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सरकारी विभागों में 10 लाख पदों पर भर्ती को PM मोदी का निर्देश, नेताओं ने ऐसे दी प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के विभिन्न मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि वे मिशन मोड से 10 लाख पदों पर भर्तियां करें। पीएम मोदी ने कहा कि डेढ़ साल में 10 लाख लोगों की भर्ती की जाएगी। इस पर

सरकारी विभागों में 10 लाख पदों पर भर्ती को PM मोदी का निर्देश, नेताओं ने ऐसे दी प्रतिक्रिया
Alakha Singhभाषा,नई दिल्लीTue, 14 Jun 2022 05:09 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों से कहा है कि वे ''मिशन मोड'' में काम करते हुये अगले डेढ़ साल में 10 लाख लोगों की भर्ती करें। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। पीएमओ ने कहा कि सभी सरकारी विभागों एवं मंत्रालयों में मानव संसाधन की स्थिति की समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री का यह निर्देश आया है। बेरोजगारी के मसले पर विपक्ष की ओर से सरकार की लगातार की जा रही आलोचना के बीच प्रधानमंत्री का यह फैसला आया है। विभिन्न सरकारी क्षेत्रों में खाली पड़े पदों का मुद्दा भी पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रहा है। 

अगले 18 महीनों में 10 लाख पदों को भरे जाने का मतलब है कि केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 2024 के आगामी लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष की हर आलोचना की काट के लिए एक ठोस जवाब रहेगा। लोकसभा का अगला चुनाव वर्ष 2024 के अप्रैल-मई महीने में होने की संभावना है। पीएमओ ने ट्वीट कर कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने सभी सरकारी विभागों एवं मंत्रालयों में मानव संसाधन की स्थिति की समीक्षा की और मिशन मोड में अगले डेढ़ साल में दस लाख लोगों की भर्ती करने का निर्देश दिया।'' सरकारी सूत्रों के मुताबिक विभिन्न विभागों और मंत्रालयों से रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी मांगी गयी थी, और इसकी पूरी समीक्षा करने के बाद प्रधानमंत्री ने 10 लाख लोगों की भर्ती के निर्देश दिए। पिछले विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों ने बेरोजगारी के मुद्दे को जोरशोर से उठाया था लेकिन भाजपा ने कल्याणकारी योजनाओं और विकास के साथ हिन्दुत्व के मुद्दों को आगे रखते हुए विपक्षी आक्रमण की धार कुंद कर दी थी और सफलता हासिल की थी। बेरोजगारी के मुद्दे पर भाजपा विपक्ष के आरोपों को लगातार यह कहकर भी खारिज करती रही है कि सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों से देश में उद्यमिता और रोजगार निर्माण को बढ़ावा मिला है।

जानिए नेताओं ने कैसे दी प्रतिक्रिया:

वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद वरुण गांधी ने मंगलवार को विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों में अगले 18 महीनों में 10 लाख लोगों की भर्ती किए जाने का निर्देश देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और साथ ही कहा कि एक करोड़ से अधिक 'स्वीकृत परंतु रिक्त' पदों को भरने के लिए भी सार्थक प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को एक ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों से कहा है कि वे ''मिशन मोड'' में काम करते हुये अगले डेढ़ साल में दस लाख लोगों की भर्ती करें। पीएमओ के ट्वीट को टैग करते हुए गांधी ने लिखा, ''बेरोजगार युवाओं की पीड़ा एवं मर्म समझने के लिए धन्यवाद प्रधानमंत्री जी। नए रोजगार का सृजन करने के साथ साथ हमें एक करोड़ से अधिक 'स्वीकृत परंतु रिक्त' पदों को भरने हेतु सार्थक प्रयास करना होगा।'' उन्होंने कहा, ''हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का संकल्प पूरा करने के लिए और तेज गति से कदम बढ़ाने होंगे।'' वरुण गांधी ने सोमवार को एक ट्वीट कर बेरोजगारी को देश का सबसे ज्वलंत मुद्दा करार दिया था और कहा था कि पूरे देश के नेताओं को इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहिए।

यह कहीं नया चुनावी छलावा तो नहीं है? मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने केंद्र द्वारा अगले डेढ़ साल में 10 लाख लोगों की भर्ती करने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को पूछा कि यह कहीं नया "चुनावी छलावा" तो नहीं है ? बसपा नेता ने एक ट्वीट में कहा,'' केन्द्र की गलत नीतियों एवं कार्यशैली के कारण गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी एवं रूपए का अवमूल्यन आदि अपने चरम पर है जिससे सभी त्रस्त एवं बेचेन हैं। तब केन्द्र ने अब अगले डेढ़ वर्ष में अर्थात लोकसभा आमचुनाव से पहले 10 लाख भर्तियों की घोषणा की है । तो यह कहीं नया चुनावी छलावा तो नहीं है? '' मायावती ने कहा,''साथ ही, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के इससे कई गुणा अधिक सरकारी पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं जिनको विशेष अभियान चलाकर भरने की माँग बसपा संसद के अन्दर एवं बाहर भी लगातार करती रही है। उनके बारे में सरकार चुप है जबकि यह समाज गरीबी एवं बेरोजगारी आदि से सर्वाधिक दुःखी व पीड़ित है।'' 
 

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