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24 फरवरी, 2020|4:54|IST

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कुछ विश्वविद्यालय छात्रों को बांट रहे अमान्य डिग्रियां, UGC के नियमों की अनदेखी

ugc act section 22 on invalid degrees

विश्वविद्याल अनुदान आयोग (UGC) ने बताया है कि कुछ विश्वविद्यालय छात्रों को अमान्य डिग्रियां बांट रही रहे हैं जिससे छात्रों के सामने कई प्रकार की समस्याएं खड़ी हो रही हैं। उच्चतर शिक्षा नियामक संस्था यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी कर कहा है कि वे ऐसी डिग्रियां ही छात्रों को प्रदान करें जिनको यूजीसी से मान्यता प्राप्त है।


यूजीसी का यह नोटिस तब सामने आया है जब नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमिशन (NCDRC) ने हाल में कर्नाटक के एक कॉलेज को आदेश दिया कि वह 11 छात्रों को 1.12 लाख रुपए भुगतान करे। आरोपी है कि कॉलेज में छात्रों ने जिस विषय में एडमिशन लिया था उन्हें उसके बजाए किसी दूसरे विषय की डिग्री थमा दी गई। इससे परेशान छात्रों ने एनसीडीआरसी की शरण में गए थे।


कंज्यूमर कोर्ट ने केरल के कॉलेज सेंट एलॉइसिस इंस्टीट्यूट ऑफ कम्प्यूटर साइंस मंगलोर को आदेश देते हुए कहा कि 4 हफ्तों के भीतर तय रकम छात्रों को वापस की जाए। साथ ही कानूनी दांवपेंच में उनका जो खर्च हुआ उसे भी भुगतान किया जाए।


यूजीसी ने एक बार फिर सभी विश्वविद्यालयों से गुजारिश की है कि वे यूजीसी एक्ट की धारा 22 के तहत तय मानकों पर ही छात्रों को डिग्री बांटें। यूनिवर्सिटीज को जारी किया गया यह सर्कुलर यूजीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यूजीसी ने यह भी कहा कि यदि कोई संस्थान ऐसे विषय की डिग्री बांटना चाहते है जिसकी मान्यता नहीं है तो संस्थान को चाहिए कि ऐसा विषय को शुरू करने से 6 महीने पूर्व यूजीसी को सूचित करें और कोर्स की मान्यता करवाएं। 

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  • Web Title:some universities are distributing invalid degrees to its students says UGC