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NTA NEET 2019: जानें किस राज्य से आए हैं नीट के कितने आवेदन

NEET ( Symbolic Image)

NTA NEET 2019: राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) के लिए बिहार से 84 हजार 443 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि पटना में परीक्षा देने के लिए 52,420 ने च्वाइस फिलिंग की है। गौरतलब है कि बिहार के दो शहर पटना और गया में नीट के लिए सेंटर बनाए गए हैं। नीट करा रहे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) कार्यालय के मुताबिक, पूरे देश से नीट के लिए 15 लाख 19 हजार आवेदन आए हैं। यह पिछले साल से लगभग दो लाख ज्यादा हैं। पिछले साल 13.26 लाख आवदेन आए थे। गौरतलब है कि पांच मई को नीट होना है। इसके लिए पूरे देश में 154 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नीट के लिए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) भी जारी हो चुका है। अभ्यर्थी नीट की वेबसाइट पर जाकर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। 

सबसे अधिक आवेदन महाराष्ट्र से
नीट के लिए आवेदन करने के मामले में महाराष्ट्र ने सभी राज्यों को पछाड़ दिया है। महाराष्ट्र से दो लाख 19 हजार 883 आवेदन आए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश से एक लाख 57 हजार 669। तमिलनाडु से एक लाख 40 हजार 385 और राजस्थान से 99 हजार 711 आवेदन आए हैं। लक्ष्यद्वीप से सबसे कम 203 आवेदन आए हैं। देश के छह राज्यों से ही आधे से ज्यादा आवेदन आए हैं। इसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और राजस्थान शामिल हैं। इन राज्यों से अकेले आठ लाख 40 हजार आवेदन आए हैं। 

NTA neet 2019 admit card: एनटीए ने नीट का एडमिट कार्ड जारी किया

परीक्षा देने के लिए दिल्ली पहली पसंद
यदि परीक्षा के लिए पसंदीदा शहरों की बात करें तो इसमें पहली पसंद दिल्ली बनी है। यहां परीक्षा देने के लिए 56 हजार 683 अभ्यर्थियों ने च्वाइस फिलिंग की है। वहीं बेंगलुरु के लिए 42 हजार 375 और कोटा में परीक्षा देने के लिए 42 हजार 644 अभ्यर्थियों ने च्वाइस फिलिंग की है। 

इस बार देश में बढ़ सकती हैं एमबीबीएस की सीटें 
एक तरफ नीट के लिए आवेदक बढ़े हैं तो दूसरी ओर एमबीबीएस की सीटें बढ़ने की भी संभावना है। पिछले साल एमबीबीएस की 60 हजार सीटों पर नामांकन हुआ था। इनमें 30 हजार सीट सरकारी और 30 हजार प्राइवेट संस्थानों की थीं। जानकारी के मुताबिक, इस बार सीट बढ़कर 70 से 72 हजार हो सकती हैं। इसमें ज्यादातर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़नी है, क्योंकि वहां कॉलेजों की संख्या ज्यादा है।  हालांकि बिहार में इस साल से मेडिकल कॉलेज बढ़ने की संभावना नहीं दिख रही है और न ही सीट बढ़ाने का कोई प्रस्ताव है। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के मुताबिक अभी किसी नए सरकारी मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव नहीं है और न ही सीट बढ़ाने का कोई प्रस्ताव है।  

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  • Web Title:NTA NEET 2019: know which state students applied most in national eligibility cum entrance test