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Hindi News करियरTeachers Day Speech In Hindi : 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर दें यह आसान भाषण

Teachers Day Speech In Hindi : 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर दें यह आसान भाषण

शिक्षक दिवस के दिन स्कूल और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होते हैं जिसमें स्टूडेंट्स टीचर्स पर स्पीच देते हैं। इस टीचर्स डे पर अगर आप भाषण देने वाले हैं तो आप इस तरह का भाषण दे सकते हैं- 

Teachers Day Speech In Hindi : 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर दें यह आसान भाषण
Pankaj Vijayलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 05 Sep 2023 05:41 AM
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Teachers Day Speech In Hindi : भारत में हर साल 5 सितंबर का दिन शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को समर्पित है। 5 सितंबर को ही प्रख्यात विद्वान, भारतीय संस्कृति के संवाहक और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन होता है। यह दिन शिक्षकों के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर करने का दिन होता है। यह शिक्षकों के योगदान का आभार व्यक्त करने का दिन है। इस अवसर पर हम अपने शिक्षकों के अथक समर्पण और अटूट प्रयासों के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। शिक्षक दिवस के दिन स्कूल और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होते हैं जिसमें स्टूडेंट्स टीचर्स पर स्पीच देते हैं। इस टीचर्स डे पर अगर आप भाषण देने वाले हैं तो आप इस तरह का भाषण दे सकते हैं- 

Teachers Day Speech In Hindi :  शिक्षक दिवस भाषण

सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं और मेरे दोस्तों को मेरा प्रणाम

आज शिक्षक दिवस है। मैं आप सभी को इस दिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। शिक्षक हमारे जीवन से स्तंभ होते हैं। वह अपना समय देकर हमारे जीवन को संवारते हैं और आगे बढ़ाते हैं। शिक्षक ना सिर्फ हमें शिक्षा देते हैं बल्कि वह हमेशा हमें अच्छा इंसान बनाने की कोशिश करते रहते हैं। उनकी कही बातें ही हमारे जीवन का निखारती हैं।

इस दिन देश के पहले उपराष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस होता है जो एक शिक्षक थे। सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे। 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के छोटे से गांव तिरुमनी में जन्मे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 

अब मैं बताता हूं उस किस्से के बारे में जिसकी वजह से उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के तौर पर चुना गया। एक बार उनके छात्रों ने आदर सम्मान से उनसे पूछा कि क्या वह उन्हें उनके जन्मदिन पर कोई गिफ्ट दे सकते हैं और उनका जन्मदिन मना सकते हैं। इस पर डॉ. राधाकृष्णन ने छात्रों से उपहार लेने से मना कर दिया और कहा कि वे इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मना सकते हैं। जब बाद में उनका निधन हुआ तो उन्हें श्रद्धांजलि व सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिन 5 सितंबर को  शिक्षक दिवस मनाए जाने का फैसला लिया गया।

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शिक्षक हमारे समाज का निर्माण करते हैं। वहीं हमारे मार्गदर्शक होते हैं। शिक्षक का स्थान माता पिता से भी ऊंचा होता है। माता-पिता बच्चे को जन्म जरूर देते हैं लेकिन शिक्षक उसके चरित्र को आकार देकर उज्वल भविष्य की नींव तैयार करता है। इसलिए हम चाहें कितने भी बड़े क्यों न होने जाए हमें अपने शिक्षकों को कभी नहीं भूलना चाहिए। 

यकीन मानिए, हमें जीवन के हर मुश्किल और अच्छे मोड़ पर टीचर्स की सिखाई बातें याद आती रहेंगी। एक कुम्हार जैसे मिट्टी के बर्तन को दिशा देता है, वैसे ही टीचर्स हमारे जीवन को संवारते हैं। 

टीचर्स ही हमारी प्रेरणा के स्त्रोत हैं जो हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

मैं अपने भाषण का अंत एक अच्छी शायरी के साथ करना चाहूंगा- 

गुरु तेरे उपकार का,
कैसे चुकाऊं मैं मोल,
लाख कीमती धन भला,
गुरु हैं मेरे अनमोल
Happy Teachers Day

भाषण तैयार करते समय इन बातों का रखें ध्यान ( Teacher's Day Speech Tips )
- भाषण ज्यादा लंबा न हो। छोटा और सटीक भाषण ही सबको सुनने में अच्छा लगता है।
- भाषण में जो तथ्य (फैक्ट्स) आप बोलने वाले उनकी एक बार फिर पुष्टि कर ले। उनमें कोई गलती नहीं होनी चाहिए।
- भाषण देने से पहले उसे कई बार पढ़ लें। इससे आप प्रभावशाली ढंग से बिना हिचकिचाए व अटके भाषण दे पाएंगे।  
- आईने के सामने प्रैक्टिस कर सकते हैं। रिकॉर्डिंग कर कमी निकाल सकते हैं। 
- दर्शको को भाषण के साथ जोड़ें। आंखों से संपर्क रखें।
- एक अच्छा वक्ता बनने के लिए आपका उठना, आपकी चाल और हावभाव भी काफी मायने रखता है। सहजता के साथ अपने स्थान से मंच तक पहुंचें। जब वक्ता का नाम पुकारा जाता है तभी से ही श्रोतागण आपकी ओर अपना ध्यान देने लगते हैं तथा देखने लगते हैं। इसलिए बनावटी चाल बनाने की बजाय सहज रहें। बिना किसी तनाव के बोलें।

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