DA Image
7 अगस्त, 2020|7:44|IST

अगली स्टोरी

शोध: लैंगिक-संपत्ति संबंधी विषमता का पढ़ाई पर पड़ता असर

study on indian students

भारत में गरीब बच्चे धनी घर के बच्चों की तुलना में शैक्षणिक रूप से वंचित महसूस करते हैं। इसी तरह लड़कों की तुलना में लड़कियां भी शिक्षा के मामले में पिछड़ापन महसूस करती हैं। भारतीय बच्चों पर किए गए एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह जानकारी दी। 

बर्मिंघम और ईस्ट एंगलिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने शनिवार को ब्रिटिश एजुकेशनल रिसर्च जर्नल में अपने शोध पत्र 'पिकिंग विनर्स : एन इंपीरिकल एनालिसिस ऑफ द डेट्रीमिनेंट्स ऑफ एजुकेशनल आउटकम्स इन इंडिया' को प्रकाशित किया। शोध को डॉ. क्रिश्चियन डारको और डॉ. निकोलस वासीलाकोस ने संयुक्त रूप से प्रकाशित किया। डारको ने कहा-हमारे निष्कर्ष में पता चला कि पारिवारिक पृष्ठभूमि लड़कियों और लड़कों को विभिन्न पहलुओं और शिक्षा के विषय पर अलग तरीके से प्रोत्साहित करती है, लड़कों और लड़कियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में भिन्नता माता-पिता की उम्मीदों और बच्चों से अपेक्षाओं पर भी निर्भर करती है।

निष्कर्षों में यह भी पाया गया कि नामांकन दर में बढ़ोतरी और लड़के एवं लड़कियों के लिए शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की खातिर शैक्षणिक सुधार के बावजूद बच्चों की शिक्षा पर लैंगिक और संपत्ति के अंतर का असर पड़ता है। डारको ने कहा कि संस्कृति में बदलाव काफी कठिन है, इसलिए शैक्षणिक नीति के इतर हस्तक्षेप की जरूरत है। वासीलाकोस ने कहा-हमारे परिणाम में दिखता है कि धनाढ्य परिवारों के बच्चों के शैक्षणिक परिणाम गरीब परिवार के बच्चों की तुलना में अच्छे हैं। इसी तरह से लैंगिक असमानता का भी असर पड़ता है।  

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Research: Gender-property disparities impact education