ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News करियरNEET UG : बड़ा सवाल, आखिर 25 दिनों के बाद एनटीए ने दोबारा NEET आवेदन विंडो क्यों खोला?

NEET UG : बड़ा सवाल, आखिर 25 दिनों के बाद एनटीए ने दोबारा NEET आवेदन विंडो क्यों खोला?

NEET UG: Big question:नीट परीक्षा के आवेदन को लेकर एक बड़ा सवाल उठ रहा है। आखिर 25 दिनों के बाद एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने दोबारा आवेदन विंडो क्यों खोला? अब तक नीट के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ

NEET UG : बड़ा सवाल, आखिर 25 दिनों के बाद एनटीए ने दोबारा NEET आवेदन विंडो क्यों खोला?
neet 2024 exam today
Anuradha Pandeyवरीय संवाददाता,पटनाTue, 18 Jun 2024 06:52 AM
ऐप पर पढ़ें

नीट परीक्षा के आवेदन को लेकर एक बड़ा सवाल उठ रहा है। आखिर 25 दिनों के बाद एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने दोबारा आवेदन विंडो क्यों खोला? अब तक नीट के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ था। पहले आवेदकों के अनुरोध पर आवेदन की अंतिम तिथि को एक से दो दिन के लिए बढ़ाया जाता था पर नीट यूजी-2024 में तो सीधे 25 दिन बाद दोबारा मौका देकर एनटीए ने सबको चौंका दिया। नीट यूजी के आवेदन की तिथि 16 मार्च को ही समाप्त हो गई थी।

उम्मीदवारों को 18 से 20 मार्च तक नीट 2024 करेक्शन विंडो के माध्यम से अपने आवेदन में सुधार करना का मौका दिया गया। इसके करीब 25 दिनों के बाद दोबारा 9 और 10 अप्रैल को आवेदन का विंडो किस परिस्थिति में खोला गया? अभ्यर्थियों की मांग है कि अंतिम दो दिनों में जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया था उनका परीक्षा केन्द्र कहां था? उनके शहरों और परीक्षा केन्द्रों का नाम क्यों नहीं सार्वजनिक किए जा रहे हैं। एनटीए ने कई बिन्दुओं का स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। यही वजह है कि रिजल्ट पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं।

ईओयू को क्यों नहीं एनटीए कर रही सहयोग

मेडिकल परीक्षा विशेषज्ञ और शिक्षाविदों की मानें तो अब तक हुए जांच में जो मामले सामने आये हैं पटना पुलिस द्वारा पकड़े गए अभ्यर्थियों ने पूछताछ में कबूल किया कि एक दिन पहले प्रश्न-पत्र मिल गए थे। उन्हें खेमनीचक के किसी स्कूल में प्रश्न-पत्र का उत्तर रटवाया गया था। वहीं प्रश्न-पत्रों को रटवाने के बाद जला दिया गया। पांच मई को परीक्षा के दिन उन्हें पकड़ा गया था। मामले की जांच ईओयू कर रही है। एनटीए जांच में सहयोग क्यों नहीं कर रहा।

ग्रेस मार्क्स को लेकर भी है विवाद

मेडिकल परीक्षा विशेषज्ञ और गोल के निदेशक विपिन सिंह ने कहा कि नीट परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने रैंक-1 प्राप्त की। वहीं एनटीए की ओर से कुल अभ्यर्थियों को दिए गए ग्रेस मार्क्स को लेकर भी विवाद है। इसके अलावा जिन छात्रों को 718 और 719 अंक मिले हैं। ग्रेस बाद इस तरह के आउट नंबर नहीं मिलने चाहिए थे। वहीं नीट के प्रोस्पेक्टस में कहीं भी नॉर्मलाइजेशन का जिक्र नहीं किया था। इसकी जांच होनी चाहिए।

Virtual Counsellor