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SSC MTS 2019: पकड़ा गया सॉल्वर, बरामद हुई ये चीजें

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SSC MTS 2019: एसटीएफ ने एसएससी (स्टाफ सलेक्शन कमीशन) मल्टीटास्किंग सर्विसेज की परीक्षा में गुरुवार को अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। एसटीएफ की टीम ने परीक्षा देने पहुंचे सॉल्वर को केशवपुरम् स्थित एक कोचिंग सेंटर के बाहर से गिरफ्तार किया। सरगना और अभ्यर्थी मौके से फरार हो गए। सॉल्वर के पास से फोटो मिक्सिंग करके बनाया गया फर्जी एडमिट कार्ड, मिक्सिंग फोटो से तैयार फर्जी आधार कार्ड व मिक्सिंग की फोटो और 900 रुपए मिले। कल्याणपुर थाने में सॉल्वर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एसटीएफ के कानपुर यूनिट प्रभारी घनश्याम यादव ने बताया कि प्रयागराज के थरवई थाने के  ताजुद्दीनपुर गांव निवासी सॉल्वर मान सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया है। प्रयागराज के मुकेश कुमार प्रजापति और सरगना गोपाल प्रसाद मौके से फरार हो गए। 

10 लाख में सौदा, 50 हजार सॉल्वर को
पकड़ा गया सॉल्वर मान सिंह यादव ने केवी डिग्री कॉलेज प्रयागराज से बीए की परीक्षा पास की है। उसने एसटीएफ को बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए गिरोह ने अभ्यर्थी से 10 लाख रुपए का सौदा किया था। सॉल्वर को 50 हजार रुपए मिलने थे। एडवांस में दो हजार रुपए दिए गए थे। सॉल्वर ने बताया कि गिरोह का सरगना गोपाल प्रसाद अभ्यर्थियों से पांच लाख से 10 लाख रुपए लेकर लेता है। वह खुद फर्जी आईडी, मिक्सिंग फोटो और एडमिट कार्ड तैयार करके परीक्षा देने के लिए भेजता है। पैसा देने के बाद पूरी जिम्मेदारी सरगना गोपाल की होती थी। वह यूपी, मध्यप्रदेश और बिहार में सॉल्वर भेजता है। 

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दो दर्जन बार परीक्षा दे चुका, निरस्त होगा रिजल्ट
सॉल्वर ने पुलिस को बताया कि वह रेलवे, एसएससी समेत कई परीक्षाओं को बतौर सॉल्वर के रूप में दे चुका है। अभी हाल में हुई रेलवे की परीक्षा में वह सॉल्वर बनकर गोरखपुर में परीक्षा देकर आया है। वाराणसी, प्रयागराज समेत कई जिलों में पकड़ा गया सॉल्वर परीक्षा दे चुका है। वह कभी भी पकड़ा नहीं गया। हर परीक्षा का उसे 50 हजार रुपए मिलता था। इसी तरह से गैंग का सरगना सॉल्वर के हिसाब से 10 से 50 हजार रुपए देता है। एसटीएफ ने सॉल्वर को पकड़ने के बाद पूरी जानकारी को संबंधित विभाग को भेजी है। जिससे सॉल्वर के जरिए परीक्षा को पास करने वाले अभ्यर्थी के रिजल्ट को निरस्त कराया जा सके। 

दोस्त अमित पकड़कर लाता सॉल्वर को
सरगना गोपाल का दोस्त अमित सिंह सॉल्वर व सरगना के बीच में कड़ी का काम करता है। वह गोपाल के लिए सॉल्वर और सरगना को मुहैया कराता है। अब एसटीएफ अमित सिंह को भी तलाश रही है। परीक्षा सफल होने पर अमित को भी हिस्सा मिलता था। गिरोह प्रयागराज में बैठकर पूरे यूपी में परीक्षा में सॉल्वर बैठाने का ठेका लेता था। शातिरों के पास एक दर्जन से ज्यादा सॉल्वर है। सभी को अलग-अलग जगह पर परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। 

घबराए सॉल्वर के साथ आया था सरगना
परीक्षा के दौरान सॉल्वर को संबंधित जिले में भेजने के बाद वहां पर उसे अभ्यर्थी मिल जाता है। वह सॉल्वर को सेंटर लेकर जाता है। सॉल्वर की जानकारी परीक्षा की सुबह ही होती है। कभी-कभी सॉल्वर अकेले ही परीक्षा देने जाता है। सॉल्वर के घबराने पर सगरना खुद सॉल्वर को सेंटर तक छोड़कर आता है। गुरुवार को परीक्षा देने के दौरान सरगना गोपाल प्रसाद भी सॉल्वर मान सिंह और अभ्यर्थी मुकेश कुमार प्रजापति के साथ आया था। मान सिंह के पकड़े जाने के बाद गच्चा देकर गोपाल प्रसाद और मुकेश मौके से भाग निकले। 

प्रश्न पत्र आउट कराने में माहिर गिरोह
एसटीएफ के मुताबिक पकड़ा गया मान सिंह यादव लंबे समय से पेपर सॉल्वर गिरोह के लिए काम कर रहा है। पूछताछ में मान सिंह ने बताया कि गिरोह के लोग प्रश्न-पत्र आउट कराने के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपने सॉल्वर को बैठाते हैं। मौके की स्थिति को भांपकर बेहतर सेटिंग के जरिए गिरोह का सरगना गोपाल पेपर को आउट कराता था।  

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एक दर्जन गिरोह पकड़े जा चुके
कानपुर सॉल्वरों का गढ़ बन गया है। जिले में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सॉल्वर मिल रहे हैं। कल्याणपुर और कोचिंग मंडी सॉल्वरों का बड़ा गढ़ है। अकेले एसटीएफ आठ से ज्यादा गिरोह का पर्दाफाश कर चुकी है। इसमें सबसे बड़ा गिरोह बिहार का पकड़ा जा चुका है। कोचिंग मंडी होने के चलते कल्याणपुर इलाके में कई सॉल्वर रह रहे हैं। उनकी कनेक्टिविटी भी सॉल्वरों से मिली है। एसटीएफ उनको तलाश रही है। 

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  • Web Title:SSC MTS 2019: solver arrested fake admit card aadhar card seized