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Neet ug results row 2024: नीट रिजल्ट को लेकर एनटीए की 4 मेंबर्स की कमेटी भी जल्द दे सकती है फैसला

Neet ug results four member committee : मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के रिजल्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर हो रहे हंगामें के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने ग्रेस मार्क्स मामले की जांच के ल

Neet ug results row 2024: नीट रिजल्ट को लेकर एनटीए की 4 मेंबर्स की कमेटी भी जल्द दे सकती है फैसला
students protested at bhu gate neet exam
Anuradha Pandeyलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 12 Jun 2024 01:31 PM
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neet ug results row 2024: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के रिजल्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर हो रहे हंगामें के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने ग्रेस मार्क्स मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय कमिटी बनाई थी। जिसे बने हुए चार दिन हो गए हैं, इस कमेटी को एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देनी थी। ऐसे में दो -तीन में यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन की अगुवाई में बनी यह कमिटी अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। इसके अलावा स्टूडेंट्स की ओर से ग्रैस मार्क्स और रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर हाईकोर्ट में केस और सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका फाइल की गई है। 

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुईसुनवाई, कोर्ट ने एनटीए से जवाब मांगा
 सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नीट परीक्षा पर सुनवाई की। कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने और काउंसलिंग पर रोक लगाने से मना कर दिया। आपको बता दें कि कोर्ट में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के कथित पेपर लीक के चलते एग्जाम रद्द करने को लेकर याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने इस पर सुनवाई के दौरान कहा कि पेपर लीक और धांधली के आरोपों पर कोर्ट एग्जाम करने वाली एजेंसी एनटीए का पक्ष भी सुनना चाहता है। यही वजह है कि कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को नोटिस जारी कर पेपर लीक के आरोपों पर जवाब मांगा है।

क्यों बनाई गईएनटीए की समिचि
एनटीए के डीजी सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि यह मसला नीट के सभी स्टूडेंट्स का नहीं है,  सिर्फ ग्रेस मार्क्स वाले 1600 स्टूडेंट्स का है। पेपर 23 लाख से ज्यादा बच्चों ने दिया था। 4750 सेंटर की बजाय सिर्फ 6 सेंटर का मामला है। कमिटी इन करीब 1600 स्टूडेंट्स को दिए गए ग्रेस मार्क्स व टाइम लॉस मामले की जांच कर रही है। अगर जरूरत पड़ेगी तो इनका रिजल्ट संशोधित किया जा सकता है। एनटीए किसी भी परिस्थिति में सही फैसला लेगा। इससे नीट रिजल्ट के बाद होने वाली एमबीबीएस व बीडीएस समेत विभिन्न मेडिकल कोर्सेज की एडमिशन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कमिटी की जो सिफारिशें आएंगी, हम फैसला लेंगे।

टाइम लॉस पर दिया था यह जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुबोध कुमार सिंह ने कहा, "टॉइम लॉस होने के मामले पर हमारी समिति ने बैठक की थी और उन्होंने केंद्रों और सीसीटीवी के सभी विवरणों का अध्ययन किया था। उन्हें पता चला कि कुछ केंद्रों पर समय की बर्बादी हुई और छात्रों को इसके लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। समिति ने सोचा कि वे शिकायतों को दूर कर सकते हैं और छात्रों को मुआवजा दे सकते हैं। इसलिए कुछ छात्रों के अंक ग्रेस मार्क्स देकर बढ़ा दिए गए। इसके कारण, कुछ छात्रों की चिंताएं सामने आईं क्योंकि कुछ उम्मीदवारों को 718 और 719 अंक मिले और 6 उम्मीदवार टॉपर बन गए। हमने सभी चीजों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया है और परिणाम जारी किए।

 

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