REET लेवल-1 भर्ती से बीएड अभ्यर्थी बाहर, कोर्ट ने सिर्फ BSTC वालों को माना योग्य

रीट लेवल-1 भर्ती के बीएड अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने रीट लेवल-1 भर्ती के लिए सिर्फ बीएसटीसी अभ्यर्थियों को ही योग्य करार दिया है। जोधपुर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की...

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Pankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान टीम , नई दिल्ली
Last Modified: Thu, 25 Nov 2021 3:28 PM

रीट लेवल-1 भर्ती के बीएड अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने रीट लेवल-1 भर्ती के लिए सिर्फ बीएसटीसी अभ्यर्थियों को ही योग्य करार दिया है। जोधपुर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने गुरुवार को बीएसटीसी अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने रीट लेवल-1 भर्ती के लिए केवल बीएसटीसी अभ्यर्थियों को ही योग्य माना और बीएड अभ्यर्थियों के रिजल्ट को निरस्त करने के आदेश दिए। कोर्ट ने एनसीटीई के नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया जिसमें बीएड वालों को इस भर्ती के लिए योग्य करार दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी और न्यायाधीश सुदेश बंसल की खंड पीठ में यह फैसला सुनाया।

गौरतलब है कि रीट से राजस्थान में 31000 शिक्षकों की भर्ती होनी है। पहले रीट लेवल -1 भर्ती में बीएसटीसी के साथ बीएड डिग्री धारक को भी योग्य माने जाने पर कॉम्पिटिशन काफी तगड़ा था। लेकिन कोर्ट के इस फैसले के बाद बीएसटीसी के उन अभ्यर्थियों को फायदा होगा जो पहले वंचित रह रहे थे। कॉम्पिटिशन कम होने से पहले से ज्यादा बीएसटीसी के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी।

इससे पहले बुधवार को जोधपुर हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी हो गई थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार, मंगलवार और बुधवार तीनों दिन सभी पक्षों ने तर्कों के साथ अपना पक्ष रखा। बुधवार को बीएड अभ्यर्थियों की ओर से मामले में पक्ष रखा गया। सोमवार और मंगलवार दोनों दिन लगातार कई घंटों सुनवाई चली और बीएसटीसी अभ्यर्थी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के अधिवक्ताओं की ओर से पक्षा रखा गया। 

क्या था पूरा मामला

शिक्षा विभाग की ओर से जारी रीट नोटिफिकेशन में लेवल-1 में केवल बीएसटीसी वालों को ही पात्र माना गया था लेकिन बीएड डिग्रीधारियों के हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद हाईकोर्ट ने बीएड वालों को दोनों लेवल में शामिल करने के आदेश दिए। दूसरी ओर बीएसटीसी अभ्यर्थियों ने भी हाईकोर्ट में एनसीटीई के नोटिफिकेशन को चुनौती दे दी थी। बीएसटीसी अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि रीट लेवल-1 भर्ती में केवल बीएसटीसी वाले ही पात्र हैं, लेवल-1 भर्ती प्रक्रिया से बीएड धारियों को बाहर किया जाए।

आपको बता दें कि रीट लेवल-1 से बीएड धारियों को बाहर करने की मांग को लेकर पिछले 46 दिनों से बीएसटीसी अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे थे। बीएसटीसी अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर उनका पक्ष मजबूती के साथ अदालत में नहीं रखा गया तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। सोशल मीडिया पर बीएसटीसी अभ्यर्थी मांग कर रहे थे कि राज्य सरकार बीएसटीसी अभ्यर्थियों की मजबूत पैरवी करवाकर उन्हें न्याय दिलवाए।

अपनी मांग को लेकर बीएसटीसी अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से ट्विटर पर हैश टैग #bstc_level_1_का_हक , #bstc_की_पुकार_सुनो_सरकार , #bstc_के_साथ_अन्याय_क्यों , #BSTC_बेरोजगारों_का_मुकदमा_वापस_लो , #BSTC_को_बचाओ_गहलोतजी ... के साथ सीएम अशोक गहलोत और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को टैग करते हुए ट्वीट कर रहे हैं। 

इससे पहले राज्य सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा था कि लेवल-1 के पदों के मुकाबले पर्याप्त संख्या में बीएसटीसी अभ्यर्थी मौजूद हैं। एनसीटीई का नोटिफिकेशन राज्य में लागू नहीं होता है। 

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