ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News करियरNEET : NCERT बोला- नई किताबें 4 साल से बाजार में, NTA ने कहा था- पुरानी बुक में अलग उत्तर के चलते दिए बोनस अंक

NEET : NCERT बोला- नई किताबें 4 साल से बाजार में, NTA ने कहा था- पुरानी बुक में अलग उत्तर के चलते दिए बोनस अंक

एनसीईआरटी ने कहा है कि नीट ग्रेस विवाद के पीछे वह जिम्मेदार नहीं है। एनसीईआरटी की अपडेटेड किताबें 2020 से ही प्रिंट और ऑनलाइन दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध हैं। 2020 से पहले की किताबों का रेफरेंस क्‍यों दि

NEET : NCERT बोला- नई किताबें 4 साल से बाजार में, NTA ने कहा था- पुरानी बुक में अलग उत्तर के चलते दिए बोनस अंक
Pankaj Vijayलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 04:44 PM
ऐप पर पढ़ें

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा है कि नीट विवाद के पीछे काउंसिल जिम्मेदार नहीं है। मैसूर के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, एनसीईआरटी में उन्होने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी के ग्रेस मार्क्स विवाद के लिए एनसीईआरटी कतई जिम्मेदार नहीं है। एनसीईआरटी ने अपनी वेबसाइट पर फाइनल टेक्स्ट बुक्स चार साल पहले वर्ष 2020 में ही अपलोड कर दी थी, इस संबंध में कोई कंफ्यूजन ही नहीं है।' उन्होंने कहा, 'एनसीईआरटी की अपडेटेड किताबें 2020 से ही प्रिंट और ऑनलाइन दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध हैं। हमें नहीं पता कि सवाल बनाने वालों ने 2020 से पहले की किताबों का रेफरेंस क्‍यों दिया। '

आपको बता दें कि इस बार नीट में रिकॉर्ड 67 अभ्यर्थियों ने टॉप किया। इन सभी स्टूडेंट्स को 720 में 720 अंक (99.997129  परसेंटाइल) प्राप्त हुए और सभी को रैंक 1 मिला। टॉपरों की भरमार और कटऑफ में भारी उछाल ने मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन को लेकर स्टूडेंट्स, पेरेंट्स की टेंशन बढ़ा दी। स्टूडेंट्स के अंक अधिक आए लेकिन रैंक में वे पिछड़ गए। देश भर में जब हंगामा हुआ तो एनटीए ने ठीकरा एनसीईआरटी बुक्स पर फोड़ा। एनटीए ने कहा कि एनसीईआरटी बुक्स में बदलाव के चलते टॉपरों की संख्या में इजाफा हुआ है। फिजिक्स के एक प्रश्न के दो उत्तर होने के चलते 44 अभ्यर्थियों के अंक 715 से बढ़कर 720 हो गए। 

एनटीए ने बताया कि नीट परीक्षा में केमिस्ट्री में एटॉम पर एक प्रश्न था। छात्रों को चार विकल्पों में से एक उत्तर चुनने के लिए कहा गया था, जिसमें यह बताया गया था कि प्रश्न में दिए गए दो कथनों में से कौन सा सही था। विवाद तब हुआ जब एनटीए ने प्रोविजनल आंसर -की पर आपत्तियों के बाद पाया कि दिए गए विकल्पों में से दो को एनसीईआरटी ने अपनी पुरानी और नई पुस्तकों में सही बताया था। दो उत्तर सही होने से इन स्टूडेंट्स को बोनस अंक मिले। अब एनसीईआरटी ने कहा है कि उसकी नई किताबें पिछले चार सालों से बाजार में है।

सकलानी ने एनटीए के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि नीट परीक्षा के सवाल आउट ऑफ सिलेबस थे। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि एनसीईआरटी टेक्स्ट बुक्स में इंडिया शब्द को भारत शब्द से रिप्लेस किया जाएगा।

Virtual Counsellor