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ज्ञानदीप पोर्टल पर पंजीयन करने में रुचि नहीं ले रहे निजी स्कूल, लास्ट डेट 30 नवंबर

बिहार में शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूलों को राशि देने के लिए ज्ञानदीप पोर्टल को बनाया गया है। इस पोर्टल पर स्कलों को आरटीई के तहत होने वाले दाखिलों की जानकरी भरनी है। ऐसा न करने वाले स्कूलों के खिलाफ

ज्ञानदीप पोर्टल पर पंजीयन करने में रुचि नहीं ले रहे निजी स्कूल, लास्ट डेट 30 नवंबर
Alakha Singhमुख्य संवाददाता,पटनाSun, 19 Nov 2023 09:19 AM
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ज्ञानदीप पोर्टल पर पंजीयन करने में निजी स्कूल रुचि नहीं ले रहे। राज्यभर से अब तक मात्र 1245 निजी स्कूलों ने ही ज्ञानदीप पोर्टल पर पंजीयन करवाया है। जबकि 20 हजार से अधिक निजी स्कूल है। पटना जिला की बात करें तो जिले भर आठ हजार के लगभग निजी स्कूल हैं, लेकिन पोर्टल पर 160 स्कूलों ने ही पंजीयन करवाया है। बता दें कि शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को शिक्षा के अधिकार के तहत राशि देने के लिए ज्ञानदीप पोर्टल बनाया है।

मालूम हो कि इस पोर्टल पर हर निजी स्कूलों को आरटीई के तहत नामांकित प्रत्येक बच्चे की पूरी जानकारी देनी है। जैसे बच्चे का नाम, उनके माता-पिता का नाम, उनका आवासीय पता, बच्चे की नामांकन कब हुआ, बच्चे अभी किस कक्षा में है आदि जानकारी देनी होगी। इसके लिए सभी निजी स्कूलों को अगस्त में ही पोर्टल पर सारी जानकारी देने को कहा गया था। लेकिन निजी स्कूल ये जानकारी देने से कतरा रहे हैं।

30 नवंबर है अंतिम तिथि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट आदेश दिया है कि 30 नवंबर तक ज्ञानदीप पोर्टल पर पंजीयन करवा लें। जो स्कूल पंजीयन नहीं करवाएगा, उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ में ऐसे स्कूल को आरटीई के तहत राशि नहीं दी जाएगी। वहीं सीबीएसई और आईसीएससी को ऐसे स्कूलों की सूची भेजी जाएगी जो शिक्षा के अधिकार के तहत 25 फीसदी आरक्षित सीट पर दाखिला के नियम का उल्लंघन कर रहे हैं।

पांच साल के नामांकन की देनी है जानकारी निजी स्कूलों को पिछले पांच साल यानी 2019 से 2023 तक के दाखिले की जानकारी देनी है। खासकर स्कूल में कक्षा एक में कुल नामांकन और उसमें शिक्षा के अधिकार के तहत 25 फीसदी आरक्षित सीटों पर कितना दाखिला लिया गया।

कभी सर्वर डाउन तो कभी कुछ का बना रहे बहाना
कभी सर्वर डाउन तो कभी जानकारी सम्मिट नहीं हो रहा का बहाना निजी स्कूल बना रहे हैं। जानकारी नहीं देनी पड़े इसके लिए कई बार शिक्षा विभाग से गुहार भी लगा चुके हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार ज्यादातर निजी स्कूलों ने आरटीई के तहत दाखिला नहीं लिया है। जिन स्कूलों ने लिया भी है तो 25 फीसदी कोटा को पूरा नहीं किया है। नामांकन की खानापूर्ति की है। मात्र तीन या चार बच्चों का ही नामांकन लिया है। ऐसे में अगर ज्ञानदीप पोर्टल पर ये स्कूल नामांकन की जानकारी डालेंगे तो इनकी पोल खुल जाएगी। विभाग की तरफ से इन पर कार्रवाई भी की जा सकती है। 

पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा है कि ज्ञानदीप पोर्टल पर हर निजी स्कूल को पंजीकृत होना है। बिना पंजीयन के स्कूलों को आरटीई के तहत राशि नहीं मिल पायेगी। स्कूलों ने 2019 से अब तक कितने बच्चों का दाखिला लिया। वो बच्चे किस कक्षा में पढ़ रहे हैं, ये तमाम जानकारी देनी होगी। 

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