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3 अगस्त, 2020|12:45|IST

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बोर्ड परीक्षा में कमजोर प्रदर्शन बनेगा अनिवार्य रिटायरमेंट का आधार

retirement

सालाना बोर्ड परीक्षा में लगातार कमजोर रिजल्ट देने वाले 50 साल से अधिक उम्र के शिक्षक अनिवार्य रिटायरमेंट के दायरे में आने जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने अनिवार्य रिटायरमेंट के लिए सभी सीईओ से शिक्षकों के बाबत तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है।


एडी-माध्मिक, गढ़वाल महावीर सिंह बिष्ट के अनुसार किसी भी शिक्षक और कर्मचारी को अनिवार्य रिटायर करने से पहले उसके पिछले 10 साल के रिकार्ड को देखा जाएगा। जिस सरकारी सेवक की कार्य क्षमता और दायित्वों के प्रति सत्यनिष्ठा का अभाव पाया जाएगा, उसे अनिवार्य रूप से रिटायर करने की संस्तुति की जाएगी। 

ऐसे कार्मिकों के चयन के लिए नवंबर के महीने में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी। इससे पहले पहले सभी जिलों से एलटी-प्रवक्ता कैडर के शिक्षक-शिक्षिकाओं की रिपोर्ट मांगी गई है।  सूत्रों के अनुसार दूसरी तरफ, बेसिक स्तर पर भी अनिवार्य रिटायरमेंट को लेकर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। उसमें भी इन्हीं मानकों का पालन किया जाएगा।
मालूम हो कि सरकार ने अनिवार्य रिटायरमेंट के मानकों को सख्त करते हुए सभी विभागों को कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। पांच मई को मुख्य सचिव ने इस बाबत विस्तृत आदेश जारी किया है।

अनिवार्य रिटायरमेंट के लिए गहन समीक्षा के बाद ही किसी कार्मिक का चयन किया जाएगा। सीईओ को कहा गया है कि वो सभी प्रमाण, तथ्य, बीईओ और प्रधानाचार्य की सटीक रिपेार्ट के साथ ही संस्तुतियां करें।

महावीर सिंह बिष्ट, एडी-माध्यमिक, गढ़वाल

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  • Web Title:showing Poor performance in board examination can become the reason for compulsory retirement