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सिपाही भर्ती 2018 का चयन हाईकोर्ट के आदेश के अधीन

उत्तर प्रदेश सिविल पुलिस व पीएसी के सिपाही पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा 2018 के चयन को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपने अग्रिम आदेशों के अधीन कर लिया है। न्यायालय के समक्ष कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा के सम्बंध में जारी उत्तर कुंजी और चयन सूची को चुनौती दी है। न्यायालय ने मामले पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अग्रिम सुनवाई जुलाई के तीसरे सप्ताह में होगी।

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यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल सदस्यीय पीठ ने अमित कुमार गुप्ता व 11 अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याचिका में 5 दिसम्बर 2018 को जारी उत्तर कुंजी और 18 फरवरी 2019 को जारी चयन सूची/परिणाम को खारिज किये जाने की मांग की गई है। याचिका में परिणाम को रिवाइज किये जाने की भी मांग की गई है। याचियों का कहना है कि 19 जून 2018 के शिफ्ट एक में पूछे गए प्रश्न ‘मौर्य वंश का अंतिम शासक कौन था’ के लिए मार्क्स दिये जाएं व ‘प्रश्न के हल के लिए सबसे उचित विकल्प को चुनें’ सम्बंधित प्रश्न हटाए जाएं, क्योंकि उनमें दिये गए सभी विकल्प गलत हैं। याचियों का कहना है कि परीक्षा ठीक ढंग से नहीं कराई गई है।

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हालांकि राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि याचिका पोषणीय नहीं है। क्योंकि विसंगतियों के सम्बंध में सभी आपत्तियां दिसम्बर 2018 में निस्तारित कर दी गई थीं लेकिन उस समय उक्त निस्तारण के बाद तुरंत याचियों ने याचिका नहीं दाखिल की। वे अब चयन सूची और परिणाम घोषित होने के बाद याचिका दाखिल कर रहे हैं। हालांकि न्यायालय ने अपनी सभी बातें जवाबी हलफनामे में कहने के निर्देश दिये। सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करना है व याचियों को उसके अगले दो सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल करने का समय दिया गया है।

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  • Web Title:sipahi recruitment 2019 selection is under high court decision