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नई शिक्षा नीति : लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए-बीएससी में सीट आवंटन तय, बीकॉम का बढ़ा इंतजार

कार्यालय संवाददाता,लखनऊPublished By: Alakha Singh
Mon, 20 Sep 2021 10:01 PM
नई शिक्षा नीति : लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए-बीएससी में सीट आवंटन तय, बीकॉम का बढ़ा इंतजार

New Education Policy : लखनऊ विश्वविद्यालय ने सत्र 2021-22 से ही स्नातक स्तर पर नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) लागू करने का फैसला कर दिया था लेकिन महाविद्यालयों में एनईपी के तहत सीट आवंटन कैसे होगा, कितने ग्रेड के कोर्स होंगे होंगे एवं अन्य प्रक्रिया कैसे संचालित होगी इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से कोई समिति नहीं बनायी गई थी। न ही महाविद्यालयों के प्राचार्यों को एनईपी के तहत एडमिशन प्रक्रिया से अवगत कराया था। लखनऊ विश्वविद्यालय ने सोमवार को इस दिशा में कदम उठाते हुए लखनऊ और हरदोई के महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक कर एनईपी 2020 लागू करने के सम्बंध में चर्चा की। साथ ही सीटों की आवंटन प्रक्रिया को समझाया।

इसके अलावा कोर्स में मेजर और माइनर विषय के चयन और ग्रेड के बारे में भी बताया। हालांकि एनईपी पॉलिसी के तहत बीए और बीएससी में सीट आवंटन की प्रक्रिया बता दी गई लेकिन बी.कॉम व अन्य प्रोफेशनल कोर्स में सीट और विषय आवंटन पर कोई निर्णय नहीं हो सका। प्राचार्यों को बताया गया है कि जल्द ही योजना तैयार कर बीकॉम व अन्य पाठ्यक्रम के विषय का निर्धारण किया जा सकेगा।

विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में हुई बैठक में बताया गया कि बीए और बीएससी पाठ्यक्रम कुल 24 ग्रेड के होंगे। इसमें छात्र को दो मेजर और एक माइनर विषय का चयन करना होगा। प्रत्येक मेजर विषय मे दो-दो पेपर होंगे और प्रत्येक पेपर के लिए चार ग्रेड निर्धारित किए गए हैं। वही माइनर विषय अभ्यर्थी को सिर्फ पहले और दूसरे वर्ष में पढ़ना होगा। माइनर विषय तीसरे वर्ष में छोड़ना होगा। इसमें एक पेपर पढ़ाया जाएगा जो चार ग्रेड का होगा। इसके अलावा स्नातक के छात्र को एक कैरिकुलर और वोकेशनल विषय पढ़ना होगा। जिसके लिए एक पेपर होगा और चार ग्रेड मिलेंगे। बैठक में कुलसचिव, डीन एकेडमिक्स, डीन प्रवेश, समन्वयक प्रवेश और कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल टीम के सदस्य शामिल रहे।

एक सप्ताह में बनेगी विषयों की सूची
एनईपी 2020 के तहत स्नातक छात्रों को वोकेशनल विषय की पढ़ाई भी करनी होगी। बैठक में प्राचार्यों से कहा गया है कि एक सप्ताह के अन्दर वोकेशनल विषयों की सूची तैयार कर महाविद्यालयों को दे दी जाएगी। जिसके तहत छात्र-छात्राएं वोकेशनल विषयों का चयन कर सकेंगे। साथ ही एनईपी से जुड़ी गाइडलाइन भी महाविद्यालयों को सप्ताह भर में दी जाएगी। 

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