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NEET UG विवाद के बीच जानें, पहली बार कब हुई थी परीक्षा, क्या था पुराना नाम?

NEET UG 2024 का रिजल्ट को लेकर विवाद अभी भी बना हुआ है। मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए नीट यूजी सबसे बड़ी परीक्षा है। आइए जानते हैं, इस परीक्षा की शुरुआत कब हुई थी और क्या है इसका इतिहास।

NEET UG विवाद के बीच जानें, पहली बार कब हुई थी परीक्षा, क्या था पुराना नाम?
neet ug 2024 results
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 18 Jun 2024 06:58 PM
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NEET UG 2024 का रिजल्ट जारी होने के बाद ये खबर लगातार चर्चा में बनी हुई है। जहां एक ओर उम्मीदवार कह रहे हैं, रिजल्ट फर्जी तरीके से जारी किया है, वहीं NEET UG परीक्षा में 67 छात्रों की ऑल इंडिया रैंक 1 आने क बाद पेपर लीक होने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस मुद्दे का स्पष्ट समाधान अभी भी खोजा जाना बाकी है। बता दें, हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET UG  का आयोजन करती है। इस परीक्षा के जरिए एमबीबीएस/बीडीएस जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है। जहां एक ओर नीट यूजी विवाद दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, इसी बीच हम आपको बताने जा रहे हैं, इस परीक्षा की शुरुआत कब हुई थी और क्या था इस पुराना नाम। यहां जानें- कुछ सवालों के जवाब।

सवाल- कितने लेवल पर होती है NEET परीक्षा?

जवाब- मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए NEET एक क्वालीफाइंग परीक्षा है। इसका परीक्षा को दो लेवल पहला अंडरग्रेजुएट (UG), दूसरा पोस्ट- ग्रेजुएट (PG) पर किया जाता है।

सवाल- NEET UG और PG का आयोजन किन कोर्सेज के लिए होता है।

जवाब- NEET UG में MBBS,BDS जैसे मेडिकल कोर्सेज के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है,वहीं NEET PG में  M.S और M.D जैसे मेडिकल कोर्सेज के लिए परीक्षा होती है। ये परीक्षा हर साल आयोजित की जाती है।

सवाल-  क्यों और कैसे शुरू की गई थी NEET एंट्रेंस परीक्षा?

जवाब- NEET एंट्रेंस परीक्षा की शुरुआत से पहले भारत में मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए अलग- अलग परीक्षाएं आयोजित की जाती थी। इनमें से AIPMT का आयोजन CBSE की ओर से किया जाता था, वहीं हर राज्य अलग- अलग मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करते थे। ऐसे में हर छात्र को हर साल एक से अधिक मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट देने पड़ते थे। जिस कारण छात्रों पर काफी दबाव बनता था और एप्लीकेशन फॉर्म की फीस और परीक्षा में शामिल होने के लिए उनका काफी खर्चा भी आता था। इस स्थिति को देखते हुए, छात्रों के टाइम को बचाने के लिए NEET परीक्षा की शुरुआत की गई थी। जिसके बाद से मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए अब NEET परीक्षा को क्लियर करने की जरूरत है।

सवाल-  किस समय हुई थी NEET एंट्रेंस परीक्षा की शुरुआत?

जवाब- साल 2012 से NEET आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन UG और PG मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्रों के लिए भारत भर में पहली बार 5 मई 2013 को NEET परीक्षा आयोजित की गई थी। इसकी घोषणा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने की थी। हालांकि उस समय कई राज्यों ने इस परीक्षा को लेकर असहमति जताई थी, जिसके बाद परीक्षा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया  था और साल 2014 और 2015 में इसका आयोजन नहीं हुआ था।

सवाल- किन परीक्षा को हटाकर की गई थी NEET की शुरुआत?

जवाब- NEET-UG ने ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMT) और राज्यों और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों द्वारा आयोजित कई अन्य प्री-मेडिकल परीक्षाओं का स्थान ले लिया था।  NEET से पहले AIPMT को मेडिकल एंट्रेंस के नाम से जाना जाता था। बता दें, आवेदकों की संख्या के मामले में यह भारत में सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है।

सवाल-  कितने भाषाओं में होती है NEET परीक्षा?

जवाब- NEET परीक्षा आयोजन वर्तमान में 13 भाषाओं में किया जाता है, लेकिन पहले ऐसा नहीं था। पहले नीट परीक्षा का आयोजन हिन्दी और इंग्लिश में किया गया था, लेकिन बाद में असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगु, उड़िया, मलयालम, कन्नड़, पंजाबी और उर्दू भाषाओं को जोड़ा गया।

 

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