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इस कारण इंटर और मैट्रिक में बढ़ने की जगह घट गए परीक्षार्थी

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इस बार इंटर-मैट्रिक परीक्षा फार्म भरने वाले परीक्षार्थी कम हो गये हैं। इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2018 के तीनों संकायों में संख्या घटी है। 2017 से तुलना करें तो 2018 में 29 हजार 703 कम परीक्षार्थी शामिल होंगे। कुछ ऐसी ही स्थिति मैट्रिक की भी है। मैट्रिक में भी 2017 की तुलना में कम परीक्षार्थी शामिल होंगे। 2017 की बात करें तो इंटर में कुल 12 लाख 40 हजार 168 परीक्षार्थी शामिल हुए। वहीं, 2018 में यह संख्या 12 लाख 10 हजार 465 पर सिमट गयी है। 2017 में मैट्रिक में 17 लाख  65 हजार 727 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वहीं, 2018 में अभी 17 लाख 58 हजार परीक्षार्थियों ने ही फार्म भरा है। चूंकि, 29 दिसंबर तक मैट्रिक का परीक्षा फार्म भरा जाना है। इससे कुछ संख्या बढ़ सकती है। इंटर और मैट्रिक में परीक्षार्थियों की संख्या में कमी कई सालों के बाद देखी जा रही है। 

कदाचार के कारण बैक हो रहे छात्र 
पिछले दो सालों से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में कदाचार पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है। इसके अलावा 2017 से उत्तरपुस्तिका पर बार कोड होने से पैरवी भी नहीं हो पा रही है। इससे हर साल बड़ी संख्या में छात्र फेल हो रहे हैं। 

2017 में 13 लाख परीक्षार्थी हुए थे फेल 
इंटर और मैट्रिक 2017 में काफी संख्या में छात्र फेल हुए थे। इसमें इंटर में 12 लाख में छह लाख और मैट्रिक में 17 लाख में सात लाख के लगभग परीक्षार्थी फेल हो गये थे। लगभग पांच लाख परीक्षार्थियों ने स्क्रूटनी के लिए आवेदन भी किया। लेकिन अधिकांश के रिजल्ट में कोई बदलाव नहीं हुआ। वहीं, कंपार्टमेंटल में लगभग ढाई लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें डेढ़ लाख के लगभग परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए।  

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  • Web Title:Number of Candidates decreased in inter and matriculation examination of bihar board