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17 सितम्बर, 2020|5:46|IST

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निजी स्कूलों ने वेतन भुगतान के लिए सरकार से की अंशदान की मांग

school fees news

लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों को फीस के लिये बाध्य न करने और परिवहन शुल्क न वसूलने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के बाद निजी स्कूलों ने स्टाफ के वेतन भुगतान के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है। निजी स्कूलों के संगठन एसोसिएशन आफ प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष अतुल कुमार ने शुक्रवार को कहा कि निजी स्कूलों को केवल मासिक फीस लेने और फीस जमा न होने की स्थिति में किसी बच्चे को ऑनलाइन क्लासेज से वंचित नहीं करने के आदेश से निजी स्कूल पशोपेश में हैं क्यांकि सरकार के फैसले के बाद ज्यादातर अभिभावक फीस देने में आनाकानी कर रहे है। इस तरह के आदेश से निजी स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया जाना संभव नहीं होगा। 


उन्होंंने कहा कि इस आदेश के कारण अधिकांश अभिभावकों ने विद्यालय में फीस जमा नहीं की है। जो फीस आई भी है वे इतनी कम हैं कि उससे शिक्षकों को वेतन देना तो दूर रहा, उससे स्कूल के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी सुविधायें भी प्राप्त नहीं की जा सकती है। निजी विद्यालयों के आय का एकमात्र साधन फीस ही है, जिसके प्राप्त न होने पर निजी विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन भुगतान नहीं किया जा सकता है। इसके चलते प्रदेश के एक बहुत बड़े शिक्षक समुदाय के परिवारों को भुखमरी का सामना तक करना पड़ सकता है। 


श्री कुमार ने बताया कि लॉक डाउन अवधि की ट्रांसपोर्ट फीस लेने पर भी सरकार द्वारा रोक लगाई गई है, जो कि न्यायसंगत नहीं है। वास्तव में लॉकडाउन की अवधि में केवल ईधन के रूप में खर्च की जाने वाली धनराशि की ही बचत हो रही है, जो कि फीस की लगभग 20 से 25 प्रतिशत ही होती है। ऐसे में अगर लॉक डाउन अवधि का पूरा ट्रांसपोर्ट फीस माफ कर दिया गया तो स्कूल के ड्राइवरों एवं सहायकों का भुगतान कैसे किया जायेगा। उन्होने कहा कि निजी स्कूलों के फीस लेने के सम्बन्ध में सरकार द्वारा जारी आदेश उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निधार्रण) एक्ट 2018 में दिये गये प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। वास्तव में कोई भी कार्यकारी आदेश अधिनियम में दिये गये प्रावधानो के अन्तर्गत ही जारी किया जा सकता है। वस्तुत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम में भी स्कूल फीस का कहीं उल्लेख नहीं है।


श्री कुमार ने कहा कि निजी स्कूलों की मांग है कि आपदा की इस घड़ी में अध्यापकों और अन्य स्कूल स्टाफ के वेतन भुगतान का इंतजाम सरकार अपनी ओर से करे। वह चाहे तो इस राशि को ऋण के रूप में प्रदान कर सकती है जिसका भुगतान सामान्य परिस्थितियों मे बगैर ब्याज अदायगी के किया जा सकता है। उन्हे उम्मीद है कि संकट की इस घड़ी में सरकार निजी स्कूलों के साथ भी न्याय करेगी।
 

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  • Web Title:Private schools demand contribution from government for payment of salary