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1 नवंबर, 2020|6:57|IST

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Teacher's Day Speech: ऑनलाइन शिक्षक दिवस सेलिब्रेशन पर छात्र पढ़ सकते हैं यह भाषण

teachers day speech in hindi

सभी गुरुजनों को प्रणाम।।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोरोना संकट के चलते ऑनलाइन ही शिक्षक दिवस मना रहे हैं। इस मौके पर आपने मुझे मेरे शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रगट करने का अवसर दिया इसके लिए धन्यवाद।

गुरु गोविन्द दोऊ खड़े काके लागै पाएं ।
बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दिओ बताए।।

इस दोहा में कबीरदास जी ने गुरु का महत्व भगवान से भी बढ़कर बताया है। कबीर के अनुसार, भगवान और गुरु दोनों सामने खड़े मिले तो मन में दुविधा हुई कि पहले किसका अभिवादन करें? लेकिन भगवान का मैं आभारी हूं कि उन्होंने इशारा किया। यानी उन्होंने बता दिया कि गुरु को पहले सम्मान दो।

आज हम गुरु के इसी सम्मान के शिक्षक दिवस मना रहे हैं। भारत में शिक्षक दिवस मानाने की शुरुआत वर्ष 1962 से हुई थी। भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का देश के शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान रहा है। उनका जन्म दिनांक 5 सितंबर 1888 को हुआ था।

उनके उप-राष्ट्रपति बनने के बाद कुछ छात्रों, मित्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की बात कही। यह सुन कर डॉ. राधाकृष्णन बोले, मेरा जन्म दिन मनाने की जगह अगर इस दिन शिक्षक दिवस मनाया जाए तो मुझे गर्व होगा। तब से आज तक हर वर्ष हमारे देश में 05 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन हम उन्हें याद करने के साथ सभी शिक्षकों का सम्मान और धन्यवाद करते हैं।

भारत में टीचर्स डे का अपना एक बहुत अलग ही महत्व है। यहां पर टीचर डे पर अपने गुरुओं का सम्मान करने का अपना एक अलग ही तरीका है। कुछ अपने गुरुओं के लिए उपहार लाते हैं, उनको फोन करते हैं तो श्रद्धा के साथ अपने गुरुजनों की बातों को याद करते हैं। आज इस मौके पर अपने गुरु का सम्मान बढ़ाने वाला कोई संकल्प भी ले सकते हैं। शिक्षक दिवस के महत्व पर और भी ज्यादा बोला जा सकता है। लेकिन मैं अब अपनी बात को एक श्लोक के साथ समाप्त करना चाहूंगा।

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥

जय हिन्द।।

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  • Web Title:Teachers Day Speech: Students can read this speech on Online Teachers Day Celebration