DA Image
हिंदी न्यूज़ › करियर › उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में बढ़ेंगे प्रोन्नति के अवसर
करियर

उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में बढ़ेंगे प्रोन्नति के अवसर

प्रमुख संवाददाता,लखनऊPublished By: Alakha Singh
Mon, 06 Sep 2021 11:06 PM
उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में बढ़ेंगे प्रोन्नति के अवसर

प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में प्रोन्नति के अब ज्यादा अवसर उपलब्ध होंगे। कुलसचिव व सहायक कुलसचिव के 50 प्रतिशत पद प्रोन्नति से भरे जाने का फैसला लिए जाने से कार्यालय अधीक्षक के पद से रिटायर हो जाने वाले कर्मचारियों को प्रोन्नति का मौका मिल सकेगा।

उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (केन्द्रीयत) सेवा के तहत आने वाले सहायक कुलसचिव के पदों पर विश्वविद्यालयों में कार्यालय अधीक्षक एवं कार्यालय अधीक्षक (लेखा) के पद पर कार्यरत कर्मचारियों की पदोन्नति की जाती है। सहायक कुलसचिव प्रोन्नत होकर उप कुलसचिव बनते हैं। फिर उप कुलसचिव प्रोन्नत होकर कुलसचिव बनते हैं। पहले कुलसचिव के 33 प्रतिशत पद उप कुलसचिव से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह सहायक कुलसचिव के 50 प्रतिशत पद विश्वविद्यालय के कार्यालय अधीक्षक एवं कार्यालय अधीक्षक (लेखा) से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। सहायक कुलसचिव के शेष 50 प्रतिशत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज के माध्यम से भरे जाएंगे। प्रदेश में तीन नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना होने से कुलसचिव, उप कुलसचिव व सहायक कुलसचिव के पदों की संख्या बढ़ने वाली है।

प्रोन्नति कोटा बढ़ाए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने वर्ष 2017 में ही उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को ज्ञापन देकर कहा था कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से आने वाले सहायक कुलसचिव विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली से अवगत नहीं होते हैं, जबकि विश्वविद्यालयों के कार्यालयाध्यक्षों को 30-35 वर्षों का अनुभव होता है। महासंघ ने सहायक कुलसचिव के रिक्त पदों को प्रोन्नति से भरे जाने की मांग की थी। अब प्रदेश सरकार ने भी कहा है कि प्रोन्नति कोटा बढ़ाए जाने से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अनुभव का पूर्ण उपयोग हो सकेगा।
 

संबंधित खबरें