, तो पढ़ें लखनऊ के इन होनहारों ने कैसे पाई सफळता और अब क्या है इनका प्लान

सोशल मीडिया से दूरी, रोज पढ़ाई ने दिलाई कामयाबी-आरती यादव 98.6 फीसदी अंक
मैं नियमित रूप से पांच घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान यह बढ़कर नौ से दस घंटे हो गया। स्कूल के शिक्षकों का बहुत सहयोग रहा जिससे कोचिंग की जरूरत ही नहीं पड़ी। बैंकिंग सेक्टर में जाना चाहती हूं। अब 12वीं के बाद सीए की तैयारी करनी हैं। सीयूईटी दे रहे हैं। बीकॉम आनर्स करना है। शहर में पहले की अपेक्षा विकास बहुत हुआ है। लेकिन अभी भी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट की बहुत जरूरत है। सरकार को स्कूलों की बढ़ती फीस पर नियंत्रण करना चाहिए। सोशल मीडिया पर मैं एक्टिव नहीं हूं। पिता जी हार्डवेयर का बिजनेस करते हैं। दो बड़ी बहन और एक बड़े भाई हैं। मैं सबसे छोटी हूं। माता-पिता मेरे आदर्श हैं।

स्कूल रोज जाती थी लेकिन पढ़ाई का तनाव नहीं लिया- दित्या शर्मा, 98.6 फीसदी अंक
मैंने पढ़ाई को लेकर कभी प्रेशर नहीं लिया। पढ़ाई की, घूमे टहले फिर थोड़ी देर पढ़ाई की। स्कूल नियमित गई और घर पर तीन से चार घंटे ही पढ़ाई की। मुझे खाना बनाना अच्छा लगता है, मैं किचेन में मम्मी की मदद भी करती हूं। जो अध्यापक बताते हैं उसे ध्यान से मन लगाकर पढ़ा। अब सीईयूटी का एंट्रेस देना है। बीकॉम आनर्स करना है। इसके साथ ही सीए का कोर्स भी करेंगे। मुझे बैंकिंग सेक्टर में जाना है। सिविल सर्विसेस के लिए तैयारी करनी है। मैं वाट्सएप और इंस्ट्राग्राम पर हूं। शहर में प्रदूषण बहुत बढ़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण होना चाहिए। पिता जी बैंकिंग सेक्टर में है। मां हाउस वाइफ, एक छोटा भाई है।


दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए फिर सिविल सेवा का इरादा-प्रगति सिंह,  98.4 फीसदी अंक

पढ़ाई के लिए मेरा बहुत सामान्य शेड्यूल रहता था। स्कूल से आने के बाद आराम से सोती हूं और आंख खुलने के बाद फिर मन करता है तो पढ़ती हूं। सुबह का अलार्म सेट कर रखती हूं। जल्दी उठकर पढ़ती थी। अब सीयूईटी की परीक्षा देकर दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए करने का इरादा है। दिल्ली में ही यूपीएससी की तैयारी करनी है और सिविल सर्विस की परीक्षा पास करके आईएएस बनाना है। देश के विकास के लिए काम करना चाहती हूं। मैं सोशल मीडिया से बिलकुल प्रभावित नहीं होती। नीरज चोपड़ा को मैं अपना आदर्श मानती हूं। पिता जी पुलिस में कांस्टेबल हैं। मां हाउस वाइफ हैं।

टॉप करने के लिए ढेर सारी किताबें नहीं, मेहनत जरूरी-आयुषी पटेल,  98.4 फीसदी अंक

सेल्फ स्टडी ही सफलता का मूलमंत्र है। कोचिंग नहीं की। जितना स्कूल के शिक्षक बताते थे उसे ढंग से पढ़ा साल भर। टॉप करने के लिए जरूरी नहीं कि आप तमाम किताबों से पढ़ो। निरंतरता और कड़ी मेहनत जरूरी होती है। फाउंडेशन मजबूत होना चाहिए। अध्यापकों और शिक्षकों ने भी अच्छी तरह से गाइड किया। सीईयूटी के जरिए दिल्ली विश्वविद्यालय व बीएचयू से बीकॉम आनर्स करने का इरादा है। मुझे आईआईएम से एमबीए करना है। फिर अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। किसी के लिए काम करने से अच्छा है कि आप स्वयं के लिए काम करें, मेहनत करें। मेरे पापा रायबरेली में सरकारी कॉलेज में क्लर्क हैं। मां घरेलू महिला हैं।

शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में शहर बहुत सुधर रहा,  एंद्री 98.4 फीसदी अंक

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मुझे इतिहास विषय बहुत रोचक लगता है। इसलिए इतिहास विषय में बीए आनर्स करना है। सीईयूटी भरा है। इतिहास के क्षेत्र में जाने के साथ ही पत्रकारिता में रुचि हैं। यूपीएससी की तैयारी करनी हैं। सोशल मीडिया में वाट्सएप चलाता हूं। मेरी सफलता से सभी बहुत खुश हैं। खासकर मेरी दादी। शहर का विकास निरंतर हो रहा है। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में शहर बहुत अच्छा हो रहा है। धीरे -धीरे नौकरियां भी आ रही हैं। मैं स्कूल की पढ़ाई के साथ घर पर भी पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। पूरे वर्ष पढ़ाई की। परीक्षा के दौरान आठ से नौ घंटे पढ़ाई की। स्कूल के शिक्षकों से लेकर परिवार को पूरा सहयोग मिला।

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