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करियरराजस्थान RSMSSB LDC भर्ती 2018 : सीएम अशोक गहलोत ने दिया जिले और विभागों का आवंटन फिर से करने का आदेश

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Pankaj
Sat, 09 May 2020 08:10 AM
राजस्थान RSMSSB LDC भर्ती 2018 : सीएम अशोक गहलोत ने दिया जिले और विभागों का आवंटन फिर से करने का आदेश

Rajasthan LDC : राजस्थान एलडीसी भर्ती में विभागों व जिले के बंटवारे को लेकर आ रहीं शिकायतों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने लिपिक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा-2018 के अभ्यर्थियों को जिले व विभागों का आवंटन पुनः नई प्रक्रिया से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को मेरिट के आधार पर उनकी आवश्यकता के अनुरूप चयनित अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराएं। उसके बाद संबंधित विभाग मेरिट एवं काउंसलिंग के आधार पर उन्हें जिला आवंटित करें। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि भविष्य में सभी भर्तियों में प्रथम नियुक्ति सभी विभागों द्वारा मेरिट एवं काउंसलिंग के आधार पर ही दी जाए।

एलडीसी भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को मेरिट के अनुसार जिला आवंटित नहीं होने से आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री व प्रशासनिक सुधार विभाग के शासन सचिव को शिकायत भेजी थी। सफल अभ्यर्थियों ने जिला आंवटित करने में कईं विसंगतियां बताई थी। बताया जा रहा है कि कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों को गृह जिलें में ही नियुक्ति दे दी गई और अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को गृह जिले से बाहर जिला आंवटित कर दिया है। भर्ती नियमों में चयनित अभ्यर्थियों को मेरिट के अनुसार जिला आवंटित कर नियुक्ति देने का प्रावधान है। इसके बावजूद भी विभाग ने अभ्यर्थियों की मेरिट को नजरअंदाज कर मनमाने तरीके से गृह जिले से बाहर नियुक्ति दी है। विभाग को चयनित अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के आधार पर नियुक्ति दी जानी चाहिए थी। 

मुख्यमंत्री द्वारा शुक्रवार को लिए गए अन्य अहम फैसले

CBSE के निर्णय के अनुरूप लिया जाएगा फैसला
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं कक्षाओं की बाकी परीक्षाएं ( Rajasthan Board RBSE 10th 12th Exams 2020 ) फिलहाल स्थगित रहेंगी। बाद में सीबीएसई द्वारा लिए जाने वाले निर्णय के अनुरूप फैसला किया जाएगा ताकि दोनों बोर्ड की परीक्षाओं में एकरूपता बनी रहे और प्रदेश के विद्यार्थियों का अहित न हो। इसी प्रकार उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में भी परीक्षाओं का आयोजन स्थितियां सामान्य होने पर करवाया जा सकेगा। 

- इस दौरान शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत अभिभावकों की आय सीमा को एक लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये करने के निर्देश भी दिए गए।
            
- गहलोत ने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग ग्रीष्मावकाश में बच्चों को मिड-डे मील के लिए उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। 

- फीस जमा नहीं होने पर किसी विद्यार्थी का नाम न काटें स्कूल
सीएम गहलोत ने प्राइवेट स्कूलों से एक बार फिर कहा कि लॉकडाउन के कारण अगर कोई अभिभावक आर्थिक स्थिति के चलते फीस जमा नहीं करा पाता है तो उनके बच्चों के नाम नहीं काटे जाएं। गहलोत ने आगाह किया यदि कोई स्कूल ऐसा करता है तो राज्य सरकार उसकी मान्यता रद्द कर सकती है। गहलोत ने शिक्षा विभाग से कहा कि वह इस पर विचार करे कि निजी स्कूल विद्यार्थियों को फीस व अन्य शुल्कों में किस प्रकार राहत दे सकते हैं कि उनका संचालन भी प्रभावित नहीं हो।

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