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Pariksha Pe Charcha : मोबाइल का पासवर्ड घर में सबको पता हो, नो गैजेट जोन हो, स्पर्धा खुद से हो, पीएम मोदी ने छात्रों को दिए ये मंत्र

Pariksha Pe Charcha Live: पीएम मोदी आज छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा कर उन्हें एग्जाम के तनाव से निपटने के मंत्र देंगे। आज सुबह 11 बजे प्रगति मैदान से पीएम मोदी बच्चों को संबोधित करेंगे।

Pariksha Pe Charcha : मोबाइल का पासवर्ड घर में सबको पता हो, नो गैजेट जोन हो, स्पर्धा खुद से हो, पीएम मोदी ने छात्रों को दिए ये मंत्र
Pankaj Vijayलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 29 Jan 2024 01:38 PM
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Pariksha Pe Charcha Live Updates: दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अभिभावकों को सलाह दी कि वे अपने बच्चे के रिपोर्ट कार्ड को अपना विजिटिंग कार्ड न मानें। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को खुद से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, दूसरों से नहीं। दिल्ली में प्रगति मैदान के नवनिर्मित भारत मंडपम के टाउन हॉल में प्रधानमंत्री ने 'परीक्षा पे चर्चा' के सातवें संस्‍करण में कहा कि प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां जीवन में प्रेरणा का काम करती हैं लेकिन प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों को सुझाव देते हुए कहा कि उन्हें एक बच्चे की तुलना दूसरे से नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह उनके भविष्य के लिए हानिकारक हो सकता है। कुछ माता-पिता अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को अपना विजिटिंग कार्ड समझते हैं, यह अच्छा नहीं है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि छात्रों पर तनाव तीन प्रकार का होता है। उन्होंने कहा कि यह कभी साथियों के दबाव से प्रेरित होता है तो कभी माता-पिता द्वारा और कभी स्वयं से भी प्रेरित होता है। उन्होंने कहा कि दबाव इतना नहीं होना चाहिए कि यह किसी की क्षमताओं को प्रभावित करे। उन्होंने कहा, ''कई बार बच्चे खुद पर दबाव बनाते हैं कि वे उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। मेरा सुझाव है कि आपको तैयारी के दौरान छोटे लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहिए। इस तरह आप परीक्षा से पहले पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे।''

पिछले वर्ष के संस्करण में कुल 31.24 लाख छात्रों, 5.60 लाख शिक्षकों और 1.95 लाख अभिभावकों ने भाग लिया था। इस साल, 'माइ गोव पोर्टल' पर करीब 2.26 करोड़ पंजीकरण हुए हैं जो छात्रों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक उत्साह को दर्शाता है।

Pariksha Pe Charcha Live Updates: यहां पढ़ें परीक्षा पे चर्चा का लाइव अपडेट

01:10 PM :  - टेक्नोलॉजी को बोझ नहीं मानना चाहिए, इसका सही उपयोग सीखना जरूरी है
आप अपने माता-पिता को बताएं कि मोबाइल पर क्या-क्या होता है। नहीं तो मां बाप को लगेगा कि मोबाइल मतलब दोस्तों से चिपका हुआ है। घर में पासवर्ड सबको पता हो। इससे पारदर्शिता आएगी। माहौल अच्छा रहेगा।

01:02 PM :  सामूहिक एकता दिखाने के लिए कोरोना के दौरान बजवाई थाली
पीएम मोदी ने कहा- कोराना काल में मैंने देशवासियों से ताली थाली बजाने को कहा था। यह कोरोना को खत्म नहीं करता लेकिन एक सामूहिक शक्ति को जन्म देता है। 

01:01 PM : छात्रा ने पीएम मोदी से पूछा कि हम आपकी तरह सकारात्मक कैसे हो सकते हैं।
- पीएम मोदी ने कहा - मैं हर चुनौती को चुनौती देता हूं। मैं हर परिस्थिति को हैंडल करने का नया तरीका ढूंढता हूं। मैं याद रखता हूं कि 140 करोड़ देशवासी मेरे साथ हैं। मुझे कभी नहीं लगता मैं अकेला हूं। मुझे लगता है कि मेरा देश सामर्थ्‍यवान है। ये मेरा सोचना का मूलभूत तरीका है। अगर 100 मिलियन चुनौतियां है तो बिलियन्स ऑफ बिलियन समाधान भी हैं। मुझे कभी नहीं लगता है कि मैं अकेला हूं, मुझे हमेशा पता होता है कि मेरा देश और लोग सामर्थ्यवान है। हम हर चुनौती को पार कर जाएंगे।

12:55 PM : मोबाइल का पासवर्ड में सबका पता हो
टेक्नोलॉजी से बचने की जरूरत नहीं है, लेकिन उसका सही उपयोग सीखना बेहद जरूरी है। हमारे मोबाइल पर लगा पासवर्ड परिवार के सभी सदस्यों को पता होगा, तो काफी सुधार हो जाएगा। पासवर्ड पता होने से घर में पारदर्शिता आएगा। 

12:53 PM : मोबाइल व सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करें
घर में नो गैजेट जोन बनाना चाहिए। स्वविवेक से मोबाइल का इस्तेमाल करें। नियम बनाना चाहिए कि खाना खाते समय डाइनिंग टेबल पर कोई गैजेट नहीं होगा। मोबाइल का इस्तेमाल करें। टेक्नोलॉजी से दूर नहीं भाग सकते, लेकिन उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए। स्कीन टाइम ऐप को डाउनलोड कर इसका इस्तेमाल करें।

12:45 PM : पीएम ने कहा- माता-पिता का भरोसा जीतें
टीचर्स और पेरेंट्स सोचें कि कैसे हम ट्रस्ट डेफिशिएट का अनुभव कर रहे है। हमें बच्चों के आचरण को एनालिसिस करते रहना चाहिए। विद्यार्थियों को ऐसा जरूर सोचना चाहिए कि हमें पेरेंट्स का भरोसा नहीं तोड़ना चाहिए। इससे टीचर और मां-बाप के लिए आप पर भरोसा नहीं टूटेगा। मां-बाप को बच्चों पर भरोसा करना सीखना चाहिए। एक दूसरे से बात करने का तरीका सुधारना चाहिए। मां-बाप और बच्चों की दूरी डिप्रेशन का कारण बनती है। सामाजिक अनुभव एजुकेशन सिस्टम पर प्रभाव डालता है।

12:21 PM- जीवन में निर्णायक बनें
पीएम मोदी ने कहा- हमें निर्णायक बनने की आदत डालनी चाहिए। कंफ्यूजन नहीं होगी। अनिर्णायकता खतरनाक होती है। 

12:27 PM-  पीएम मोदी ने छात्रों को बताए मोबाइल पर रील्स देखने के नुकसान
पीएम मोदी ने कहा कि एक के बाद मोबाइल पर एक रील्स देखते रहेंगे तो समय बर्बाद हो जाएगा, नींद खराब होगी, जो पढ़ा है वो याद नहीं रहेगा। नींद को कम ना आंके। आधुनिक हेल्थ साइंस नींद को बहुत तवज्जोह देता है।

12:21 PM- मैं 30 सेकेंड में डीप स्लीप में चला जाता हूं
साल के 365 दिन, कोई अपवाद नहीं, बिस्तर में लेटते ही 30 सेकेंड में सो जाता हूं। जब मैं जागता हूं तो पूरी तरह जागृत रहता हूं। जागृत अवस्था में पूरी तरह जागृत रहता हूं। स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार भी जरूरी है। अच्छी फिटनेस के लिए एग्सरसाइज जरूरी है। बिना किसी समझौते की तरह टूथब्रश की तरह व्यायाम करना चाहिए।

12:17 PM- पढ़ाई और स्वस्थ जीवन शैली में कैसे संतुलन बनाएं? 
पीएम मोदी ने कहा - आप मोबाइल को चार्ज करते हैं उसी तरह खुद के शरीर को भी चार्ज करने की जरूरत होती है। स्वस्थ शरीर स्वस्थ मन के लिए जरूरी है। स्वस्थ नहीं रहेंगे तो तीन घंटे की परीक्षा कैसे देंगे। बॉडी को चार्ज करने के लिए धूप में बैठना जरूरी होता है। कम नींद स्वास्थ्य के लिए अनुचित होती है। 

12:05 PM- एक छात्रा का सवाल - पेपर के अंतिम मिनटों में राइटिंग बिगड़ जाती है, घबरा जाती हूं, कैसे निपटूं। 
पीएम मोदी ने कहा- पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों से यह खाकर जा, वो खाकर जाए, ये वाला पेन लेकर जा, यह कपड़े पहनकर जा, इस तरह की सलाह न दें। पेरेंट्स को चाहिए कि वह उसे रोजाना की तरह जीने दें। उसे अपनी मस्ती से रहना चाहिए। परीक्षा हॉल में जाकर डीप ब्रेथिंग कीजिए। सीसीटीवी जैसी फिजूल की जीजों में ध्यान देने की जरूरत नहीं है। खुद में ही खोया रहना चाहिए। विद्यार्थी परीक्षा के दौरान अगल बगल की दुनिया से बाहर निकलें। 
विद्यार्थियों को लिखने की आदत डालनी चाहिए। स्कूल में बिताए समय से आधा समय लिखने में दे। किस प्रश्न को कितना समय देना है, इसमें आपकी मास्टरी हो जाएगी। आजकल ज्यादातर की लिखने की आदत छूट गई है। तैयारी करते हुए 50 फीसदी समय लिखने में दें। ऐसा करने से एग्जाम हॉल के प्रेशर से आसानी से निकल जाएंगे। जिसने पानी में पैक्टिस शुरू कर दी, वो तैरने से कभी नहीं डरता। अपनी लिखी चीज को तीन चार बार ठीक करें, गलती निकालकर सुधारें। अपना दिमाग इसमें मत खपाएं कि साथ वाला सातवें सवाल पर पहुंच गया, आप तीसरे पर पड़े हैं। 

11:50 AM- शिक्षक का काम- जिंदगियों को संवारना है, उन्हें सार्मर्थ्यवान बनाना है। शिक्षक का काम सिर्फ नौकरी नहीं है। 

11:48 AM-  शिक्षकों से पीएम मोदी ने कहा - टीचरों और बच्चों का नाता सिर्फ परीक्षा कालखंड का नहीं। क्लास शुरू होने से ही यह रिश्ता शुरू हो जाना चाहिए। इससे परीक्षा में तनाव की नौबत ही नहीं आएगी। टीचर छात्र के घर का माहौल बदल सकते हैं। संगीत के अध्यापक तो तनाव दूर कर सकते हैं।

11:45 AM- पीएम मोदी ने कहा- हमें किसी भी प्रकार के प्रेशर को झेलने के लिए खुद को सामर्थ्यवान बनाना चाहिए। 

कुछ माता-पिता अपने बच्चे के 'रिपोर्ट कार्ड' को अपना 'विजिटिंग कार्ड' मानते हैं, यह ठीक नहीं है: प्रधानमंत्री मोदी।

11:35 PM : एक छात्रा का सवाल - कई बार कंपीटिशन रिश्ते बिगाड़ते हैं, इस स्थिति से कैसे निपटें। 
पीएम मोदी ने कहा - कंपीटिशन जरूरी है। जीवन में यह अगर न हो यह प्रेरणाहीन हो जाएगा। यह सवाल खतरनाक है। कंपीटिशन हेल्दी होना चाहिए। कभी कभी अनहेल्दी कंपीटिशन का जहर पारिवारिक वातावरण में भी बो दिया जाता है। परिवार में विकृत प्रतिस्पर्धा का भाव जाने अनजाने में बो दिया जाता है। पेरेंट्स अपनी संतानों के बीच इस तरह तुलना न करें। 

छात्रों से पीएम मोदी ने कहा कि दोस्त से प्रतिस्पर्धा करने की जरूरत नहीं है। खुद से प्रतिस्पर्धा करें। अपने से ज्यादा आगे रहने वाले दोस्त बनाएं। इससे आपको फायदा होगा।  

खुद से टैलेंटेड दोस्त से ईर्ष्या करने के बजाय उसके सामर्थ्य तो ढूंढना चाहिए। उसकी ताकत से आपको फायदा होगा। उसकी कमी को आप पूरा करने की कोशिश करें। आपमें जो ताकत है, उसका फायदा दोस्त को करवाएं।

11:31 AM :  शिक्षकों, विद्यार्थियों और पेरेंट्स को संबोधन में पीएम मोदी ने कहा- विद्यार्थी इतना तनाव न लें कि अपनी क्षमता ही कम कर दें। अपने लिए छोटे छोटे लक्ष्य तय करें। 

11:18 AM : पीएम मोदी ने कहा, बच्चों के नवोन्मेष देखने के लिए मेरे पास पांच-छह घंटे होते तो वो भी कम पड़ जाते। बच्चों को और उनके स्कूलों को बधाई। जल, थल, स्पेस और एआई पर बच्चों ने कलाकृतियां बनाई। 

11:10 AM : शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने छात्रों से कहा - आप ही के कंधों के बलबूते यह देश विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करेगा। 

11:00 AM : पीएम मोदी कार्यक्रम स्थल पहुंचे। बच्चों की बनाई कलाकृतियां और प्रदर्शनी देख रहे हैं पीएम मोदी।

08:30 AM : शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने कहा कि इस विशिष्ट कार्यक्रम में भाग लेने और प्रधानमंत्री से बात करने के लिए देशभर के बच्चों में उत्सुकता है। इस कार्यक्रम में सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश से दो छात्रों के साथ एक शिक्षक और कला उत्सव के विजेताओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के 100 छात्र पहली बार कार्यक्रम में भाग लेंगे। मंत्री ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा युवाओं के लिए तनाव मुक्त माहौल बनाने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन 'एग्जाम वॉरियर्स' का हिस्सा है। 

08:15 AM : पीएम बोले- सभी से मिलने को उत्सुक हूं
पीएम मोदी ने सोमवार को होने वाली 'परीक्षा पे चर्चा' पर कहा कि वह सभी सभी से मिलने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखा। इसमें कहा कि परीक्षा पे चर्चा के लिए आप सभी परीक्षा योद्धाओं से मिलने का इंतजार है। 

08:05 AM : छात्रों के साथ वार्षिक 'परीक्षा पे चर्चा' से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि यह शिक्षा और परीक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने का बहुत अच्छा माध्यम बनकर उभरा है।
    
08:01 AM : आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 109वीं और इस साल की पहली कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष 2.25 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के लिए पंजीकरण किया है जबकि 2018 में जब यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया था, उस वक्त यह संख्या केवल 22,000 थी। उन्होंने कहा, परीक्षा पे चर्चा का यह सातवां संस्करण होगा। यह एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसका मैं हमेशा इंतजार करता हूं। इससे मुझे छात्रों के साथ बातचीत करने का मौका मिलता है और मैं उनके परीक्षा सबंधी तनाव को कम करने का भी प्रयास करता हूं।
    
07:50 AM : प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रेरित करने और परीक्षा के तनाव के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बहुत से अभिनव प्रयास भी किये गए हैं। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'मुझे भी आपसे बात करके बहुत अच्छा लगेगा।'

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