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ओडिशा सरकार का अहम फैसला, सभी संविदाकर्मी सरकारी कर्मचारी प्रारंभिक नियुक्ति के रूप में होंगे नामित, बढ़ेगा वेतन

एजेंसी,भुवनेश्वरPublished By: Alakha Singh
Tue, 12 Oct 2021 03:52 PM
ओडिशा सरकार का अहम फैसला, सभी संविदाकर्मी सरकारी कर्मचारी प्रारंभिक नियुक्ति के रूप में होंगे नामित, बढ़ेगा वेतन

ओडिशा सरकार ने आज एक अहम फैसला लिया जिसमें संविदा सेवा के तहत कार्यरत सभी राज्य सरकारी कर्मचारी प्रारंभिक नियुक्ति के रूप में नामित किए जाएंगे और अब उन्हें संविदा कर्मचारी नहीं कहा जाएगा। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि ऐसे कर्मचारियों का पारिश्रमिक 50 फीसदी तक बढ़ा दिया जाएगा और उन्हें आरसीएम भत्ते की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मंत्रिमंडल ने इस उद्देश्य से आज ओडिशा ग्रुप बी पोस्ट (कॉन्ट्रैक्चुअल पॉइंट नेट) नियम 2013 में सुधार लाने के लिए एक प्रस्ताव को मंजूरी भी दी है और यह फैसला लिया है कि अब तक उन्हें जितना मेहनताना मिल रहा था, उससे 50 फीसदी अधिक मिलेगी।

नियम के मुताबिक, पे बैंड 2 में शामिल संविदा कर्मचारियों को पहले साल की समाप्ति पर पारिश्रमिक में सालाना वृद्धि के तौर पर 16,880 रुपए दिया जाता था और दूसरे साल की समाप्ति पर 18,570 रुपये, तीसरे साल की समाप्ति पर 20,430 रुपये, चौथा साल खत्म होने पर 22480 रुपये, पांचवे साल की समाप्ति पर 24730 रुपये और छठा साल पूरा होने पर 27,210 दिया जाता था। छह साल के बाद उनकी सेवा नियमित कर दी जाती थी।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए पंचायतीराज और कानून मंत्री प्रताप जेना ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है, जिसे मुद्रास्फीति के मद्देनजर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब से प्रारंभिक नियुक्तियों को अपनी सेवा के पहले ही साल उन्हें पहले जितना मिलता था, उससे 50 फीसदी अधिक मिलेगा।

प्रांरभिक नियुक्तियों को पहला साल खत्म होने पर 25,300 रुपये, दूसरा साल खत्म होने पर 26,500 रुपये, तीसरे साल की समाप्ति पर 27,800 रुपये, चौथा साल खत्म होने पर 29,200 रुपये, पांचवा साल खत्म होने पर 30,600 और छठा साल पूरा होने पर 32,100 रुपये दिया जाएगा। जेना ने कहा कि इस फैसले से राजकोष से सालाना 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले संविदा कर्मचारियों को कोई भी लाभ नहीं मिलता था, लेकिन मंत्रिमंडल ने प्रारंभिक नियुक्तियों द्वारा चिकित्सकीय सुविधाओं पर होने वाले खर्च को भी लौटाने का फैसला लिया है। 

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